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शनिवार, 6 मार्च 2021

ब्रांड नहीं देश को जनऔषधि की है जरूरत : आशुतोष

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नई दिल्ली (आर्यावर्त संवाददाता) जनऔषधि दिवस की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए जेनमैन आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि देश को ब्रांडेड दवाइयों के जाल से मुक्त कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जेनरिक दवाइयों को ही ब्रांड के रूप में बाजार बेच रहा है और 500 से 1000 फीसद तक का मुनाफा कमा रहा है। उन्होंने कहा कि इस लूट से बचने का एक मात्र उपाय है जनऔषधि केन्द्रों का विस्तार है। तीसरे जनऔषधि दिवस की पूर्व संध्या पर बोलते हुए स्वस्थ भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक श्री आशुतोष ने बताया कि जब उनके साथियों ने 2012 में ‘जेनरिक लाइए पैसा बचाइए’ कैंपेन शुरू किया था तब देश में जेनरिक दवाइयों को लेकर जागरूकता की बहुत कमी थी, लेकिन अब लोग जागरूक होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनऔषधि ही एक विकल्प है जो देश को महंगी दवाइयों से आजादी दिला सकता है। भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे जनऔषधि योजना जिसे अब प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के नाम से जाना जाता के 13 वर्षों के इतिहास के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना 2014 तक देश को महज 99 चलित जनऔषधि केन्द्र दे पाई थी, जबकि फरवरी-2021 तक के आंकड़ों के हिसाब से देश में इस समय 7400 से ज्यादा जनऔषधि केन्द्र हैं। जनऔषधि को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 21000 किमी की स्वस्थ भारत यात्रा करने वाले स्वस्थ भारत (न्यास) के चेयरमैन स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्री आशुतोष ने कहा कि पिछले दो वर्षों में जनऔषधि के कारण देश की गरीब जनता का 6000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार को देश के सभी पंचायतों में एक जनऔषधि केन्द्र अनिवार्य रूप से खोलना चाहिए ताकि महंगी दवाइयों से आजादी मिल सके।

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