40 लाख लोगों का जीवन और 50 लाख करोड़ की संपत्ति बचाए सरकार : राठी - Live Aaryaavart

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सोमवार, 28 दिसंबर 2020

40 लाख लोगों का जीवन और 50 लाख करोड़ की संपत्ति बचाए सरकार : राठी

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नई दिल्ली। यूनिवर्स रिफॉर्म्स ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक अध्यक्ष पर्यावरण वैज्ञानिक श्याम सुंदर राठी ने राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री एवं निति आयोग समेत योजना से जुड़े मंत्रालयों को पत्र लिखकर अपने 30 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए पर्यावरण रक्षा के लिए व्यापक कदम उठाने की मांग सरकार से की है। अपने पत्र में श्याम सुंदर राठी ने कहा है कि प्रदुषण, जहरीला पीने का पानी , बाढ़, सुखाड़ आदि के कारण देश में प्रतिवर्ष 40 लाख से अधिक नागरिक मौत आगोश में समा जाते हैं। सरकार चाहें तो प्रदुषण, जहरीला पानिय जल, बाढ़ सुखाड़ से मरने वाले 40 लाख आम नागरिकों का जीवन बचा सकती है। इसके लिए सरकार को 5000 साल पुरानी जल भण्डारण वह उससे जुड़ी पनबिजली उत्पादन प्रणाली को त्यागकर 21वी शताब्दी की आधुनिक टैंक टेक्नोलॉजी वह उससे जुड़ी हुई अरविन्द कुमार विद्युत उत्पादन प्रणाली को अपनाना चाहिए । उन्होंने अपने शोध अनुभव को साझा करते हुए बताया कि मात्र 500 दिनों की छोटीसी अवधि में देश के प्रदुषण स्तर में गुणात्मक सुधार हो जाएगा और प्रदुषण से होने वाली मौते भी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि आधुनिक टैंक टेक्नोलॉजी से 3 वर्षो के भीतर सभी नागरिकों को ज़हर मुक्त शुद्ध पीने का पानी मिलने लगेगा जिससे असमय होने वाली मृत्यु को रोका जा सकेगा। 5 वर्षों में 100% जल सेचन की सुविधा के साथ देश को प्राकृतिक आपदा बाढ़ से मुक्ति मिल जाएगी। इससे प्रतिदिन बाढ़, सुखाड़, वह प्रदुषण के कारण प्रतिवर्ष 50 लाख करोड़ की संपत्ति उजड़ने से बच जाएंगी। गौरतलब है कि भारत विश्व में विज्ञान का महागुरु है। पर्यावरण वैज्ञानिक श्याम सुन्दर राठी ने अपनी वैज्ञानिकों की संस्था की ओर से  बीते 25 नवंबर को लालक़िले से देश के लिए सर्वकालीन महानतम वैज्ञानिक उपाधि की घोषणा की थी। हाल ही में 50 से अधिक वरिष्ठ पत्रकारों का एक प्रतिनिधि मण्डल देशवासियों के सामुहिक हितों की रक्षा करने के लिए 5000 साल पुरानी जल भण्डारण वह उससे जुड़ी हुई पनबिजली उत्पादन व्यवस्था का आधुनिकीकरण करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी को अनुरोध पत्र प्रदान कर चुके हैं। उन्होंने पत्र में कहा है कि सरकार जितनी जल्दी नई व्यवस्था ग्रहण करेंगी उतनी जल्दी 40 लाख बहु मुल्य जीवन वह देश की 50 लाख करोड़ की संपत्ति प्रतिवर्ष बच पाएंगी।

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