बिहार : भारी हंगामे के बाद बिहार पुलिस विधेयक पारित - Live Aaryaavart

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बुधवार, 24 मार्च 2021

बिहार : भारी हंगामे के बाद बिहार पुलिस विधेयक पारित

  • नीतीश ने कहा-विपक्ष ने सदन की गरिमा का किया हनन

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पटना 23 मार्च, बिहार विधानसभा में आज विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे और सभाध्यक्ष को अपने कक्ष से बाहर नहीं निकलने देने के अमार्यादित व्यवहार के बाद जहां बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस संशोधन विधेयक, 2021 पारित हो गया वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर हमला बोला और कहा कि यह सदन की गरिमा का हनन है। श्री कुमार ने विधानसभा में मंगलवार को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस संशोधन विधेयक, 2021 पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्षी दल के सदस्यों ने बिना किसी उचित कारण के इस विधेयक काफी हायतौबा मचाया है। उन्होंने कहा कि बिहार में महाबोधि मंदिर और दरभंगा हवाईअड्डा जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से यह विधेयक सदन में लाया गया है। इस विधेयक में ऐसा कुछ भी नहीं है कि विपक्ष को आपत्ति हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों में ठीक ऐसे ही कानून अस्तित्व में है। विशेष सशस्त्र पुलिस महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को आपराधिक तत्वों से पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने वरीय अधिकारियों के साथ बैठक में स्वयं इस विधेयक के सभी पक्षों पर चर्चा की है। सरकार ने अपनी ओर से सभी आवश्यक कदम उठाए हैं ताकि इस विधेयक में कोई कमी न रहे।


मुख्यमंत्री  ने कहा कि विपक्षी सदस्यों को सदन में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान अपनी आपत्तियों को उठाना चाहिए था। सरकार उनकी सभी आपत्तियों का निराकरण करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “सदन में आज जो हुआ ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। मैं पहली बार वर्ष 1985 में विधानसभा और वर्ष 1989 में लोकसभा के लिए चुना गया था। इसके बाद वर्ष 2005 में मैं बिहार का मुख्यमंत्री बना और उसके बाद से सदन में ऐसा कभी नहीं हुआ।” सभाध्यक्ष के कक्ष के समक्ष विपक्ष के धरने के दौरान उन्हें बाहर नहीं निकलने देने के कारण सदन की कार्यवाही निर्धारित अपराह्न 4:30 बजे से शुरू नहीं हो सकी। मार्शल के लगातार प्रयास के बाद भी जब धरना पर बैठे विपक्ष के सदस्य सभाध्यक्ष को अपने कक्ष से बाहर निकलने देने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस बल का प्रयोग कर उन्हें बाहर निकाला गया। इस दौरान लगभग तीन घंटे तक सदन की कार्यवाही नहीं चल पाई और जब फिर से सभा की बैठक शुरू हुई तब विपक्ष के सदस्यों ने पुलिस संशोधन विधेयक को लेकर नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए। इसके बाद विपक्ष की अनुपस्थिति में  बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस संशोधन विधेयक, 2021 को सदन में ध्वनिमत से पारित किया गया।


विपक्षी दल के सदस्यों ने इस विधेयक के विरोध में सभाध्यक्ष कक्ष के द्वार पर धरना दिया, जिससे उनका बाहर निकलना मुश्किल हो गया। इससे अपराह्न 4:30 बजे सभा की कार्यवाही नहीं हो पाई। इसके बाद अगले तीन घंटे तक सभा की कार्यवाही शुरू नहीं हो पाई। सदन में बिहार राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2021, पटना विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2021, बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक, 2021 और बिहार पंचायतीराज संशोधन विधेयक, 2021 के साथ ही अन्य विधेयक पारित किए गए। विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करने से पूर्व सभाध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने विपक्षी सदस्यों के आचरण पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसे अत्यंत निंदनीय बताया। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी विपक्ष के व्यवहार पर दुख प्रकट करते हुए सदन में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सभाध्यक्ष को उनके किसी भी कदम का सरकार की ओर समर्थन देने का आश्वासन दिया। इसके बाद सभा की कार्यवाही बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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