बिहार : 'अभद्र भाषा का प्रयोग किया, वह घोर निंदनीय' - Live Aaryaavart

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शनिवार, 28 नवंबर 2020

बिहार : 'अभद्र भाषा का प्रयोग किया, वह घोर निंदनीय'

पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि माननीय तेजस्वी यादव ने सदन में माननीय मुख्यमन्त्री श्री @NitishKumar जी के प्रति जिस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग किया, वह घोर निंदनीय है !छि: छि: ! क्या इसी राड़ी-बेटखउकी के लिए सदन है ?

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पटना. आज हमारी कल तुम्हारी देखो लोगों बारी बारी. आज नेता विपक्ष तेजस्वी यादव की बारी थी.बिहार  विधानसभा के पहले सत्र का अंतिम दिन भी हंगामेदार रहा. इस दौरान सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद चला.विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा.तेजस्वी ने कहा कि सत्ता पक्ष में चोर और बेईमान लोग हैं.एनडीए चोर दरवाजे से सत्ता में आया है.तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर निजी टिप्पणी भी की.कहा कि नीतीश कुमार को एक लड़का है, है भी या नहीं, और लड़की पैदा ना हो जाए इसी वजह से उन्होंने आगे बच्चे पैदा नहीं किए.मुख्यमंत्री जी पर यह शोभा नहीं देता कि वह दूसरों के बच्चों को गिनें.इस पर नीतीश कुमार का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. पहली बार नीतीश कुमार को इतना ज्यादा क्रोधित देखा गया.नीतीश ने तेजस्वी को कहा कि तुम भाई समान मेरे दोस्त के बेटे हो इसलिए कुछ नहीं कहता हूं.लालू को विधायक दल का नेता तक मैंने बनाया था, यह झूठ बोल रहा है इसपर कार्रवाई होनी चाहिए. तेजस्वी ने ऐसा नीतीश कुमार के चुनाव प्रचार का दौरान दिए बयान को याद दिलाते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद का नाम लिए बगैर यह बयान दिया था कि लड़के की चाहत में कुछ लोग अपने बच्चों का इतना बड़ा कुनबा बना लेते हैं. बता दें कि वैशाली जिले के महनार में चुनावी मंच से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस तरह से लालू यादव पर हमला किया, वो बेहद चौंकाने वाला रहा. आम तौर पर आप संयमित भाषा का इस्तेमाल करने वाले नीतीश कुमार हैं बेहद तल्ख दिखे.नीतीश कुमार ने चुनावी मंच से लालू प्रसाद यादव के 9 बच्चों पर कुछ ऐसा तंज कसा कि लोग भी हतप्रभ रह गए. अपने प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी सभा करने पहुंचे नीतीश कुमार ने कहा कि 8-8, 9-9 बच्चे पैदा करने वाले बिहार का विकास करने चले हैं.आगे सीएम ने कहा कि बेटे की चाह में कई बेटियां हो गईं. मतलब बेटियों पर भरोसा नहीं है. ऐसे लोग क्या बिहार का भला करेंगे. अगर यही लोगों के आदर्श हैं तो समझ लीजिए बिहार का क्या बुरा हाल होगा, कोई पूछने वाला नहीं रहेगा, सबका सब बर्बाद हो जाएगा. हम सेवा करते हैं और वे मेवा और माल चाहते हैं. इन्हीं कर्मों की वजह से अंदर जाते हैं.


विधानसभा में तेजस्वी ने कहा कि पिछले चुनाव में नीतीश कुमार कहते थे कि उन्हीं की वजह से राजद इतनी सीटें हासिल कर पाया.ठीक है... इस बार तो हम अपने चेहरे पर चुनाव लड़े थे और पिछली बार से दोगुने वोटों से जीत कर आए हैं. ये होता है चेहरे का कमाल.नीतीश कुमार तो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के साथ चुनाव लड़ रहे थे और आज तीसरे नंबर की पार्टी बनकर रह गए हैं.आज हम सबसे बड़ी पार्टी हैं. तेजस्वी ने घोटालों पर भी नीतीश सरकार को लपेटा.उन्होंने कहा कि सृजन घोटाला में 33 सौ करोड़ रुपए सरकारी खजाने से निकाले गए. मुख्यमंत्री जी बताएं कि आजतक इस घोटाले में संलिप्त एक भी व्यक्ति या नेता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई.अमित और प्रिया की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई.सीएजी की 2008-09 और आरबीआई की 2012 की रिपोर्ट मेरे पास है. इनकी सरकार में 15 साल में 7 घोटाले हुए. सुशील मोदी जब वित्त मंत्री थे तो उनके अकाउंट में करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ.इन घोटालों का हिसाब कौन देगा. तेजस्वी ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चुटकी लेते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण से बड़ा तो धन्यवाद प्रस्ताव था. उन्होंने चुनाव परिणाम को लेकर नीतीश कुमार निशाना साधते हुए  कहा कि पिछला चुनाव नीतीश कुमार के चेहरे पर नहीं जीते थे. इस बार के चुनाव में अपने बदौलत महागठबंधन को लगभग उतनी ही सीट मिली जीतना 2015 में मिली थी. नीतीश कुमार की पार्टी दुनिया के सबसे बड़े दल के साथ गठबंधन कर तीसरे नंबर पर चली गई.


तेजस्वी यादन ने हमला बोलते हुए आगे कहा कि साल 1991 में उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ. 25000 रुपया इन्होने जुर्माना दिया था,कन्टेन्ट चोरी के मामले में. मेवालाल को मंत्री बना दिये थे,अशोक चौधरी पर आरोप है उन पर कारवाई हो.  इतना कहना था कि नीतीश कुमार बेहद गुस्से में आकर नवनिर्वाचित अध्यक्ष विजय सिन्हा से कार्रवाई करने की मांग करने लगे.आरोपों से बौखलाये नीतीश कुमार ने सदन में बोलते हुए कहा कि हम अब तक चुप थे.यह हमारे बेटे के समान हैं.इनके पिताजी हमारी उम्र के हैं.ये झूठ बोलते हैं.नीतीश कुमार ने कहा कि जो चार्जशीटेड हैं, वो हम पर सवाल उठा रहे हैं. मेरे खिलाफ हत्या के एक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट लोग गए, लेकिन वहां से भी हार का सामना करना पड़ा. भला बताइए क्या हम यह काम कर सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर काम नहीं होना चाहिए. अध्यक्ष महोदय को भी चाहिए कि नियमों का उल्लंघन नहीं हो, ताकि सदन की गरिमा बनी रहे.नीतीश कुमार ने कहा एक वोट से भी जीत जीत होती है। किसी को कोई परेशानी है तो कोर्ट जाए.इसके बाद सत्तारूढ़ दल के विधायक अध्यक्ष के आसन्न के सामने आ गये.अध्यक्ष ने माननीय सदस्यों को आसन्न पर लौटने का आग्रह नहीं माने तो सदन को स्थगित कर दी गयी.   इसके बाद सदन में श्रवण कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया. उन्होंने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने पर धन्यवाद दिया.कहा कि बिहार में कानून का राज कायम है.यहां ना किसी को फंसाया गया, ना बचाया जाता है.समाज के वंचित, गरीबों के लिए हमने काम किया.उन्होंने कहा कि मिथिला में मखाना और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा.इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया.सदन के बाहर राजद और वाम दल के विधायकों ने धान खरीद को लेकर प्रदर्शन किया. भाजपा के ललन पासवान ने कहा कि मुझे प्रलोभन दिया गया जिसका मैंने पर्दाफाश किया. प्रलोभन देने वाले लोग ताकतवर हैं और मुझे आशंका है कि उनकी ओर से मेरे परिवार को शारीरिक और मानसिक नुकसान पहुंचाया जाए.इसलिए मुझे सदन की ओर से संरक्षण प्रदान किया जाए.मुझे धमकी दी गई, ये लोकतंत्र पर हमला है.


विधान परिषद में भी हंगामा, भावुक हुईं राबड़ी

उधर, विधान परिषद में राबड़ी देवी ने कहा कि आज बिहार के लोग परेशान हैं। पिछले 15 सालो में बिहार में सिर्फ झूठा विकास हुआ, हमारे 15 साल के शासन को चलने नहीं दिया गया। चारा घोटाला की साजिश के तहत फंसाया गया, जब चारा घोटाला पहले से हो रहा था फिर 1990 से जांच क्यों शुरू हुई। राबड़ी देवी ने कहा कि आज राजद विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है। सरकार की साजिश के कारण हमें कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। एनडीए ने अगर नीतीश कुमार के चेहरे पर चुनाव जीता तो जदयू को 42 सीटें ही क्यों आईं। इससे पहले, राबड़ी देवी सदन में खुद को अनपढ़ कहने पर भावुक हो गईं। कहा- पहले के दिनों में स्कूल नहीं थे इसलिए नहीं पढ़े। हमारे बाप-दादा ने नहीं पढ़ा तो हमारी की क्या गलती। लालू प्रसाद ने आवाज दी तो आज सबलोग पढ़ रहे हैं।


सुशील मोदी पर आरोप

विधान परिषद में उस समय हंगामा शुरू हो गया जब, राबड़ी देवी ने सत्ता पक्ष के सभी लोगों को दागी कह दिया। मंगल पांडेय ने राबड़ी देवी के बयान का विरोध किया। राबड़ी देवी ने यह भी कहा कि बिहार में आज रोजगार क्यों नहीं है, लोगो को नौकरियां क्यों नहीं मिल रही हैं। पूर्व सीएम ने कहा- आज लालू शासन को जंगलराज कहा जाता है पर आज किसपर आरोप नहीं है। कौन ऐसा व्यक्ति है जिसपर दाग नहीं लगा है। परिषद में उस समय सुशील मोदी और राबड़ी देवी आमने-सामने हो गए जब राबड़ी देवी ने सुशील मोदी पर आरोप लगाया कि पटना के लोदी रोड में मोदी की कई जमीन हैं। इस पर मोदी ने कहा कि अगर एक धुर भी जमीन होगी तो आपको दान दे दूंगा। राबड़ी देवी ने सुशील मोदी के लालू पर किए गए ट्वीट पर कहा कि कौन नेता है जो फोन नहीं करता है, सबका रिकॉर्ड हमारे पास है जो कहां किसको फोन करता है.

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