बिहार : चम्पारण का सुर दिल्ली तक मिलाने का प्रयास जारी - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 11 फ़रवरी 2021

बिहार : चम्पारण का सुर दिल्ली तक मिलाने का प्रयास जारी

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बंजारिया। बंजारिया प्रखण्ड के जटवा विद्यालय के निकट सिकरहना नदी के किनारे किसान महापंचायत के  चौथे दौर की बैठक आयोजित की गई।किसान महापंचायत की अध्यक्षता किसान  इकबालअहमद ने की और संचालन सज्जाद आलम ने किया।   बैठक में मोतिहारी बंजरिया और सुगौली प्रखंड के दर्जनों गांव से किसान प्रतिनिधि आए थे। यहां पर तिरवाहा- बहास किसान मजदूर संगठन नामक जन संगठन का निर्माण किया गया। मौके पर 11 सदस्यीय कमिटी का चयन  किया गया। साथ ही भारत की राजधानी के सीमा पर चल रहे कृषि कानूनों के विरोध में जारी आंदोलन का समर्थन करते हुए आंदोलन की कर्मभूमि रही चम्पारण की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए यहां के किसान भी कमर कस चुके हैं। इसके लिए 21 फरवरी को कोर कमेटी की बैठक में विस्तृत विमर्श किया जाएगा।  मुख्य वक्ता के रूप में अमर ने कहा कि क्षेत्र के किसान सदियों से उपेक्षित और प्रताड़ित हैं।  बाढ़ सुखाड़ जैसी समस्याओं से इन्हें हर वर्ष जूझना पड़ता है। जिसके कारण घर की संपत्ति के साथ साथ महाजन से लिए गए उधार भी चुकाने में अब मुश्किल होने लगी है। कारण बताते हुए किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि हमारे उपज का उचित मूल्य नहीं मिलना यह सबसे बड़ा कारण है। लेकिन खेती में आने वाले सारे सामग्रियों की बढ़ती हुई महंगाई एक बड़ा कारण के रूप में उभर कर सामने आ रहा है।  चंपारण के ऐतिहासिक सत्याग्रह का जिक्र करते हुए अशोक वर्मा ने कहा कि आज अगर खामोश रहे तो इतिहास हमें माफ नहीं करेगा। जरूरी है कि हम केंद्रीय सवालों के साथ-साथ किसानों की स्थानीय समस्याओं को भी अपने संगठन के माध्यम से उजागर करने की दिशा में अग्रसर हो।   सरपंच इलियास अली ने कहा कि यहां के बंद पड़े चीनी मिलों के कारण चकिया मोतिहारी यहां गन्ना किसानों को खासा परेशानी हो रही है। इसलिए सरकार जितना जल्द हो सके मोतिहारी और चकिया चीनी मिलों को शुरू करें साथ ही कृषि के सिंचाई वास्ते क्षेत्र की प्राकृतिक नदी नालों पोखर तालाब उड़ाही के साथ-साथ बड़े पैमाने पर बाढ़ से बचाव हेतु फ्लड फाइटिंग का काम समय रहते आरंभ किया जाना चाहिए।  प्रह्लाद प्रसाद  ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र पिपरा कोठी का लाभ जिले के सभी किसान परिवारों तक पहुंचाने की कोशिश या उसकी प्लानिंग कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किया जाना चाहिए। कृषि विभाग  और  सिंचाई विभाग से जुड़े योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाना की योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने ने कहा कि चंपारण की उर्वरा भूमि को और भी इस मज़बूत कर  उत्पादन को बढ़ाया जा सकता  है। इसकी जानकारी ग्रामीण स्तर पर किसानों को दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि शहर और राजधानी की सड़कें को चमचम जरूर बन गई है किंतु गांव को जोड़ने वाली सड़कें बाढ़ के कारण आज भी क्षतिग्रस्त है। अतः ग्रामीण विकास सड़क निर्माण की दिशा में शीघ्र कदम उठाए। आज के किसान महापंचायत में इस सरीखे मुद्दे और भी उभर कर सामने आये। वही संबोधित करने वालों में वरिष्ठ पत्रकार अशोक वर्मा ,सामाजिक कार्यकर्ता हामिद रजा, कृष्णा कुमार, सरपंच इलियास अली,विशुनदेव सहनी,मनकेश्वर प्रसाद, प्रह्लाद प्रसाद,जयप्रकाश यादव,कलावती देवी, सोनी देवी, मीना देवी, रेणु देवी, नागेन्द्र पासवान, ज्ञानती सेवी, पिंकी देवी, अहसन जया सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया।

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