सोनीपत, 03 फरवरी, ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर धार्मिक ध्वज फहराये जाने की घटना से थोड़ा डगमगाने के बाद कुंडली बार्डर पर किसानों का कारवां एक बार फिर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर हुई घटना से आहत बहुत से किसान वापस घर लौट गए थे। इससे आंदोलन स्थल पर किसानों और ट्रैक्टरों की संख्या बहुत कम हो गई थी। आंदोलन स्थल प्याऊ मनियारी से आगे तक शिफ्ट हो गया और रसोई गांव के आसपास का क्षेत्र खाली हो गया था, लेकिन एक बार फिर से किसानों के पहुंचने के कारण 26 जनवरी से पहले वाली स्थिति लौटने लगी है। आंदोलनकारियों का पड़ाव करीब 13 किलोमीटर तक फैल गया है हालांकि इस बार इनमें हरियाणा के किसान ज्यादा नजर आ रहे हैं। उधर, स्थानीय किसान नेता गांव-गांव किसानाें से आंदोलन और छह फरवरी को घोषित चक्का जाम में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। इस अपील का असर है कि आसपास के विभिन्न गांवों से ट्रैक्टर-ट्रालियों में किसानों का पहुंचना जारी है।आंदोलन को विभिन्न खापों का समर्थन मिलना जारी है। बुधवार को गहलावत खाप ने कृषि कानून विरोधी आंदोलन का समर्थन किया। खाप प्रधान सतबीर नंबरदार के नेतृत्व में लगभग 100 से ज्यादा ट्रैक्टरों का काफिला फरमाना गांव में इकट्ठा हुआ और सिलाना, सिसाना, खरखौदा, पीपली टोल प्लाजा होते हुए केएमपी एक्सप्रेस-वे से कुंडली बार्डर पर पहुंचा। खाप प्रधान ने कहा कि जब तक इस कानून को रद्द नहीं किया जाता, तब तक वे आंदोलन में शामिल रहेंगे।
गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021
कुंडली बार्डर पर तेजी से बढ़ रहा है किसानों का कारवां
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