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बुधवार, 4 नवंबर 2020

देश में पहली बार पीठासीन पदाधिकारी बनी किन्नर मोनिका

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पटना . बिहार विधानसभा के दूसरे चरण में आपस में एक-दूसरे से सिर से जुड़ीं जुड़वां बहनें सबा और फराह ने भी वोट दिए.मतदान करने के बाद उन्होंने मतदाताओं से शत-प्रतिशत वोटिंग की अपील की थीं.कोरोना के भय के कारण मतदाता मतदान करने निकले नहीं.बख्तियारपुर में 56 % , दीघा में 33 % ,बांकीपुर में 35 %, कुम्हरार में 33.15 %, पटना साहिब में 49.50 %, फतुहा में 57.50 %, दानापुर में 48.50 %, मनेर में 61.50 %, और फुलवारी (एस सी) में 56.50 % मतदान हुआ.पटना में 46.57 % हुआ. मोनिका दास पहली ट्रांसजेंडर हैं, जिन्हें चुनाव के दौरान पीठासीन पदाधिकारी बनाया गया. राजधानी पटना के गांधी मैदान स्थित कालिदास रंगालय में बूथ संख्या 114 तथा 115 पर पीठासीन पदाधिकारी  बनाया गया था, जहां मोनिका ने काफी बेहतर तरीके से मतदान संपन्न कराया.चुनाव के दौरान मोनिका एक बूथ का पूरा कार्यभार संभाली. मतदान से लेकर मतदान की मॉनिटरिंग तक मोनिका की जिम्मेदारी निभायी. बता दें कि मोनिका पटना की निवासी हैं और कैनरा बैंक में ऑफिसर के पद पर कार्यकत हैं. बता दें कि सबा-फराह पटना के समनपुरा में रहती हैं. निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया पर जो प्रेरक कहानियां पोस्‍ट की हैं, उनमें 23 साल की सबा-फराह के भी नाम हैं.मंगलवार को दोनों वोटरों का उत्साह बढ़ाती रहीं.दोनों कहती हैं, जब हम वोट दे सकती हैं तो आप क्यों नहीं? इस बार निर्वाचन आयोग ने दोनों के लिए अलग-अलग वोटर कार्ड जारी किया है.दोनों पोस्टल बैलेट के जरिए कुछ दिन पहले मतदान कर चुकी हैं. सबा-फराह दीघा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता हैं. बिहार में प्रथम चरण में 16 जिलों के 71 विधानसभा सीटों पर 28 अक्टूबर को मतदान हुआ.कुल 1,066 उम्मीदवार की किस्मत ईवीएम में कैद हैं. इनमें से 319 प्रत्याशी पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.प्रथम चरण में 55.69 फीसदी मतदान हुआ. बिहार में  दूसरे चरण में 17 जिलों के 94 विधानसभा सीटों पर 03 नवम्बर को मतदान हुआ.1463  उम्मीदवार की किस्मत ईवीएम में कैद हैं. दूसरे चरण में 54.05 फीसदी मतदान किया गया है.लगभग सभी बूथों पर वोटर पूरे जोश में नजर आए.महिलाएं मतदान को लेकर खासा उत्‍साहित दिखीं.


बिहार में तीसरे चरण में 15 जिलों के 78 विधानसभा सीटों के लिए 07 नवम्बर को मतदान होना है. बेनीपट्‌टी, खजौली, बाबूबरही, बिस्फी, लौकहा, निर्मली, पिपरा, सुपौल, त्रिवेणीगंज(एससी), छातापुर, नरपतगंज, रानीगंज(एससी), फारबिसगंज, अररिया, जोकीहाट, सिकटी, बहादुरगंज, ठाकुरगंज, किशनगंज, कोचाधामन, अमौर, वायसी, कसबा, बनमनखी (एससी),  कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, महुआ, पातेपुर (एससी), कल्याणपुर (एससी), वारिसनगर, समस्तीपुर, मोरवा, और सरायरंजन.  इन 78 सीटों पर चुनाव वाल्मीकिनगर, रामनगर(सु.), नरकटियागंज, रूपौली, धमदाहा, पूर्णिया, कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर, मनिहारी (एसटी), बरारी, कोढ़ा(एससी), आलमनगर, बिहारीगंज, सिंहेश्वर (एससी), मधेपुरा, सोनबरसा (एससी),सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, दरभंगा, हायाघाट, बहादुरपुर, केवटी, जाले, गायघाट, औराई, बोचहा(एससी), सकरा (एससी), बगहा, लौरिया, सिकटा, रक्सौल, सुगौली, नरकटिया, मोतिहारी, चिरैया, ढाका, रीगा, बथनाहा(एससी), परिहार, सुरसंड, बाजपट्‌टी और हरलाखी है,  केवटी से अब्दुल बारी सिद्दीकी, बोचहां से रमई राम, हायाघाट से लालू यादव के करीबी भोला यादव, सुरसंड से सैयद अबु दोजाना, पातेपुर से शिवचंद्र राम, सहरसा से लवली आनंद, खजौली से सीताराम यादव, जोकीहाट से सरफराज आलम, मधेपुरा से चंद्रशेखर, परिहार से रीतु जायसवाल और मोरवा से रणविजय साहू। हरलाखी से भाकपा के रामनरेश पांडेय, रामनगर से कांग्रेस के राजेश राम, बेनीपट्टी से भावना झा, अमौर से अब्दुल जलील मस्तान, बिहारीगंज से शरद यादव की पुत्री सुभाषिणी यादव और मुजफ्फरपुर से बिजेन्द्र चौधरी की हार-जीत पर सबकी नजर रहेगी। तीसरे चरण में एनडीए की साख दांव पर लगी है, जहां जेडीयू सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर है. तीसरे चरण की 78 सीटों में से 45 पर एनडीए का कब्जा है, जिनमें से जेडीयू के पास सबसे ज्यादा 25 सीटें हैं और बीजेपी के पास 20 सीटें हैं. वहीं, दूसरी ओर महागठबंधन के आरजेडी के पास 18 और कांग्रेस के पास 10 सीटें है और पांच सीटें अन्य को मिली थी. अंतिम रण में चार गठबंधन के स्टार प्रचारक पूरी शक्ति लगा रहे हैं. मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर बल दे रहे हैं.

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