कानपुर : अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन पर डाक टिकट जारी - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 31 दिसंबर 2020

कानपुर : अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन पर डाक टिकट जारी

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कानपुर। अबतक पोस्टल महान नेताओं, महापुरुषों और स्मारकों के चित्र डाक टिकट पर देखते रहे होंगे। लेकिन, कानपुर में बड़ा चौराहा स्थित प्रधान डाकघर से अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन [Don Chhota Rajan] और पूर्वांचल के माफिया मुन्ना बजरंगी [Munna Bajrangi] के नाम पर माई स्टैंप टिकट जारी कर दी गई है। मामला जब उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो खलबली मच गई। पोस्ट मास्टर जनरल ने डाक टिकट जारी करने वाले डाक सहायक को निलंबित कर दिया है और पूरे प्रकरण पर जांच बिठा दी है। प्रधान डाकघर के फिलेटली फिलेटली विभाग में रजनीश कुमार प्रभारी पद पर तैनात हैं, जो मॉय स्टैंप योजना के तहत आवेदन लेकर डाक टिकट जारी करते हैं। अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन और पूर्वांचल के माफिया मुन्ना बजरंगी के नाम पर माई स्टैंप टिकट जारी हुए हैं। इसमें पांच रुपये कीमत के 12-12 डाक टिकट छोटा राजन व मुन्ना बजरंगी के नाम वाले हैं। डॉन और माफिया के नाम से डाक टिकट का जारी होना विभाग के लिए मुसीबत बन गया है। पोस्ट मास्टर जनरल कानपुर परिक्षेत्र वीके वर्मा ने इसे विभागीय चूक माना है। वह कहते हैं कि प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर प्रभारी रजनीश को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही नोटिस जारी करके विभागीय कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है। विभाग में मॉय स्टैंप टिकट के आवेदन संबंधी सभी फाइलें मंगाकर जांच की जा रही है। पूरे प्रकरण के जांच के आदेश दिए गए हैं। एक साल पहले सीबीआइ ने छोटा राजन और उसके साथियों पर चार नए केस दर्ज किए थे। उसे होटल व्यवसायी बीआर शेट्टी की हत्या के प्रयास के मामले में मुंबई की एक अदालत ने 2012 में आठ साल कैद की सजा सुनाई थी। छोटा राजन इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद बताया जा रहा है। 25 अक्टूबर 2015 को छोटा राजन को इंडोनेशिया से पकड़ा गया था। बताया जाता है कि डी-कंपनी से जान का खतरा देखते हुए उसे जेल वार्ड परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। उसके और उसके सहयोगियों के खिलाफ हत्या, जबरन वसूली, अपहरण और दूसरों के बीच अवैध हथियार रखने समेत 80 से भी ज्यादा केस दर्ज हैं। वहीं कई मामले मुंबई पुलिस से सीबीआइ में स्थानांतरित भी हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी का खौफ लोगों में ही नहीं अपराधियों में भी था। बागपत जेल में उसकी हत्या कर दी गई थी। उस समय मुन्ना पर बड़ौत के पूर्व बसपा विधायक पर रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप था। यूपी के जौनपुर के पूरेदयाल गांव में उसका जन्म 1967 में हुआ था। उसने कक्षा पांच तक ही पढ़ाई की थी और फिर जरायम की दुनिया में कदम रख दिया था। जौनपुर के भाजपा नेता रामचंद्र सिंह की हत्या के बाद वह पूर्वांचल के बाहुबली मुख्तार अंसारी के गैंग में शामिल हो गया था। इसके बाद मुन्ना बजरंगी ने भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की 29 नवंबर 2005 को हत्या कर दी थी। यूपी समेत कई राज्यों में मुन्ना बजरंगी के खिलाफ केस दर्ज हुए। 29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने मुन्ना को मुंबई के मलाड इलाके में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया था कानपुर के प्रधान डाकघर से अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन और पूर्वांचल के बाहुबली मुन्ना बजरंगी का डाक टिकट भी मॉय स्टैंप योजना के तहत जारी कर दिया गया। हालांकि यह योजना विभाग ने आमजन के लिए यादों को सहेजने के लिए जारी की है। प्रधान डाकघर से अंडरवर्ल्ड डॉन और बाहुबली का डाक टिकट जारी हो जाना निश्चित ही विभागीय लापरवाही को दर्शाती है। जिस मॉय स्टैंप योजना के तहत यह डाक टिकट जारी कराए गए, वो आमजन के लिए यादें संजोने के लिए है। इस योजना का फायदा उठाकर बाहुबली और डॉन की तस्वीर वाला डाक टिकट जारी कराया जाना अब शहर की सुखियाँ बन गया हैं। हर किसी की जुबां पर है कि आखिर डाक घर में किसी ने फोटो को पहचाना क्यों नहीं, हालांकि मामले की जांच कराई जा रही है माॅय स्टैंप टिकट योजना डाक विभाग ने हाल ही में संचालित की है। इस योजना के पीछे का उद्​देश्य है कि लोग अपनी कुछ यादें संजोना चाहते हैं। इसमें बुजुर्गों समेत कई तरह की यादें जुड़ी होती हैं। इन यादों को हमेशा जीवंत रखने के लिए यह योजना लागू की गई है। इसमें कोई भी व्यक्ति डाक घर में आवेदन करके अपनी या अपने किसी अजीज की फोटोयुक्त डाक टिकट जारी करा सकता है। इस डाक टिकट पर मूल्य भी अंकित होता है और यह बिल्कुल अन्य डाक टिकट की तरह काम करता है। यह बिल्कुल पोस्टल स्टैंप की तरह ही होता है। एक बार में डाक विभाग 12 माॅय स्टैंप टिकट जारी करता है। इसमें तीन सौ रुपये का खर्च आता है। यदि आवेदक अधिक डाक टिकट जारी कराना चाहता है तो उसे अतिरिक्त शुल्क जमा करना पड़ता है। इसके बाद डाक विभाग संबंधित आवेदक का डाक टिकट प्रिंट कराकर देता है। डाकघर से अपना मॉय स्टैंप टिकट बनवाने के लिए आवेदन में जरूरी दस्तावेजों के साथ जानकारी देनी होती है। इसके लिए विभाग से एक फार्म मिलता है, जिसमें नाम, पता, ई-मेल, मोबाइल फोन नंबर समेत अन्य जरूरी जानकारी भरनी होती हैं। इसके अलावा आधार कार्ड समेत आइडी प्रूफ व एड्रेस प्रूफ की फोटो प्रति देनी होती है। इसके अलावा जिस व्यक्ति के तस्वीर वाली डाक टिकट जारी करानी होती है, उसके बारे में भी जानकारी देनी हाेती है। इसके लिए आवेदक को अपनी पूरी जानकारी के दस्तावेज भी जमा कराने होते हैं। एक शीट में सिर्फ 12 टिकट ही जारी हो सकती हैं। छोटा राजन और मुन्ना बजरंगी की डाक टिकट के लिए 600 रुपये का शुल्क दिया गया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि खुद को कल्याणपुर का निवासी बताने वाला युवक आया था और मॉय स्टैंप डाक टिकट जारी करने के लिए अावेदन करके शुल्क जमा किया था। पटल प्रभारी डाक सहायक ने आवेदन में दी गई तस्वीर वाली मॉय स्टॉम्प टिकट जारी कर दी। इसमें 12 टिकट डॉन छोटा राजन और 12 टिकट बाहुबली मुन्ना बजरंगी की तस्वीर वाली थीं।

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