बिहार : संसदीय समितियों के गठन में भाकपा-माले के साथ हो रहा भेदभाव - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020

बिहार : संसदीय समितियों के गठन में भाकपा-माले के साथ हो रहा भेदभाव

माले ने कम से कम दो संसदीय समिति का सभापतित्व मांगा.

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पटना 11 दिसंबर, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने बिहार विधानसभा के अंदर संसदीय समितियों के गठन में भेदभाव का आरोप लगाया है और इससे संबंधित एक पत्र बिहार विधानसभा अध्यक्ष को लिखा है.  उन्होंने प्रेस बयान जारी करके कहा है कि विधानसभा की संसदीय समितियों का गठन प्रस्तावित है. लेकिन इस संदर्भ में हमारी पार्टी अथवा हमारे विधायक दल से अब तक किसी भी प्रकार की बातचीत तक नहीं हुई है, जिसके कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि फरवरी 2000 में गठित बिहार विधानसभा में हमारी पार्टी के 6 विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे थे. झारखंड बंटवारे के बाद हमारे पांच विधायक बचे, फिर भी हमारी पार्टी के तत्कालीन विधायक दल के नेता काॅ. रामनरेश राम को संसदीय समिति के सभापतित्व सहित कई अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेवारियां दी गई थीं. विदित है कि इस बार हमारे 12 विधायक चुनकर विधनसभा पहुंचे हैं. अतः हमारी मांग है कि स्थापित परंपराओं के अनुसार हमें कम से कम दो समितियों का सभापतित्व करने का अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह विधानसभा सचिवालय का दायित्व है कि वे हमें वर्तमान स्थिति से अविलंब अवगत करायें.

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