फादर स्टेन स्वामी तलोजा जेल में बंद - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 17 नवंबर 2020

फादर स्टेन स्वामी तलोजा जेल में बंद

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मुम्बई. एल्गार परिषद के कथित माओवादी से संबंध रखने के मामले में गिरफ्तार 84 वर्षीय मानवाधिकार कार्यकर्ता (Human Right Activist)  फादर स्टेन स्वामी तलोजा जेल में बंद हैं. सरकार की नजर में जेसुइट प्रीस्ट फादर स्टेन स्वामी अर्बन नक्सलाइट हैं. जो तलोजा जेल में बंद हैं. वहां पर पार्किसन नामक रोग से पीड़ित हैं. उम्र के ढलान पर ढलने वाले लोगों को पार्किसन रोग से गुजरना पड़ता है.इसका तात्पर्य यह है यह ऐसे मानसिक रोग से है, जिसमें मानव शरीर में कपकपी, कठोरता, चलने में परेशानी होना, संतुलन और तालमेल इत्यादि समस्याएँ होती हैं. पार्किसन रोग की शुरूआत सामान्य बीमारी की तरह होती है, जो कुछ समय के बाद गंभीर रूप ले लेती है.मगर सरकार फादर की गंभीरता को नजरांदाज कर दे रही है. जानकारी के अनुसार पार्किजन रोग से पीड़ित फादर स्टेन स्वामी ने यहां एक विशेष अदालत (Special Court) में याचिका दायर करके अनुरोध किया है कि उन्हें पेय पदार्थ पीने के लिए जेल में एक ‘स्ट्रॉ' और ‘सिपर' मुहैया कराया जाए. स्वामी को जनवरी 2018 में पुणे के निकट भीमा कोरेगांव में हिंसा के संबंध में पिछले महीने रांची स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था. आरोपी ने वकील कृतिका अग्रवाल के जरिए शुक्रवार को एनआईए अदालत के समक्ष याचिका दायर कर स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए नवी मुंबई स्थित तलोजा जेल में स्ट्रॉ और सिपर मुहैया कराए जाने का अनुरोध किया. विशेष अदालत के न्यायाधीश डीई कोठालिकर ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से 26 नवंबर को मामले पर अपना जवाब दायर करने को कहा है. एनआईए के अधिकारियों ने कहा है कि जांच से पता चला है कि स्वामी भाकपा (माओवादी) की गतिविधियों में शामिल थे. एनआईए ने आरोप लगाया है कि वह समूह की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए ''षडयंत्रकारियों'' सुधीर धावले, रोना विल्सन, सुरेन्द्र गैडलिंग, अरुण फरेरा, वर्नन गोंसाल्वेस, हनी बाबू, शोमा सेन, महेश राउत, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबड़े के संपर्क में रहे हैं.


जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि स्वामी ने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए एक सहयोगी के जरिये धन भी हासिल किया था. इसके अलावा, वह भाकपा (माओवादी) के एक संगठन प्रताड़ित कैदी एकजुटता समिति (PPSC) के संयोजक भी थे. अधिकारियों ने कहा कि उनके पास से भाकपा (माओवादी) से संबंधित साहित्य और प्रचार सामग्री तथा उसके कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए संचार से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं. एनआईए ने पिछले महीने स्वामी समेत आठ लोगों के खिलाफ मामले में आरोप पत्र दायर किया था.इसे अस्वीकार फादर ने किया है. इस बीच अरुण फरेरा की मदद से जेल से खबर आयी है कि हालांकि मेरे पास बहुत से विवरण नहीं हैं, मैंने जो कुछ भी सुना है, उसके लिए मैं आप सभी का आभारी हूं.अपनी एकजुटता का समर्थन व्यक्त करने के लिए.फिलवक्त मैं एक सेल में रहता हूं.सेल लगभग 13 फीट x 8 फीट का है.इसमें एक साथ दो जन रहते हैं.इस सेल में एक छोटा बाथरूम और भारतीय कमोड के साथ एक शौचालय है. सौभाग्य से, मुझे एक पश्चिमी कमोड दिया गया है.कमोड कुर्सी वाला है.वहीं पर वरवारा राव, वर्नोन गोंसाल्वेस और अरुण फरेरा अन्य सेल में हैं. दिन में जब कक्ष और बैरक खोले जाते हैं, तो हम एक दूसरे से मिलते हैं. शाम 5.30 बजे से सुबह 06.00 बजे तक और दोपहर 12 बजे दोपहर 03.00 बजे तक है. जिस सेल में मैं बंद हूं.उक्त कक्ष में दो कैदियों के साथ बंद हूं। अरुण ने मुझे नाश्ता और दोपहर का भोजन करवाने का आश्वासन दिया है.वर्नोन ने स्नान के साथ अन्य कार्य कर मेरी मदद करते हैं.दो कैदियों को मेरे कपड़े धोने और रात के खाने के दौरान मदद करते हैं.मेरे घुटने के जोड़ों की मालिश करें. वे बहुत गरीब परिवारों से हैं.कृपया मेरे कैदियों को भी याद रखें.मेरी दुआओं में मेरे साथियों. तमाम बाधाओं के बावजूद मानवता के लिए तलोजा जेल में बंद हूं.

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