उत्तराखंड से त्रिवेन्द्र रावत की विदाई के संकेत - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 9 मार्च 2021

उत्तराखंड से त्रिवेन्द्र रावत की विदाई के संकेत

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नयी दिल्ली 08 मार्च, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केन्द्रीय नेतृत्व ने उत्तराखंड में सत्ता में अंदरूनी कलह एवं विधायकों में असंतोष की खबरों के बीच आज यहां मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को तलब किया। ऐसे संकेत हैं कि पार्टी नेतृत्व ने श्री रावत को बदलने का मन बना लिया है। श्री रावत ने अपराह्न भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा तथा पार्टी के कई नेताओं से मुलाकात की। श्री नड्डा से उनकी कम से कम दो बार मुलाकात हुई। दूसरी बार उन्हें देर रात तलब किया गया। उत्तराखंड में श्री रावत को लेकर असंतोष नया नहीं है। गत दिनों छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को पर्यवेक्षक के रूप में उत्तराखंड भेजा था। दोनों नेताओं की रिपोर्ट मिलने के बाद श्री रावत को हटाये जाने को लेकर अटकलें तेज़ हो गयीं। पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा तलब किये जाने के बाद इन्हीं अटकलों को और बल मिला है। राज्य में मुख्यमंत्री बदले जाने की स्थिति में जिन नामों की चर्चा है उनमें केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद अनिल बलूनी और उत्तराखंड सरकार में मंत्री सतपाल महाराज का नाम शामिल है लेकिन श्री बलूनी का नाम सबसे मजबूत है। श्री रावत ने हाल में गैरसैंण को मंडल का दर्जा दिया है जिससे तकरीबन सभी राजनीतिक पार्टियों एवं आम लोगों में भारी नाराज़गी है। भाजपा सरकार में एक प्रमुख मंत्री ने इस पर पार्टी नेतृत्व से नाराजगी व्यक्त की है। दरअसल गैरसैंण को लोग उत्तराखंड की भावी नयी राजधानी के रूप में देखते हैं। इससे पहले भी विधायकों ने मुख्यमंत्री पर अफसरों पर अत्यधिक निर्भर रहने एवं जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था। सूत्रों ने बताया कि पहले भाजपा नेतृत्व इस दुविधा में था कि पांच राज्यों के जारी चुनावों के बीच उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन करना उचित होगा या नहीं। साथ ही चुनाव से महज 10-11 महीने पहले मुख्यमंत्री बदलने से कहीं बात और न बिगड़ जाए। लेकिन अब पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट मिलने के बाद श्री रावत के बारे में निर्णय होने के संकेत हैं। 

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