सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 05 अप्रैल - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 6 अप्रैल 2021

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 05 अप्रैल

किसानों को धोखा देना बंद करें सरकार ब्याज चुकाने का नहीं किया पूरा वादा बैरागी


सीहोर। किसानों को लगातार मध्य प्रदेश सरकार धोका दे रहीं है। किसानों के पिछले कर्ज का ब्याज चुकाने का वादा सरकार ने किया है। अबतक सरकार के मुखिया ने वादा पूरा नहीं किया है। उक्त बात सोमवार को अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश महासचिव प्रह्लाद दास बैरागी ने प्रेस नोट जारी कर कहीं है। श्री बैरागी ने रोष प्रकट करते हुए कहाकि की मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने घौषणा की थी कि किसानों के पिछले कर्ज का ब्याज सरकार भरेगी लेकिन दो माह हो चुके अभी तक बैक ओर सोसाइटियो को कोई आदेश इस संबंध में नहीं मिला है। जबकी शासकीय गेंहू उपार्जन केंद्रों पर गेंहु बेचने के लिए पहुंच रहे किसानों को दिए जा रहे भगतान में से लोन की राशि सहकारी बैंकों के द्वारा काटी जा रहीं है। श्री बैरागी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने रहत राशि की दूसरी किश्त डालते समय घौषणा की थी कि पिछला  भावंतर ओर गेहूँ का वोनस एक साथ किसानों के खातों में डाला जायेगा। मुख्यमंत्री का यह एक सफ़ेद झूठ साबित हुआ है। बीते वर्ष बर्बाद फसल सोयाबीन का प्रधानमंत्री फ़सल बीमा तत्काल किसानों के खातों में जमा कराया जाए। घोषणा के मुताबिक किसानों का कर्ज का ब्याज बैंकों को अदा किया जाए। मांग पूरी नहीं होती है तो अखिल भारतीय किसान सभा ओर संयुक्त मोर्चा मिलकर उग्र आन्दोलन करने के लिए विवश होंगे। मांग करने वाले मेंं अखिल भारतीय किसान सभा जिलाध्यक्ष भानूप्रकाश मेबाडा कमल सिंह, कल्लू कुशवाहा ओतार सिंह आदि किसान शामिल रहे।


मास्क नहीं लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वाले पर जुर्माना अब दोगुना होगा


जिले में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने बताया कि सभी लोगों द्वारा मास्क लगाने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करने के लिए जुर्माना दोगुना कर दिया गया है । बिना मास्क लगाए लोगों पर जुर्माना 50 रूपये से बढ़ाकर 100 रूपये कर दिया गया है । इसी प्रकार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध  250 रूपए से बढ़ाकर 500 रूपए जुर्माना किया गया है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने सभी नागरिकों से अपील की है कि मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर स्वयं सुरक्षित रहे और समाज को सुरक्षित रखें।


कलेक्टर ने मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सभी से की अपील


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कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने सभी से अपील की है कि कोरोना संक्रमण के दौर में आप सभी लोग मास्क लगाएं, 2 गज की दूरी रखें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और टीकाकरण में अपना सहयोग दें। टीकाकरण के लिए 45+ के लोग टीकाकरण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके टीकाकरण करा सकते हैं। टीकाकरण, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग यह कारगर व प्रभावी उपाय हैं। इससे हम कोरोना को हराने में सफल होंगे। कलेक्टर श्री गुप्ता ने सभी से पुनः अपील करते हुए कहा कि यदि हम कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन करेंगे तो इस जंग को हम जल्द ही जीत सकते हैं।


लगातार चालानी कार्रवाई से अब मास्क में दिखने लगे हैं लोग


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कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये कलेक्टर श्री अजय गुप्ता निर्देष पर विगत कुछ दिनों से जिले में सतत की जा रही चालानी कार्रवाई और जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरूओं, समाज सेवियों तथा कलाकारों की अपील तथा जागरूकता कार्यक्रम के परिणाम दिखाई देने लगे हैं। लोग जागरूक हो रहे हैं और कोराना से बचाव के लिये मास्क का उपयोग कर रहे हैं। सीहोर नगर में ही अब लोग मास्क लगाये हुए देखे जा सकते हैं। मास्क और सोसल डिस्टेंसिंग का शतप्रतिशत पालन आम नागरिकों के सहयोग से ही संभव होगा। प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं बल्कि, स्वप्रेरणा से लोग स्वतः ही मास्क लगायेंगे और सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करंेगे तो निष्चित ही कोराना संक्रमण के प्रसार को पूरी तरह से रोका जा सकेगा। 

होम आइसोलेशन के लिए गाइडलाइन जारी


प्रदेश के साथ-साथ जिले में लगातार बढ़ रहे  संक्रमितों के आंकड़ों के बाद और मरीजों को संस्थागत क्वॉरेंटाइन में आने वाली समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा होम आइसोलेशन की संशोधित गाइड लाइन जारी की गई है। नई गाइड लाइन के अनुसार लक्षण रहित तथा अति मंद लक्षण वाले कोविड-19 पॉजिटिव केस के लिए होम आइसोलेशन की सुविधा दी जाए। जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रदेश में कोविड -19 के प्रकरणों की संख्या के दृष्टिगत यह अत्यन्त आवश्यक है कि घर पर आईसोलेशन की समुचित व्यवस्था वाले अधिक से अधिक पात्र कोविड पॉजीटिव व्यक्तियों को होम आईसोलेशन में रखा जाये। इस हेतु महत्वपूर्ण है कि होम आईसोलेशन व्यक्ति की दैनिक निगरानी जिला स्तर पर स्थापित जिला कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा सुनिश्चित की जाये एवं व्यक्ति के पास आवश्यक चिकित्सीय संसाधन एवं औषधियाँ उपलब्ध रहे। निर्देश दिए गए हैं कि  कोविड -19 पॉजीटिव केस को होम आईसोलेशन की अनुमति देते समय एक " होम आईसोलेशन " किट उपलब्ध कराई जाये।


होम आइसोलेशन किट

होम आइसोलेशन किट में निर्देश विवरणिका,  बुखार क्लीनिक की सूची और पता,   भुगतान की गई संगरोध सुविधाओं की सूची और संपर्क विवरण, सीसी की सूची और संपर्क विवरण, डीसीएचसी की सूची और संपर्क विवरण, कोविड की सूची और संपर्क विवरण - भुगतान पर उपचार प्रदान करने वाले  अस्पताल,   सर्जिकल मास्क - 20 पीस,  टैब - अज़िथ्रोमाइसिन 500 10D x 5.5 टैब,  टैब - मल्टीविटामिन I BD x 10 दिन।  1x10 टैब के 2 स्ट्रिप्स, टैब - सेट्रीजाइन 10 मिलीग्राम x 10 (एसओएस उपयोग के लिए)।  1x10 1 टैब का पैक,   टैब - पैरासिटामोल 500 मिलीग्राम 1 बीडी x 10 (एसओएस उपयोग के लिए)।  1x10 टैब्स के 2 स्ट्रिप्स,  टैब- रानीटाईडाईन 150 mg 1 BD x 10 - 2 स्ट्रिप्स 1x10 टैब्स, टैब - जिंक 20 मिलीग्राम 1 0D X 10.1 1x10 टैब्स की स्ट्रिप, 15. टैब विट सी 1000 एमजी x 10.1 1x10 टैब्स का स्ट्रिप और एफएक्यूएस 1 सेट सामग्री रखना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उपरोक्त किट की व्यवस्था मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले के कुल एक्टिव कोविड -19 केसों की संख्या के 40प्रतिशत के मान से तैयार की जायेगी। होम आईसोलेशन की अनुमति देते समय " फीवर क्लीनिक " के चिकित्सा अधिकारी द्वारा कोविड पॉजीटिव व्यक्ति को यह किट उपलब्ध कराई जायेगी। इसके अतिरिक्त कोविड पॉजीटिव व्यक्ति द्वारा स्व - निगरानी के लिए एक डिजिटल थर्मामीटर एवं एक पल्स ऑक्सीमीटर स्वयं क्रय करने का भी परामर्श दिया जायेगा।


तनाव से मुक्ति दिलाने और भावनात्मक सहयोग देने में मददगार साबित हो रही है हेल्पलाइन 1800-233—0175

  • कोरोना के कारण अवसादग्रस्त व्यक्तियों के परिजनों को मनोवैज्ञानिक परामर्श, स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन सक्रिय

कोविड 19 कोरोना वायरस संक्रमण से उपजे संकट और लॉकडाउन का प्रभाव व्यक्ति की जीवनशैली के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ा है। इन परिस्थितियों में आमजन तनावग्रस्त और अवसादग्रस्त न हों इसके लिए भोपालवासियों को मनोवैज्ञानिक परामर्श हेल्पलाइन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।  स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन नंबर 1800—233—0175 पर कॉल करके व्यक्ति मनोवैज्ञानिक परामर्श ले सकता है।  यह सुविधा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित की जा रही है। संस्थागत क्वारंटाइन या होम आइसोलेट किए गए व्यक्तियों और उनके परिजनों को भी इस सुविधा के जरिए अपनी मनोवैज्ञानिक परेशानी का समाधान विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त हुआ है। लॉकडाउन के कारण अकेलेपन या एक ही स्थान पर रहने के कारण अवसादग्रस्त हुए लोगों ने भी अपने मन की बात विशेषज्ञों से साझा की और उन्हें तनावमुक्ति के लिए उचित परामर्श दिया गया है। मनोवैज्ञानिक परामर्श हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले लोगोंं के साथ कोरोना संक्रमण से बचाव के तरीके भी साझा किए जाते हैं। साथ ही उन्हें यह भी बताया जाता है कि संक्रमण से बचते हुए क्वारंटाइन या आइसोलेट किए गए व्यक्ति के साथ कैसे व्यवहार करना है। उन्हें समझाया जाता है कि इस समय हमें एक दूसरे के साथ और सहयोग कीआवश्यकता है और इसी से हम इस कोरोना महामारी को हरा सकते है।


जिले में जल संचयन अभियान प्रारंभ, सीहोर जिले में 126 जल संरचनाओं का गहरीकरण और जीर्णोद्धार, जल संरक्षण के 2310 कार्य पूर्व से प्रगतिरत


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जिले में आज से जल संचयन अभियान प्रारंभ हो गया है। जिला पंचायत सीईओ श्री हर्ष सिंह ने बताया कि भोपाल संभागायुक्त श्री कविन्द्र कियावत के निर्देश पर जिले की 126 जल संरचनाओं के गहरीकरण और जीर्णोंद्धार का काम किया जाएगा। जल संचयन अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य अनुसार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होने बताया कि जिले में जल संरक्षण के 2310 कार्य पूर्व से प्रगतिरत हैं। श्री सिंह ने कहा हैं  कि जिले के समग्र विकास के लिये जल संरक्षण अत्याधिक महत्वपूर्ण है। जल संरक्षण जरूरत भी है और कर्तत्व भी। इसी पृष्ठभूमि में मनरेगा योजना से जल संरचनाओं के निर्माण व पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार की कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने जनपद पंचायत के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जीर्णोद्धार, नवीन जल संरचनाओं व अनुपयोगी,बंद खदानों को जल संचयन रचना में परिवर्तित किये जाने योग्य सभी चिन्हाकिंत कर प्रारंभ किया जाए। इससे जल संरक्षण के प्रति एक सार्थक संदेश समाज में प्रसारित होगा। उन्होने जल संचयन अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य अनुसार  अभियान को सफल बनाने के  निर्देश दिए गए हैं।

126 जल संरचनाओं का गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ

जिला पंचायत सीईओ श्री हर्ष सिंह ने जल संचयन के कामो की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सीहोर जनपद में 23, नसरुल्लागंज जनपद में 21, बुधनी जनपद में 16, इछावर जनपद में  36 एवं आष्टा जनपद में 30 कार्य,  इस प्रकार कुल126 जल संरचनाओं के गहरीकण और जीर्णोंद्धार का काम किया जाएगा।


2310 जल संरक्षण के कार्य पूर्व से प्रगतिरत

जिला पंचायत सीईओ श्री हर्ष सिंह ने बताया कि इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायतों में  पूर्व से  ही लगभग 2310 जल संरक्षण,संवर्धन के कार्य यथा चेक डेम, फार्म पॉन्ड, पाल निर्माण,पोखर, सोक पिट, तालाब, कंटूर ट्रेंच आदि के कार्य प्रगतिरत है। जिसमे सीहोर जनपद में 449, नसरुल्लागंज जनपद में 252, इछावर जनपद में 333, बुधनी जनपद में 270 एवं आष्टा जनपद में 398 कार्य शामिल है। जल संचयन अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य अनुसार  अभियान को सफल बनाने के  निर्देश दिए गए हैं।


06 अप्रेल को वी.सी. के माध्यम से होने वाली समाधान ऑनलाईन स्थगित


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 06 अप्रेल 2021 को सायं 03.30 बजे मंत्रालय में प्रस्तावित समाधान ऑन- लाईन  अपरिहार्य कारणों से स्थगित की गई है।


कोविड - 19 से घबराएं नहीं, सावधानी बरतें और सतर्क रहें


कोरोना वायरस जनित कोविड-19  एक नवीन संक्रामक रोग है जिसके बारे में नित नए साक्ष्य प्राप्त हो रहे हैं। नवीन साक्ष्यों के दृष्टिगत प्रबंधन संबंधी दिशा-निर्देशों को अद्यतन किया गया है। प्राय: यह देखा गया है कि कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ होने के पश्चात् कुछ रोगियों में थकान, शारीरिक दर्द, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई आदि जैसे लक्षण उत्पन्न हो रहे हैं। निरन्तर सूखी खांसी अथवा गले में खराश जैसे लक्षण होने पर, नमक युक्त गुनगुने पानी से गरारे अथवा भाप लेने से आराम मिलता है। खांसी संबंधी औषधियाँ एलोपैथिक डॉक्टर अथवा आयुष चिकित्सक के परामर्श अनुरूप ही लेने की सलाह दी गई है। तेज बुखार, सांस की कठिनाई, ऑक्सीजन सैचुरेशन/(spo-2),95 प्रतिशत होना, छाती में दबाव/जकड़न, हाल ही में मानसिक भ्रम की शिकायत होना, कमजोरी आदि के लक्षणों के प्रति सजगता रखी जाय एवं उपरोक्त में से कोई भी लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लिया जाये। कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हुए रोगियों के लिए दिशा-निर्देश दिये गये है। कोविड-19 के गंभीर संक्रमण तथा को-मॉर्बिड रोग युक्त व्यक्तियों में रिकवरी अवधि प्राय: अन्य रोगियों की तुलना में अधिक दीर्घ होती है। ऐसे रोगियों की सुदृढ़ एवं नियमित फॉलो-अप डिस्ट्रिक्ट कोविड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर (डीसीसीसीसी) के चिकित्सकों के द्वारा किया जायेगा।


नरवाई जलाने से कम होती है मिट्टी की उर्वरक क्षमता, नरवाई का उपयोग कर जैविक खाद भू-नाडेप, वर्मी कम्पोस्ट बनाने की सलाह


कृषि विभाग द्वारा जिले के किसानों को गेहूँ की फसल काटने के बाद बचे हुए अवशेष (नरवाई) नहीं जलाने की अपील की गई है। नरवाई में आग लगाना खेती के लिए नुकसानदायक होने के साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी हानिकारक है। इसके कारण विगत वर्षो में तथा वर्तमान में भी गंभीर अग्नि दुर्घटनाएं घटित हुई हैं तथा व्यापक सम्पत्ति की हानि हुई है। खेत की आग के अनियंत्रित होने पर जनसम्पत्ति व प्राकृतिक वनस्पति, जीव-जन्तु आदि नष्ट हो जाते हैं। नरवाई में आग लगाने से खेत की मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लाभकारी सूक्ष्य जीवाणु नष्ट होते हैं जिससे खेत की उर्वरा शक्ति भी धीरे-धीरे घट रही है और उत्पादन प्रभावित हो रहा है। नरवाई जलाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। यदि फसल अवशेषों, नरवाई को एकत्र कर जैविक खाद जैसे भू-नाडेप, वर्मी कम्पोस्ट आदि बनाने में उपयोग किया जाए तो यह बहुत जल्दी सड़कर पोषक तत्वों से भरपूर खाद बना सकते है। इसके अतिरिक्त खेत में कल्टीवेटर, रोटावेटर या डिस्क हेरो की सहायता से फसल अवशेषों को भूमि में मिलाने से आने वाली फसलों में जीवांश के रूप में बचत की जा सकती है। किसान द्वारा हार्वेस्टर के साथ स्ट्रारीपर का उपयोग किए जाने से पशुओं के लिये भूसा व खेत के लिये बहुमूल्य पौषक तत्वों की उपलब्धता बढने के साथ मिट्टी की संरचना को बिगड़ने से भी बचाया जा सकता है। 


केरोना पाजिटिव लोगों के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था करें- प्रमुख सचिव श्री शुक्ला

  • चालानी कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी चलायें

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिले में कोविड-19 सक्रमण की रोकथाम और उपचार के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मास्क नहीं लगाने पर संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश देने के साथ ही कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये लोगों में जागरूकता लाने के लिये जागरूकता अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृष्य को दृष्टिगत रखते हुए कोवडि मरीजों के इलाज के लिये अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि हम लोगों को जागरूक करें। श्री शुक्ला ने कहा कि लोगों के इलाज में किसी प्रकार की कोई कमी न रहे । उन्होने 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने 45 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों का टीकाकरण तथा जिले में कोविड-19 को लेकर लागों को जगरूक करने संबधी कार्रवाइयों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मास्क नहीं लगाने वाले लोगों के विरूद्ध चालानी कार्रवाई के साथ ही विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिये सामाज सेवी, धर्म प्रमुख, कलाकार तथा मीडिया का सहयोग लिया जा रहा है। इसके साथ ही श्री गुप्ता ने कोरोना पाजिटिव व्यक्तियों के इलाज के बारे में जानकारी दी। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री एसएस चौहान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हर्ष सिंह, अपर कलेक्ट श्रीमती गुंचा सनोबर, एएसपी श्री समीर यादव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


उपार्जन 1768 कृषकों से 16 हजार 190 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा


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जिले में आज 1768 कृषकों से 16 हजार 190 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी जिले के उपार्जन केन्द्रो द्वारा की गई । अधिकारियो द्वारा उपार्जन केन्द्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है । कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे उपार्जन केन्द्रों का सतत निरीक्षण करें और यह देखें की किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की कोई भ्री असुविधा ना हो ।

उपार्जन केन्द्रों में कृषकों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जायेगी- कलेक्टर

  • जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम बनाया गया

जिले में उपार्जन का कार्य लगातार जारी है । अधिकारियो द्वारा उपार्जन केन्द्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है । कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण करें और यह देखें की किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की कोई भ्री असुविधा ना हो । जिले के उपार्जन केन्द्रों में जनप्रतिनिधि भी निरीक्षण करने पहुंचकर रहे हैं। उपार्जन मे कृषकों को आने वाली परेशानी को अधिकारियों तथा कर्मचारियों के माध्यम से हल करवाने का प्रयास कर रहे हैं।


जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम स्थापित

कलेक्टर श्री अजय गुप्ता के निर्देश पर उपार्जन में कृषकों को आने वाली  समस्याओं के निराकरण के लिए जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम बनाया गया है, जिसमें वे मोबाईल नंबर 9826774286, 9827612742 पर संपर्क कर समस्या का निराकरण करवा सकते है।  संबंधित शिकायतों को लिखित में जिला स्तर पर श्री डीसी जैन सहकारिता निरीक्षक मो-9893876578 तथा श्री विनय कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी मो-9425012747 को प्रस्तुत कर सकते हैं। उपार्जन में परिवहन, बारदाना संबंधित शिकायतों के लिए नगरिक आपूर्तिनिगम के प्रतिनिधि श्री रवि वर्मा मो-9200205651. नियंत्रण कक्ष जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन सीहोर में स्थापित रहेगा। इसका दूरभाष क्रमांक-07562-490922 रहेगा।


मास्क नहीं लगाने वालों पर पूरे जिले में की जा रही कार्रवाही, लोगों को जागरूक करने चलाये जा रहें हैं जागरूकता कार्यक्रम


कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए संक्रमण को रोकने के लिये राजस्व, पुलिस तथा नगर पालिका के संयुक्त अमले द्वारा मास्क नहीं लगाने वालों तथा शासन की गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों पर चालानी कार्यवाही की । एसडीएम रवि वर्मा तथा सीएमओ नगरपालिका द्वारा अनेक दोपहिया और चार पहिया वाहनों पर नियमों का पालन नहीं करने के कारण चालानी कार्यवाही कर फाइन वसूला।  


आबकारी अमले ने 74 लीटर कच्ची शराब और 1730 किलो ग्राम महुआ लाहन जाप्त किया


जिले में अवैध मदिरा के कारोबार पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर श्री अजय गुप्ता के निर्देशानुसार आबकारी विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी कीर्ति दुबे  ने बताया कि आबकारी सेहोर वृत्त  के अंतर्गत अनेक ग्रामों मे अवैध मदिरा की धरपकड़ हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत  74 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब और 1730 किलो ग्राम महुआ लाहन तथा 26.9 ब.ली. देशी मदिरा जप्त किया गया।  संबंधित लोगों के विरुद्ध प्रकरण कायम कर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक श्री प्रहलाद तथा सुश्री शारदा कारोलिया की टीम शामिल थी।


जिले में 47 व्यक्ति कोरोना पाजिटिव मिले, वर्तमान में कोरोना एक्टिव-पॉजीटिव की संख्या 260


पिछले 24 घंटे के दौरान 40 व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव मिले। इनमें सीहोर शहर के 19 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। यह सभी व्यक्ति चाणक्यपुरी, इंग्लिशपुरा, अवधपुरी, लुनिया चौराहा, जयंती कॉलोनी, सिंधी कॉलोनी, गुलाब विहार, देवेन्द्र नगर, वंश्राकार मोहल्ला, क्रिसेंट चौराहा, स्टेशन रोड, कोर्ट परिसर के निवासी हैं । इसी तरह बुधनी विकास खण्ड से 26 व्यक्तियों की रिपोट पॉजिटिव प्राप्त हुई है। यह सभी खानपुरा, वार्ड नंबंर-14, बुधनी, मथ्थागांव ,  रेहटी के वार्ड नंबंर -15,  01, 07, 02, 08, तथा स्थानीय बुधनी के वार्ड नंबंर-01, 10, 08, ग्राम इटारसी, धनकोट, सलकनपुर, ग्राम बोरी के निवासी हैं। आष्टा के गुराडिया वर्मा तथा श्यामपुर के चैनपुरा से 01-01 व्यक्ति की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि वर्तमान में जिले में एक्टिव-पॉजिटिव की संख्या 260  है।  आज 11 व्यक्ति रिकवर हुए। अब तक कुल रिकवर की संख्या 2925  है।  कुल कोविड संक्रमित मृत व्यक्तियों की संख्या 49 है । आज 408  सैम्पल लिए गए है। जांच के लिए सीहोर शहरी क्षेत्र से 105,  नसरूल्लागंज विकासखण्ड से 15 , आष्टा विकास खण्ड  से 68, इछावर विकासखण्ड से 26, श्यामपुर विकासखण्ड से 53,  बुदनी विकास खण्ड से 141 सैम्पल लिए गए है । जिले में कुल कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों की संख्या 3234 है जिसमें से 49 की मृत्यु हो चुकी है 2925 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए है। तथा वर्तमान में एक्टिव/पॉजीटिव की संख्या 260 है। आज 408 सैंपल जांच हेतु लिए गए। कुल जांच के लिए भेजे गए सेंपल 85309 हैं जिनमें से 80299 सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। आज 285 सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कुल 1705 सेंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। पैथालॉजी द्वारा कोरोना वायरस सेंपल की रिजेक्ट संख्या कुल 71 है। जिले मे जो व्यक्ति होम क्वारन्टाईन में हैं उनके निवास स्थान से सीधे संवाद हेतु जिला स्तरीय कोविड-19 कॉल सेंटर स्थापित किया गया है। जिसका संपर्क नंबर- 07562-226470 है। 1075 नंबर पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती है। जिला स्तर पर मोबाइल नंबंर 9425400273, 9425400453, 9479595519 पर कॉल सेंटर पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य स्तर पर 104/181 नंबर पर कॉल करके भी टेलीमेडिसिन  सेवा का लाभ लिया जा सकता है। 104 नंबर पर ई-परामर्श सेवा का भी लाभ लिया जा सकता है। होम क्वारन्टाईन व्यक्तियों तथा उनके परिजनों के लिए हेल्पलाईन नंबंर 18002330175 जारी किया गया है। होम क्वारन्टाईन व्यक्ति अथवा उनके परिजन इमोशनल वेलनेस अथवा साइकॉलाजीकल सपोर्ट एवं अन्य जरूरी परामर्श मानसिक सेवा प्रदाताओं से नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं। 


ईट राइट चैलेंज से जुड़े कार्यों के लिये प्रस्ताव आमंत्रित


भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण भारत सरकार द्वारा ईट राइट चैलेंज 2020-21 के तहत प्रत्यके जिले में अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से छोटे खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित करने, ईट राइट कैम्पस तैयार करने, क्लीन स्ट्रीट फूड हब तैयार करने के लिये प्रस्ताव आमंत्रित किये गये हैं। अधिकृत एजेंसियों को सेफ, भोग प्रसाद तैयार करने, स्वच्छ एवं ताजी सब्जी तथा फल बाजार तैयार करने तथा स्वास्थ्य सूचकांक संस्थान विकसित करने का भी अवसर दिया जा रहा है। इस संबंध में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि अधिकृत एजेंसियां जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में अपने प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं।

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