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बुधवार, 2 दिसंबर 2020

70 फीसद लोग मास्क पहनें तो कोरोना महामारी रुक सकती है

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पटना. कोरोना वायरस (कोविड-19) से पूरी दुनिया जूझ रही है। इस घातक वायरस से निपटने के लिए अभी तक कोई सटीक दवा या वैक्सीन मुहैया नहीं हो पाई है। ऐसे में बचाव के तौर पर मास्क पहनने, हाथ धोने और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कवायद में अध्ययनों की एक समीक्षा में यह दावा किया गया है कि अगर 70 फीसद लोग निरंतर मास्क पहनें तो कोरोना महामारी रुक सकती है। बिहार में मास्क नहीं पहनने वाले को दण्ड स्वरूप 50 रुपये लिया जा रहा है। उसमें मजिस्ट्रेट साहब और सिपाही जी सेटिंग करवाने में अधिक समय व्यत्तित कर रहे हैं । विवेक आनंद राष्ट्रवादी बनकर कहा कि इस नाते मैंने 20 रु में सेटिंग कराने की बजाय 50 रु राष्ट्रीय कोष में देने का निर्णय लिया । डिजिटल भारत के अंतर्गत paytm, google pay, phone pe से जुर्माना भरने की तकरीर को मजिस्ट्रेट साहब ने ये कहते हुए दरकिनार कर दिया, "आपका स्कूटी जब्त कर लेंगे तो कोर्ट से छुड़वाना पड़ेगा", कैश में चालान लगेगा । मुंह के मास्क के स्कूटी के संबंध पर आश्चर्य ना व्यक्त कर सका और ATM ढूंढने लगा । पास के किसी भी सरकारी/निजी/स्माल फाइनेंस बैंक के ATM में पैसे नहीं थे; एक्सिस बैंक, चड्डी फसी, एस बी आई, उत्कर्ष बैंक, पोस्ट आफिस पेमेंट बैंक, सेंट्रल बैंक, विजया बैंक, बैंक ऑफ बरोदा, बल्कि 30 तारीख से ही इन बैंकों के atm में पैसे नहीं हैं । पास के एक मोटर मैकेनिक को phone pe से 50 रु ट्रांसफर करके चालान कटवाया ।  बदले में दसटकिया मास्क देने के लिए एक निजी व्यापारी बैठा था । मजिस्ट्रेट साहब मूड़ी ऊपर उठा ही नहीं रहे थे जैसे उन्हें जबरदस्ती बिठा दिया गया हो ।  एक सिपाही चुपके से 20 रु लेता दिख गया । मेरी और सिपाही की नजरें चार हुईं तो सिपाही ने आगे बढ़ने का इशारा किया । मैंने भी चलते चलते कह दिया, "जातो गँवाईल आ भातो ना खाईल" 

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