पटना : मच्छर भगाने के फाईटर जलाकर रखते हैं - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 21 फ़रवरी 2021

पटना : मच्छर भगाने के फाईटर जलाकर रखते हैं

fight-with-mosquito-patna
पटना। पटना नगर निगम के वार्ड नम्बर 22 A में रहवासी मच्छरों के आंतक से परेशान हैं. इस वार्ड के वार्ड पार्षद हैं दिनेश कुमार. वार्ड पार्षद दिनेश कुमार  मच्छर मारों अभियान करवाना जरूरी है.अब बिहार विधानसभा चुनाव का समय नहीं है.जब था तो प्रत्याशियों ने उछल-उछल कर मच्छर उन्मूलन की जिम्मेदारी लेते रहे. उस समय सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय और भाजपा प्रत्याशी संजीव चौरसिया ने लोकतंत्र के राजा (चुनावी अवधि) को कष्ट न पहुंचे उसको लेकर सचेत रहते थे.जबकि चुनाव समाप्त हो गया तो उसके साथ फॉगिंग करवाना बंद हो गया है.भाजपा के संजीव चौरसिया ने दीघा विधानसभा से चुनाव जीत गये हैं.काम निकल गया दुख बिसर गया है सोचकर विश्राम कर रहे हैं. यह हाल केवल एक वार्ड का नहीं हैं बल्कि 75 वार्डस का है.शहरवासी मच्छरों का प्रकोप झेल रहे हैं. उनका जीना मुहाल हो रहा है. हालत यह है कि मच्छरों के आतंक से लोग दिन में भी मच्छर भगाने के फाईटर जलाकर रखते हैं.जी हां, शहर के 60 हजार मकानों में रहने वाले पांच लाख लोग अब रात ही नहीं, दिन में भी उनका दंश झेल रहे हैं. वे मलेरिया, कालाजार, डेंगू, जापानी इंसेफेलाइटिस जैसे रोगों के शिकार हो रहे हैं. मच्छरों पर नियंत्रण की जिम्मेदारी पटना नगर निगम एवं मलेरिया विभाग की है.लेकिन, निगम मच्छर मारने की जगह मक्खी मार रहा है और मलेरिया विभाग का तो भगवान ही मालिक है.उसने कभी भी शहरी क्षेत्र में अभियान चलाना जरूरी नहीं समझा. निगम ने अभियान चलाने के नाम कई बार लाखों रुपये के उपकरण तो खरीदे, लेकिन उनका उपयोग नाममात्र के लिए किया गया. अधिकतर उपकरण वर्कशॉप की शोभा बनकर रह गए. मच्छर उन्मूलन न निगम के एजेंडे में शामिल रहा और न ही बजट में कभी इसके लिए राशि का प्रावधान किया गया.निकाय चुनाव के समय वार्ड पार्षदों ने अपने एजेंडे में शहर को मच्छरों से मुक्ति दिलाने की घोषणा सबसे ऊपर रखी थी.लेकिन, पार्षद बनने के बाद वे एक मच्छर भी नहीं मार सके.शहर की सरकार, मच्छर उन्मूलन अभियान है दरकार. बिहार के उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री तारकिशोर प्रसाद है.मंत्री महोदय बीजेपी के हैं. मालूम हो कि एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सीधी जिले में प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में ओवरहेड टंकी से पानी बहने और मच्छरों की वजह से सोने में हुई.तो मुख्यमंत्री चौहान ने जिसके कारण अधिकारियों के घोर लापरवाही बरतने के लिए एक सब इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.आपको मच्छर काटे तो शासकीय अधिकारी- कर्मचारी निलंबित कर दिये.इनसे बिहार के उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री तारकिशोर प्रसाद को सीख लेनी चाहिए यहां तो लाखों लोग बेहाल हैं.कार्यवाही करने की जरूरत है. फॉगिग मशीन है और आदमी भी हैं.पर नालियों में दवा का छिड़काव स्प्रे मशीन से नहीं हो रहा है.

कोई टिप्पणी नहीं: