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मंगलवार, 1 दिसंबर 2020

पटना एम्स में तीसरे फेज का वैक्सीन का ट्रायल पांच दिसम्बर से

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पटना। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने रविवार को पटना एम्स में कोरोना वैक्सीन के थर्ड पेज का ट्रायल शुरू होने से समीक्षा की। कहा- एम्स ने तीसरे फेज की तैयारी शुरू कर दी गई है। जल्द ही ट्रायल शुरू हो जाएगा। मौके पर उन्होंने डॉक्टरों व वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित किया। कहा-इसके लिए 250 से अधिक इनरोलमेंट हो चुका है। इससे पहले पटना एम्स में भर्ती पूर्व केंद्रीय मंत्री डाॅ. सीपी ठाकुर का हालचाल वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए लिया।जानकारी के अनुसार तीसरे फेज का वैक्सीन का ट्रायल पांच दिसम्बर से होगा। अश्विनी चाैबे ने कहा कि बिहार में आरटीपीसीआर से जांच की संख्या में बढ़ोतरी हो, इसके लिए केंद्र सरकार लगातार सहयोग कर रहा है। 17 जांच केंद्रों पर अपग्रेड करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। कमिश्नरी स्तर पर भी आरटीपीसीआर से टेस्टिंग की व्यवस्था बढाना संभव हो जाएगा। केंद्र के सहयोग से बिहार को एक को बास मशीन उपलब्ध कराई जा रही है। इससे टेस्टिंग की क्षमता में काफी बढ़ोतरी हो जाएगी। मालूम हो कि पटना एम्स को कोरोना के वैक्सीन का ट्रायल सेंटर है । भारत बायोटेक इंटरनेशनल ने इस वैक्सीन को बनाया है। वैक्सीन के ट्रायल के लिए देश के 12 संस्थानों को चुना गया है, जिसमें से एक पटना एम्स है। देश में कोरोना वैक्सीन का निर्माण दिसंबर तक होने की संभावना बढ़ गई है। जो नहीं हो सका।अभी वैक्सीन का परीक्षण चल ही रहा है। पटना एम्स में पहले चरण में 44 लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण सफल होने के बाद सोमवार से दूसरे चरण में 12 वर्ष तक के बच्चों और 65 वर्षो के बुजुर्गो पर परीक्षण शुरू हुआ था।एम्स पटना में 15 जुलाई से कोरोना वैक्सीन का मानव परीक्षण शुरू किया गया था। बिहार के 44 लोग शामिल हुए थे। प्रथम चरण में 18 से 55 वर्षो के लोगों पर ट्रायल किया गया जिसमें वैक्सीन का साइड इफेक्ट नहीं पाया गया।सकारात्मक नतीजे सामने आने के बाद दूसरे चरण के ट्रायल की अनुमति औषधि महानिदेशक ने दे दी।


पटना एम्स में 15 जुलाई को जिस व्यक्ति को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज 5 मिलीग्राम दी गई थी उसे 29 जुलाई को दूसरी डोज दी गई। वैक्सीन से प्रतिरोधक क्षमता का टेस्ट 12 और 26 अगस्त को किया गया तो एंटीबॉडी का समुचित विकास पाया गया। दूसरे चरण के परीक्षण में शामिल लोगों पर कोरोना के एंटीजन डोज के बाद सतत एंटीबॉडी की जांच कर डाटा एकत्र किया गया। ट्रॉयल सिर्फ वैसे लोगों पर किया गया जो संक्रमित नहीं थे। यदि किसी में एंटीबॉडी मौजूद था तो उन पर भी ट्रायल नहीं किया गया। कोरोना वैक्सीन के प्रथम चरण का ट्रायल देश में 375 लोगों पर किया गया । औषधि महानिदेशक ने दूसरे चरण में 750 की बजाए तब 380 लोगों को ही शामिल करने की अनुमति दी गयी थी। पहला और दूसरा ट्रायल पूरा करने के बाद तीसरे ट्रायल की तैयारी।पटना एम्स में पहले चरण में 46 लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल किया गया था। यह परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा। दूसरे चरण में 48 लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल किया गया। दोनों परीक्षण पूरी तरह से सफल रहे। तीसरे चरण के लिए आईसीएमआर की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा था। आईसीएमआर से हरी झंडी मिलने के बाद एम्स तैयारी में जुटा था। एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि दोनों चरणों के सफल ट्रायल के बाद अब तीसरे चरण की सफलता को लेकर काम किया जा रहा है। पांच दिसम्बर को ट्रायल होगा।

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