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रविवार, 13 दिसंबर 2020

दरभंगा : एलएनएमयू संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को जल्द मिलेगा मानदेय

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दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (लनामिवि) परिसर स्थित जुबिली हॉल में माननीय कुलपति प्रो सुरेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में संबद्ध महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं सचिवों की बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति महोदय ने कहा कि संबद्ध महाविद्यालय विश्वविद्यालय के अंतर्गत 50% से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान करती है। महाविद्यालय प्रबन्धन द्वारा वहां के शिक्षकों को भी शिक्षक की तरह सम्मान मिलना चाहिए। महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं सचिवों से उन्होंने कहा कि बहुत ही आश्चर्य का विषय है कि सरकार ने अनुदान के लिए राशि भेज रखी है परंतु महाविद्यालयों से जो प्रोफॉर्मा हस्ताक्षर करके आनी चाहिए वह विश्वविद्यालय को अद्यतन मात्र तीन महाविद्यालयों से प्राप्त हुआ है। अधिकांश महाविद्यालयों ने पूर्व में भुगतान के लिए निर्गत राशि का अद्यतन उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है। उन्होंने निर्देश दिया कि 1 सप्ताह के अंदर पूर्व में निर्गत राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र के साथ सभी महाविद्यालय प्रारूप को भरकर विश्वविद्यालय में जमा करें ताकि शिक्षकों कर्मचारियों का राज्य सरकार द्वारा निर्गत मानदेय उन्हें अविलंब उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि संबद्ध महाविद्यालयों में नियमानुसार 70% की राशि शिक्षकों कर्मचारियों के अनुदान मद में खर्च होनी चाहिए जिसका अनुपालन सभी महाविद्यालयों में नहीं हो रहा है ।उन्होंने इसका अनुपालन करने का निर्देश बैठक में जारी किया तथा कहा कि जो महाविद्यालय इसका कराई से पालन नहीं करेंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।


शासी निकाय की बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रति विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है परंतु अधिकांश महाविद्यालयों से शासी निकाय में लिए गए निर्णयों की प्रति विश्वविद्यालय को ना तो महाविद्यालय के सचिव/ प्रधानाचार्य द्वारा प्राप्त होते हैं ना ही विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय प्रतिनिधि ही प्राप्त कराते हैं। संबद्ध कॉलेजों में भी अंकेक्षण का प्रावधान है और अंकेक्षण कराकर उसकी रिपोर्ट विश्वविद्यालय में जमा किया जाना चाहिए जो यहां परंपरा से नहीं हो रही है। विगत दिनों सम्बद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों/कर्मचारियों द्वारा एक ही तरह के अनेकों आवेदन एक महाविद्यालय से बार बार प्रप्त होते हैं। आवेदन को विश्वविद्यालय में एक ही बार जमा करें उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अगर उस पर कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित कर्मचारी/ पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। आगे उन्होंने कहा कि चुंकि संबद्ध महाविद्यालयों का अनुदान परीक्षा फल आधारित है इसीलिए परीक्षा फल प्रकाशित होने के दो माह के अंदर ही अनुदान से सम्बन्धित अपने दावे विश्वविद्यालय में जमा कर दें जिसे विश्वविद्यालय जांच कर सरकार को ससमय भेजेगी ताकि सरकार द्वारा समय से अनुदान प्राप्त करने में कठिनाई नहीं हो। कुलसचिव डा मुश्ताक अहमद ने संबद्ध कॉलेज के नियम परनियमों का हवाला देते हुए स्वच्छ परंपरा कायम करने का अनुरोध सचिवों एवं प्रधानाचार्यों से किया। बैठक में कुलपति महोदय ने कुलसचिव को निर्देशित किया कि सभी सम्बद्ध महाविद्यालयों के भवन, वर्ग, प्रयोगशाला, उपस्कर एवं कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों की भौतिक जांच करें तथा प्रतिवेदन प्रस्तुत करें कि महाविद्यालय नियम परिनियम के अनुसार चल रहा है या नहीं। बैठक में वित्त पदाधिकारी श्री एफ रहमान ने भी वित्तीय अनुशासन कायम रखने के लिए गुर सिखाए। धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डा मुश्ताक अहमद ने किया। बैठक का संचालन महाविद्यालय निरीक्षक (विज्ञान ) डा रजी अहमद ने किया।

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