बिहार : स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने तेजस्वी यादव पर तंज कसा - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 16 फ़रवरी 2021

बिहार : स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने तेजस्वी यादव पर तंज कसा

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पटना. देश के अधिकांश राज्यों की तरह बिहार में भी RTPCR की तुलना में रैपिड एंटीजेन किट से ज्यादा जाँच करायी गई. कोविड-19 से संबंधित (एंटीजेन किट सहित) की पूरी सूचना बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर काॅ0 लि0 की वेबसाइट पर उपलब्ध है,जो विभाग के पारदर्शिता को स्पष्ट करता है. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने तेजस्वी यादव पर तंज कसा है.उन्होंने सोमवार को कहा कि कोरोना काल में गायब रहे.चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने अथक परिश्रम से बिहार में कोरोना को रोकने में सफलता प्राप्त की.स्वास्थ्य मंत्री के नाते मैं और मेरे वरीय अधिकारी अस्पताल-अस्पताल घूम कर कोरोना मरीजों की चिंता करते रहे. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विगत 11 महीनों में बिहार के चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों ने अथक परिश्रम और प्रयास कर बिहार में कोरोना के संक्रमण को रोकने में काफी हद तक सफलता प्राप्त की.कोरोना के प्रारंभ से ही बिहार में मृत्यु दर पूरे देश की तुलना में काफी कम 0.55% के करीब रहा साथ ही रिकवरी रेट हमेशा देश में सर्वाधिक के करीब रहा. बिहार की बनती हुई छवि और बेहतर प्रदर्शन नेता प्रतिपक्ष को कभी पचा नहीं.अब नेता प्रतिपक्ष बयानवीर बन रहे हैं.उन्हें कोरोना मरीजों की चिंता थी या उसमें किसी प्रकार की शिकायत की आशंका थी, तो उस वक्त  नेता प्रतिपक्ष को भ्रमण करने में क्या परेशानी थी. कोरोना जांच के संबंध में हुई डाटा इंट्री की गड़बड़ी की जानकारी जैसे ही प्राप्त हुई, विभाग ने उसी दिन मुख्यालय स्तर से 10 टीम बनाकर राज्य के सभी 38 जिलों में जिला प्रशासन से बात कर जांच के आदेश के साथ त्वरित कार्रवाई की गई.आगे भी किसी की गलती सामने आयेगी तो उसे भी दंडित किया जायेगा. मंगल पांडेय ने कहा कि जहां तक कोविड-19 की जांच का प्रश्न है.प्रारंभिक समय में बिहार में आरटीपीसीआर कोरोना जांच की क्षमता नहीं थी. निरंतर प्रयास कर सभी मेडिकल कॉलेजों में आरटीपीसीआर लैब व जांच की व्यवस्था हुई, जिसके आलोक में आरटीपीसीआर की क्षमता पुल टेस्टिंग के साथ 20 हजार प्रतिदिन हो गई.आरटीपीसीआर के अलावा प्रत्येक जिले में भी ट्रू नेट मशीन के जरिये जांच की व्यवस्था की गई है. रैपिड एंटीजेन किट से जांच की व्यवस्था मुख्यतः तीन स्थानों पर थी, जिसमें स्वास्थ्य संस्थान, कंटेनमेंट जोन (प्रत्येक घर) एवं बाढ़ आपदा राहत शिविर शामिल था. साथ ही दशहरा, दीपावली और छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के अवसर पर संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सब्जी मंडी में जांच की विशेष व्यवस्था की गई.

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