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गुरुवार, 12 नवंबर 2020

बिहार : राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात 243 विधायकों की सूची सौंप दी

बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2020 के परिणाम की घोषणा के उपरांत आज दिनांक 12.11.2020 को महामहिम राज्यपाल, बिहार को  निर्वाचित सदस्यों की सूची सौंपते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार श्री एच. आर. श्रीनिवास.... 

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पटना . चुनाव आयोग ने महागठबंधन की मांग खारिज कर दी है.केवल हिलसा विस की पुर्नजांच की गयी.पोस्टल बैलेट के अनुसार एनडीओ को बढ़त है.मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजभवन पहुंचकर  राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात 243 विधायकों की सूची सौंप दी. आरजेडी विधायक दल और महागठबंधन विधायक दल की संयुक्त बैठक में RJD विधायकों ने तेजस्वी यादव को अपना नेता चुना. बैठक में पहुंचे तेजस्वी यादव ने सबसे हाथ जोड़कर अपने नवनिर्वाचित विधायकों का स्वागत किया.तेजस्वी यादव को ही महागठबंधन का भी नेता चुना गया है.महागठबंधन के सभी नव निर्वाचित विधायकों से तेजस्वी यादव ने कहा कि हमलोगों ने मुद्दे पर चुनाव लड़ा,तो महागठबंधन लोगों के दिल में जाकर बस गये.हम लोगों के सहयोग से चुनाव जीते हैं.जनादेश महागठबंधन के पक्ष में आया मगर चुनाव आयोग का नतीजा एनडीए के पक्ष में आया.उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही धन्यवाद यात्रा करेंगे. राजद नेता तेजस्वी यादव 38,000 मतों से भी अधिक के अंतर से राघोपुर सीट से जीते. तीन बजे ही जीत गये थे. चुनाव परिणाम मंगलवार देर रात नौ बजे घोषित हुआ.चुनाव आयोग के मुताबिक तेजस्वी ने भारतीय जनता पार्टी के सतीश कुमार को 38,174 मतों से हराया. सर्वविदित है कि 243 विधानसभा चुनाव के मतदान ख़त्म होते ही तुरंत पोलिंग बूथ (Pooling Booth) से ईवीएम स्ट्रांग रूम नहीं भेजी जातीं. प्रीसाइडिंग ऑफिसर ईवीएम में वोटों के रिकॉर्ड का परीक्षण करता है. सभी प्रत्याशियों के पोलिंग एजेंट को एक सत्यापित कॉपी दी जाती है.पोलिंग बूथ से ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (electronic voting machines) को  स्ट्रांग रूम (Strong Room) में सुरक्षित रखी जाती है. निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार वोट की गिनती मंगलवार हुई. निर्वाचन आयोग के गाइडलाइन के अनुसार सबसे पहले पोस्टल बैलेट से पड़े हुए वोटों की गिनती होती है. जिसमें सर्विस वोटर के अलावा 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग तथा दिव्यांग व कोविड-19 के मरीजों ने वोट पोस्टल बैलेट के माध्यम से दिया था. पोस्टल बैलेट से पड़े हुए वोट की गिनती के बाद ईवीएम से मतगणना शुरू होगी.जानकारी के मुताबिक उम्मीदवार, एजेंट आदि के सहमति के बाद ईवीएम मशीन की सील तोड़ी जाती है, इसके बाद रिजल्ट वन बटन दबाया जाता है. इससे किस प्रत्याशी को कितने मत प्राप्त हुए हैं, उनके नाम के सामने अंकित हो जाता है. इसे प्रत्याशियों के एजेंट और काउंटिग में लगे कर्मचारी सभी ठीक से देखते हैं.परिणाम हॉल के प्रभारी और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के अस्सिटेंट रिटर्निंग अफसर अर्थात एआरओ को भेजा जाता है. एआरओ सभी प्रत्याशियों को मिले वोट को जोड़ कर एक राउंड का रिजल्ट तैयार कर उपायुक्त या जिलाधिकारी के पास भेजते हैं. सभी निर्वाचन क्षेत्रों से सभी राउंड्स का रिजल्ट आरओ के चेंबर में ही फाइनल होता है, इसके पश्चात प्रत्येक राउंड के परिणाम बताया जाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाती है. मतपत्रों की गिनती से पूर्व चुनाव अधिकारी ईवीएम को कैरी करने वाले केस और ईवीएम पर लगी कागज की मुहर की जांच करते हैं और अधिकारीगण यह सुनिश्चित कर लेते हैं कि ईवीएम से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है, तब वोटों की गिनती की प्रक्रिया आरंभ होती है.ईवीएम मशीन के रिजल्ट बटन को दबाने पर जो संख्या दिखाई देती है, उसे फॉर्म नंबर 17-सी में अंकित करना होता है. इस फॉर्म पर उम्मीदवारों के एजेंट का हस्ताक्षर करा कर फॉर्म नंबर 17-सी को रिटर्निंग अफसर को सौंप दिया जाता है.इसके बाद रिटर्निंग अफसर हर राउंड में मतों की गिनती दर्ज करता जाता है. इस नतीजे को हर राउंड के बाद ब्लैक बोर्ड पर दर्ज किया जाता है और लॉउडस्पीकर की मदद से उसकी घोषणा की जाती है.प्रत्येक राउंड के बाद प्राप्त नतीजों के बारे में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सूचना दी जाती है. यह सिलसिला मतगणना समाप्त होने के बाद तक चलता रहता है. 

बिहार चुनाव परिणाम आने के बाद से चुप रहे आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अब प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मैं बिहार के लोगों को धन्यवाद देता हूं.तेजस्वी यादव ने कहा, ''जनादेश महागठबंधन के पक्ष में था, लेकिन चुनाव आयोग का परिणाम एनडीए के पक्ष में आया. यह पहली बार नहीं हुआ है. 2015 में जब महागठबंधन बना था, तब वोट हमारे पक्ष में थे, लेकिन बीजेपी ने सत्ता हासिल करने के लिए बैक डोर एंट्री ली.''याद है बीजेपी तो चोर दरवाजे से सरकार में आई थी. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि हमें लोगों का समर्थन मिला, हम लोगों के दिल में है,हम जीते हैं,लेकिन राजग ने धन, छल और बल के जरिए चुनावी जीत हासिल की.आगे तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार की जेडी (यू) तीसरे स्थान पर रही. यदि उनकी (नीतीश कुमार) नैतिकता बची है तो उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए अपना लोभ छोड़ देना चाहिए. तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री मुंह में कालिक लगाकर राजनीति का अंत न करें.  तेजस्वी यादव ने कहा कि निर्वाचन आयोग के गाइडलाइन के अनुसार सबसे पहले पोस्टल बैलेट से पड़े हुए मतपत्रों की गिनती होती है.इस बार तो नियम की धज्जिया उड़ा दी गयी.चुनाव आयोग से हम मांग करते हैं कि उन सभी विधानसभा क्षेत्रों में डाक मतपत्रों की दोबारा गिनती हो जहां इनकी गिनती शुरू में नहीं अंत में की गई. 40 दिनों तक पोस्टल बैलेट रखा जाता है. उन्होंने कहा, ''हम 20 सीटों पर मामूली अंतर से हारे. कई विधानसभा क्षेत्रों में कम से कम 900 डाक मतपत्रों को रद्द कर किया गया.जब प्रत्याशी ने मांग किया किस आधार से रद्द किया गया.उनको संतुष्ट करना चाहिए पर नहीं कर सके.कितना रद्द किये हैं यह किसके इशारा से किया गया है.वीडियोग्राफी करके दूध का दूध पानी का पानी करें.यह चौंकाने वाली बात है कि NDA को महागठबंधन से केवल 12,270 वोट अधिक मिले और फिर भी वह 15 और सीटें जीतने में सफल रहा.'' विधानसभा चुनाव में बेहद रोमांचक मुकाबले में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले NDA ने 243 सीटों में से 125 सीटों पर जीत का परचम लहरा कर बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल किया है. महागठबंधन के खाते में 110 सीटें आई है.बीजेपी को 74 और जेडीयू को 43 सीटें मिली है. इसके अलावा सत्तारूढ़ गठबंधन साझीदारों में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को चार और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को चार सीटें मिली है.वहीं, विपक्षी महागठबंधन में आरजेडी को 75, कांग्रेस को 19, भाकपा माले को 12, भाकपा और माकपा को दो-दो सीटों पर जीत मिली.इस चुनाव में वामदलों और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन(एआईएमआईएम) को सबसे अधिक फायदा हुआ है. उन्हें पांच सीटें मिली है.एनडीए से अलग होकर अकेले चुनाव मैदान में उतरी चिराग पसवान की लोक जनशक्ति पार्टी एक सीट पर ही जीत हासिल कर सकी. बीएसपी और अन्य ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है.

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