बिहार : जीटी रोड सहित सभी महत्वपूर्ण एनएच पर लगी मानव शृंखला - Live Aaryaavart

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शनिवार, 30 जनवरी 2021

बिहार : जीटी रोड सहित सभी महत्वपूर्ण एनएच पर लगी मानव शृंखला

  • वकीलों ने दिया समर्थन, महिलाओं की बड़ी भागीदारी

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पटना 30 जनवरी, तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ महागठबंधन के आह्वान पर आहूत मानव शृंखला का पूरे बिहार में असर देखा गया. आम लोगों ने इस कार्यक्रम को अपना समर्थन देते हुए लंबी-लंबी कतारें लगाईं. जीटी रोड सहित सभी राष्ट्रीय पथों, राज पथों पर भाकपा-माले व महागठबंधन के अन्य दलों ने अपनी ताकत दिखलाई. गया जिले में जीटी रोड यानि एनएच 2 पर बाराचट्टी से लेकर शेरघाटी तक लंबी मानव शृंखला आयोजित की गई. गया-डोभी मार्ग एनएच 83 पर बोधगया में आयोजित मानव शृंखला में सैंकड़ों की तादाद में किसानों की भागीदारी हुई. अरवल में एनएच 139 व एनएच 110 पर मानव शृंखला आयोजित हुई. इसमें लगभग एक हजार किसानों की भागीदारी हुई.जहानाबाद शहर में पटना-गया मुख्य मार्ग पर सड़क के किनारे-किनारे लंबी कतारें लगीं. सिवान जिले में इस आह्वान का खासा असर देखा गया. वहां शहर में कचहरी ढाला से जेपी चौक होते हुए बबुनिया मोड़ तक एक लंबी कतार लगी. शहर में ही आंदर ढाला से ओवरब्रिज होते हुए सिवान रेलवे स्टेशन तक भी मानव शृंखला आयोजित की गई. मैरवां में मैरवा धाम से गुठनी मोड़ तक, गुठनी चौराहा से सिवान रोड तक, दरौली चौराहा आदि तमाम जगहों पर लंबी कतारें दिखीं. गोपालगंज में गोपालगंज शहर में मौनियां चौक से पोस्ट आॅफिस तक शृंखला का आयोजन हुआ. भोरे प्रखंड मुख्यालय पर भी लंबी कतार लगी.


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समस्तीपुर के ताजपुर में ढोल, मंजीरे, डफली लेकर माले कार्यकर्ताओं व महागठबंधन के समर्थकों ने मानव शृंखला लगाई और फिर शहर में गाते-बजाते, कृषि कानूनों को वापस करने के नारे लगाते हुए आकर्षक मार्च भी निकाला. मार्च मंे महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय थी. समस्तीपुर शहर में कलेक्टेरियट के समीप कतार लगी. दरभंगा में एनएच 57 पर शिवधारा (बाजार समिति के समीप), जीवछ गाछ से मोरिया तक, जिला मुख्यालय में समाहरणालय के समक्ष और जाले कमतौल पथ पर कतारें लगाई गईं. लोहिया चरण सिंह काॅलेज के शिक्षक-कर्मचारियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आज की मानव शृंखला का समर्थन किया और सड़क पर उतर कर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया. मब्बी में मनरेगा मजदूर सभा के बैनर से ग्रामीण मजदूरों ने भी आज की मानव शृंखला का समर्थन किया और अपनी भागीदारी निभाई.


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मुजफ्फरपुर में जिला मुख्यालय सहित प्रखंड मुख्यालयों और कई गांव-पंचायतों में आज के कार्यक्रम को लागू किया गया. एनएच 57 पर बोचहां से लेकर गायघाट तक लगभग 10 किलोमीटर लंबी शृंखला बनाई गई. शहर में इंसाफ मंच के कार्यकर्ताओं ने लंबी कतारें सृजित कीं. सकरा, मुरौल, औराई सहित सभी प्रखंड मुख्यालयों पर भी कतारें लगीं. मुजफ्फरपुर-हाजीपुर हाईवे पर तुर्की करहनी के पास लंबी लाइन लगी. शहर के सराउंडिंग एरिया में भी कतारें लगाई गईं. भगवानुपर, जीरो माइल, रामदयालू चौक, गोबरसही आदि तमाम गोलबंरों के इर्द-गिर्द लोग खड़े हुए और तीनों कृषि कानूनों को वापस करने की मांग की. बेगूसराय में बेगूसराय व बलिया में एनएच 31 पर माले कार्यकर्ताओं ने कतारें लगाईं. तेघड़ा, नावकोठी आदि प्रखंड मुख्यालयों पर भी लोगों की लंबी कतारें देखी गईं. भागलपुर में एनच 80 और नवगछिया में एनएच 31 पर यह शृंखला लगी. खगड़िया में भी यह कार्यक्रम लागू हुआ.


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भोजपुर में आरा शहर में स्टेशन गोलबंर से नवादा चौक तक और जगदीशपुर व पीरो अनुमंडल कार्यालयों पर लंबी कतारों का आयोजन हुआ. बक्सर में एनएच 84 पर दो स्थानों ज्योति चैक व ब्रह्मपुर में शृंखला आयोजित हुई ,जिसमें हजारों किसानों की भागीदारी हुई. हिलसा में बड़ी संख्या में वकील समुदाय के लोग सड़क पर उतरे और मानव शृंखला का हिस्सा बनकर किसान आंदोलन का समर्थन किया. इंसाफ मंच के कार्यकर्ता भी आज के कार्यक्रम में पुरजोर तरीके से उतरे. हिलसा के अलावा कराय, इसलामपुर, एकंगर सराय, परवलपुर, थरथरी, नगरनौसा, चंडी, हरनौत आदि प्रखंड मुख्यालयों पर बड़ी संख्या में आम लोग मानव शृंखला में शामिल हुए. हाजीपुर में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर किसान नेताओं ने गांधी चौक पर एक दिवसीय उपवास व सत्याग्रह किया. त्रिमूर्ति चैक से समाहरणालय तक मानव शृंखला का भी आयोजन किया. सीतामढ़ी के परसौनी, बथनाहा, चुरौत और शहर में मेहसौली चैक से विशाल मानव शृंखला बनाई गई. चंपारण के सिकटा में मुस्लिम महिलाओं की व्यापक भागीदारी आज की मानव शृंखला में देखी गई. नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चलने वाले आंदोलन में शामिल महिलाओं ने किसान आंदोलन का समर्थन किया और वे मानव शृंखला की हिस्सा बनीं. पूर्णिया के रूपौली में माले कार्यकर्ताओं ने कतारें लगाईं. पालीगंज में पटना-औरंगाबाद रोड पर दसियों किलोमीटर की शृंखला बनी. फतुहा, दुल्हिनाबाजार, मसौढ़ी आदि प्रखंड मुख्यालयों पर भी कतारें लगीं. अन्य जिला मुख्यालयों पर भी आज का कार्यक्रम लागू हुआ. रोहतास, कैमूर, जमुई, लखीसराय, कटिहार, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, सारण, सुपौल आदि जिला मुख्यालय पर भी लाल झंडे का हुजूम दिखलाई पड़ा.

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