बिहार में मातृभाषा में दी जाएगी प्राथमिक शिक्षा : शिक्षा मंत्री - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 4 मार्च 2021

बिहार में मातृभाषा में दी जाएगी प्राथमिक शिक्षा : शिक्षा मंत्री

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पटना 03 मार्च, बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने राज्य में बच्चों को उनकी मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा दिए जाने की आज घोषणा की। श्री चौधरी ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए शिक्षा विभाग की बजट मांग पर हुई चर्चा के जवाब में कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों को मातृभाषा में शिक्षा दिए जाने की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि मातृभाषा में शिक्षा दिए जाने से बच्चों की प्रतिभा निखर कर सामने आती है। मंत्री ने कहा कि यह संयोग है कि 04 मार्च को महान लेखक फणीश्वरनाथ रेणु के जन्म का शताब्दी वर्ष है। राज्य के बच्चों की प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में कराए जाने का सरकार का फैसला राष्टपिता महात्मा गांधी और फणीश्वरनाथ रेणु को समर्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से मिथिला के बच्चों को मैथिली और भोजपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों को भोजपुरी भाषा में शिक्षा दी जाएगी। श्री चौधरी ने कहा कि सभी धर्म में शिक्षा के महत्व का उल्लेख किया गया है। सरकार राज्य के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि सुसंस्कृत समाज का निर्माण हो सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इसे इस तथ्य से समझा का सकता है कि इस बार के कुल बजट की राशि में से 21.94 प्रतिशत के आवंटन का प्रस्ताव शिक्षा विभाग के लिए किया गया है। मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति में प्रत्येक राज्य को अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का छह प्रतिशत शिक्षा के लिए खर्च करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि बिहार पहले ही शिक्षा क्षेत्र पर जीएसडीपी का छह प्रतिशत व्यय करने का लक्ष्य हासिल कर चुका है। श्री  चौधरी ने कहा कि शिक्षकों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिया है। साथ ही उनकी शिकायतों का शीघ्र समाधान करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज के निर्माण में शिक्षकों का अहम योगदान होता है और युवा पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना उनका लक्ष्य होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि सरकार का लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर है। उन्होंने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयास की बदौलत लड़कियों को अपने सपने पूरे करने के लिए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहा कि सरकार बच्चों के स्कूल जाने के लिए  मध्याह्न भोजन, पोशाक एवं साइकिल योजना समेत कई स्कीम पर बड़ी राशि खर्च कर रही है। इसके बाद सदन में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए शिक्षा विभाग की 38035.92 करोड़ रुपये की बजट मांग को ध्वनिमत से पारित किया गया।

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