सीमांत गांधी की आत्मकथा अंग्रेजी मे प्रकाशित - Live Aaryaavart

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शनिवार, 6 मार्च 2021

सीमांत गांधी की आत्मकथा अंग्रेजी मे प्रकाशित

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नयी दिल्ली, छह मार्च, पहले 1983 में पश्तो भाषा में प्रकाशित स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल गफ्फार खान की आत्मकथा अब अंग्रेजी में आयी है। प्रकाशन घर रोली बुक्स ने यह घोषणा की है। ‘‘द फ्रंटियर गांधी: माई लाईफ एंड स्ट्रगल’’ नामक इस पुस्तक का पाकिस्तानी नौकरशाह और लेखक इम्तियाज अहमद शाहिबजादा ने अनुवाद किया। यह पहली बार है कि खान की आत्मकथा अंग्रेजी में उपलब्ध है। इससे पहले उनके जीवन का इतिवृत 1969 में इसी शीर्षक से अंग्रेजी में प्रकाशित हुआ था। वह उनसे किये गये साक्षात्कारों पर आधारित था । शाहिबजादा ने पुस्तक में लिखा है, ‘‘ बादशाह खान ने महसूस किया कि उनके जीवन और संघर्ष का 1969 का इतिवृत पूरा नहीं है और उन्होंने उसके बाद कई सहयोगियों की मदद से अपनी आत्मकथा लिखना आरंभ किया । इस तरह, पहली बार बादशाह खान की आत्मकथा 1983 में पश्तो भाषा में काबुल में प्रकाशित हुई। यह पुस्तक उनके द्वारा लिखी गयी आत्मकथा का अनुवाद है। ’’ अब्दुल गफ्फार खान को लोग स्नेहपूर्वक बादशाह खान नाम से बुलाते थे। वह सीमांत गांधी नाम से भी लोकप्रिय थे। उनका जन्म ब्रिटिश भारत के उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत के उठमंजाई में हुआ था। उनका जीवन पख्तूनों के सामाजिक सुधार के लिए समर्पित था। दुनियाभर में पख्तून उन्हें बड़े सम्मान की नजर से देखते हैं। भारत में वह महात्मा गांधी के साथ सानिध्य एवं 1930-47 के दौरान खुदाई खिदमतगार के नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। वह दुनियाभर में सबसे सफल अहिंसक गांधी आंदोलनों में एक था। इस पुस्तक की प्रस्तावना महात्मा गांधी के पोते राजमोहन गांधी ने लिखी है।

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