विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 26 अप्रैल - Live Aaryaavart

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सोमवार, 26 अप्रैल 2021

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 26 अप्रैल

विधायक भार्गव ने विदिषा मेडिकल काॅलेज का 12 के.एल. आॅक्सीजन आपूर्ति कराने की मांग उठाई  


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विदिशाः- विदिषा विधायक शषांक भार्गव ने अटल बिहारी बाजपेयी मेडिकल काॅलेज में आॅक्सीजन प्लांट स्वीकृत करने पर आभार शासन का आभार जताया है। विगत कई दिनों से आॅक्सीजन की कमी से कोविड मरीजों की मृत्यु की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है एवं अति गम्भीर मरीजों को भी कोविड केयर सेंटर में भर्ती नहीं किया जाना दुखद है। आज विधायक शषांक भार्गव ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र राठौर, विधायक प्रतिनिधि अजय कटारे एवं अरूण राजू अवस्थी को कोविड केयर सेंटर भेजकर आॅक्सीजन आपूर्ति की जानकारी लेने के लिए भेजा।  मेडिकल काॅलेज के डीन डाॅ. सुनील नंदीष्वर ने मीडिया की उपस्थिति में लिक्विड आॅक्सीजन टैंक, मेनीफोल्ड प्लांट एवं मेडिकल काॅलेज में निर्मित हो रहे आॅक्सीजन प्लांट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डाॅ. नंदीष्वर ने बताया कि वर्तमान में 12 के.एल. क्षमता का लिक्विड आॅक्सीजन टैंक उपलब्ध हैं, लेकिन अभी 5.5 के.एल. प्रतिदिन आॅक्सीजन की आपूर्ति हो पा रही है जिससे लगभग 220 बेड पर मरीजों को आॅक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है। आपातकाल की स्थिति में मेनीफोल्ड प्लांट में लगभग 3 घंटे की आॅक्सीजन सप्लाई का स्टाक उपलब्ध है। जब मेडिकल काॅलेज में आॅक्सीजन प्लांट कार्य करना शुरू कर देगा या सरकार द्वारा मेडिकल काॅलेज को 12 के.एल. आॅक्सीजन प्रतिदिन मिलने लगेगी तो लगभग 50 गंभीर मरीजों का उपचार कोविड केयर सेंटर में किया जा सकेगा।  इस संबंध में विधायक शषांक भार्गव ने विदिषा के प्रभारी मंत्री डाॅ. प्रभुराम चैधरी से दूरभाष पर चर्चा कर विदिषा मेडिकल काॅलेज को प्रतिदिन 12 के.एल. आॅक्सीजन आपूर्ति सुनिष्चित कराने का आग्रह किया। विधायक भार्गव ने कहा कि आॅक्सीजन प्लांट उपयोगिता तभी होगी जब समय सीमा से पूर्व आॅक्सीजन प्लांट तैयार होकर मेडिकल काॅलेज को आॅक्सीजन सप्लाई मिलने लगेगी।


कोविड 19 संक्रमित बीमारी संबंधी सूचना समाचार बिना अधिकृत , पुष्टि के प्रसारित नहीं करें-जिला दण्डाधिकारी डॉ जैन


कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ पंकज जैन ने सोशल मीडिया, व्हाटसएप ग्रुप, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं अन्य पर प्रभावी नियंत्रण खासकर कोविड 19 संक्रमित बीमारी के संबंध में सूचना, समाचार प्रकाशित करने के पूर्व अधिकृत पुष्टि प्राप्ति करने के संबंध में आज एक आदेश जारी किया है। मध्यप्रदेश शासन स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी नोटिफिकेशन के संबंध में जिलो के कलेक्टर जिला दण्डाधिकारियों को अधिकृत किया है।  कलेक्टर डॉ पंकज जैन के द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि कुछ वाट्सअप ग्रुप में लॉकडाउन के संबंध, अवधि को लेकर अथवा कोरोना मरीजो के पॉजिटिव एवं निगेटिव मरीजो की संख्या के संबंध में बगैर अधिकृत शासकीय अधिकारी, ऐजेन्सी से पुष्टि कराए। गलत, भ्रमित अफवाह के रूप में संदेश प्रसारित, प्रेषित किए जा रहे है, एवं उसी संदेश को संदेश प्राप्तकर्ता द्वारा भी बगैर अधिकृत शासकीय अधिकारी, ऐजेन्सी से पुष्टि करवाए अग्रेषित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त यह भी संज्ञान में आया है कि गलत तथ्यों पर आधारित संदेश भी वाट्सएप पर प्रसारित, अग्रेषित किए जा रहे है, उक्त सभी त्रुटिपूर्ण, असत्य एवं भ्रमक जानकारियां डाले जाने से आमजन के मध्य भय एवं डर का वातावरण निर्मित हो रहा है।  उक्त स्थिति में मुझे डॉ पंकज जैन कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट विदिशा को वर्तमान में परिस्थितियों से संतुष्टि हो चुकी है, कि इस प्रकार के भ्रमक, मिथ्या संदेशो एवं बगैर अधिकृत व्यक्ति, संस्था, एजेन्सी से पुष्टि करवाए संदेशो को तैयार करने तथा उनके अग्रेषण करने की गतिविधियों के कारण गंभीर परिस्थितियां निर्मित होना संभावित है। जिसके परिणामस्वरूप लोक स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य पर संकट तथा कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो सकती है, साथ ही आमजन मानस की मानसिक स्थिति एवं वृद्धजनों, हृदय रोगियों पर भी विपरीत प्रभाव पडना संभावित है। ऐसे कृत्यों के कारण जब विदिशा जिला गंभीर संकट से जूझ रहा है, ऐसे व्यक्तियों एवं व्यक्तियों के समूहो द्वारा ऊपर वर्णित कृत्यों से संक्रमक रोग के प्रसार की रोकथाम संबंधी गतिविधियों, शासकीय कार्यो में बाधा उत्पन्न हो सकती है। अतएव मै डॉ पंकज जैन कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट विदिशा यह आदेश देता हूॅ कि इस प्रकार के भ्रम फैलाने वाले, गलत संदेश एवं बगैर अधिकृत व्यक्ति, संस्था, ऐजेन्सी से पुष्टि करवाए संदेशो को बनाने में उस संदेश को अग्रेषित करने संबंधी समस्त प्रकार की गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है। इसके अतिरिक्त् निम्नानुसार निर्देशो को पालन करना भी समस्त आमजन को बंधनकारी होगा- कोई भी व्यक्ति या समूह सोशल मीडिया प्लेटफार्म (ट्विटर, फेसबुक, वाटसएप, यू-टयूब, इन्स्टग्राम इत्यादि) पर कोई भी ऐसी भ्रामक खबर, वीडियो, ऑडियो, फोटो इत्यादि न ही स्वंय भेजेंगे व न ही शेयर, फारवर्ड करेंगे। जो असत्य हो, व जिसके तथ्यों की पुष्टि नही की गई हो, जो किसी समुदाय या धर्म के प्रति अपमानजनक व भेदभावपूर्ण हो। जो आम जनता में पैनिक या भय व संशय, भ्रांति की स्थिति पैदा करें।  उल्लेखित संदेशो के प्रसार की रोकथाम हेतु विदिशा जिले के समस्त वाटसअप ग्रुप्स के एडमिन को यह पर निर्देशित किया जाता है कि वे अपने वाट्सएप ग्रुप की सेटिंग स्वंय की पोस्ट हेतु सीमित करें, जिससे वाटसअप ग्रुप के अन्य सदस्य मनमर्जी से पोस्ट नही कर सकेंगे। सायबर क्राईम ब्रांच विदिशा को यह आदेश किया जाता है कि लॉक डाउन अवधि, कोरोना वायरस से संबंधित भ्रमक, मिथ्या संदेशो को नियमित पर्यवेक्षण करें तथा यदि इस प्रकार के किसी व्यक्ति अथवा समूह द्वारा कृत्य किया जाता है तो संबंधित के विरूद्व भादवि की धारा एवं आईटी एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही संपादित की जायेगी। यदि ऐसे कोई भी संदेश यदि प्राप्त होते है तो उनकी पुष्टि कर लेवे तथा भ्रामक, मिथ्या संदेश के संबंध में सूचना तत्काल 07592-237880 कलेक्टर कार्यालय तथा दूरभाष क्रमांक 07592-234254 पुलिस कंट्रोल रूम अथवा 100 नम्बर पर प्रदान करें। किसी भी प्रकार से कोई भी भ्रामक जानकारी किसी भी माध्यम से कोरोना संक्रमण से संबंधित अथवा कोरोना संक्रमण की रोकथाम संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं पर कोई भी भ्रामक जानकारी फैलाने तथा कोरोना संक्रमण के उपचार, रोकथाम हेतु लगे अधिकारियों, कर्मचारियों, चिकित्सको और स्वास्थ्य विभाग के अमले आदि के किसी भी कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर इस आदेश एवं राज्य शासन द्वारा जारी नोटिफिकेशन 23 मार्च 2020 का उल्लंघन माना जायेगा एवं ऐसे व्यक्ति, संस्था या समूह के विरूद्व तत्काल आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं अन्य वैधानिक प्रावधानो के अंतर्गत कार्यवाही प्रारंभ कर दी जायेगी। यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किया जाता है। यह आदेश आज दिनांक से आगामी आदेश पर्यन्त तक प्रभावशील रहेगा।


विदिशा नगर में तीस अपै्रल के पश्चात सभी वैवाहिक कार्यक्रम प्रतिबंधित


विदिशा एसडीएम एवं इंसिडेंट कमांडर श्री गोपाल सिंह वर्मा ने विदिशा नगर में कोविड 19 के बढते संक्रमण को देखते हुए तीस अपै्रल के पश्चात आयोजित होने वाले सभी वैवाहिक कार्यक्रमों को आगामी आदेश पर्यन्त तक के लिए प्रतिबंधित करने का आदेश जारी कर दिया है।  


निर्धारित प्रपत्र में कोरोना संक्रमित की जानकारी प्रेषित करें अधिकारी-कर्मचारी 


अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने जिले के सभी विभागो के जिला अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर कोरोना से संक्रमित अधिकारी, कर्मचारियों की जानकारियां निर्धारित तीन प्रपत्रों में अलग-अलग दर्ज कर मेल कने के निर्देश प्रसारित किए है। 

अपर कलेक्टर श्री सिंह के द्वारा जारी पत्र में उल्लेख है कि शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों को इसके दायित्व के निर्वहन दौरान के कोरोना संक्रमित होने पर इलाज एवं देखभाल के प्रबंध सुनिश्चित कराए जा सकें। अपर कलेक्टर द्वारा जारी प्रपत्र में जानकारियां अंकित कर मेल करने हेतु निर्देशित किया गया है। प्रत्येक प्रपत्र के लिए निर्धारित जानकारी इस प्रकार से है- ऐसे अधिकारी, कर्मचारी जो कोरोना से संक्रमित हुए है तथा उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव होकर स्वस्थ हो गए है की एकजाई जानकारी एक बार में ही प्रपत्र एक में प्रस्तुत करेंगे। यदि इस संबंध में किसी विभाग की जानकारी निरंक है तब भी निरंक जानकारी प्रेषित करेंगे। ऐसे अधिकारी, कर्मचारी जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव होकर होम आइसोलेशन या अस्पताल में इलाज करा रहे होंगे, कि जानकारी आरटी-पीसीआर टेस्ट मैसेज के प्रिन्ट के साथ प्रारूप दो में इस कार्यालय को प्रेषित करेंगे एवं आवश्यक होने पर नियमित रूप से प्रस्तुत करते रहेंगे। ऐसे अधिकारी, कर्मचारी जिन्होंने कोरोना की आशंका पर कोरोना टेस्ट कराया लेकिन उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है, की जानकारी प्रपत्र. तीन में प्रेषित करेंगे एवं आवश्यक होने पर नियमित प्रस्तुत करते रहेंगे। इस बार कोरोना संक्रमण से यह लक्षित हुआ है कि परिवार में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव होने पर परिवार के अन्य सदस्यों को संक्रमण का अत्यधिक जोखिम रहता है। इसलिए गंभीर बीमार एवं सिम्टोमेटिक मरीज अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भर्ती होंगे तथा बिना लक्षण वाले मरीज जिले में संचालित कोविड केयर सेंटर में रहेंगे।


कोविड केयर सेंटर का जायजा 


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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केएस अहिरवार ने आज ग्यारसपुर और बासौदा में संचालित होने वाले कोविड केयर सेंटरों का जायजा लिया है। सीएमएचओ डॉ अहिरवार ने बताया कि बासौदा के लाल पठार में स्थित शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्यालय बालक छात्रावास में नवीन क्वारेन्टाइन सेंटर संचालित किया गया है। जबकि कोविड केयर सेन्टर पहले से संचालित हो रहा है।  इसी प्रकार ग्यारसपुर विकासखण्ड में नवनिर्मित स्कूल परिसर भवन में कोविड केयर सेन्टर संचालन के प्रबंध सुनिश्चित किए गए है। उन्होंने बताया कि उक्त क्षेत्रों में जो भी कोरोना संक्रमित पाए जाएंगे उपरोक्त का कोविड केयर सेन्टर में उपचार हेतु तमाम प्रबंध सुनिश्चित किए गए है। 


कोविड-19 संबंधित आरटी पीसीआर टेस्ट का परिणाम ऑनलाइन किया जा सकेगा प्राप्त


नागरिकों के कोविड संबंधित आरटीपीसीआर टेस्ट का परिणाम जानने हेतु मध्य प्रदेश शासन द्वारा ऑनलाइन सुविधा प्रारंभ की गई है। http://sarthak.nhmmp.gov.in/covid/test-result-status पर क्लिक करके यह जानकारी प्राप्त की जा सकती है। नागरिक अपना मोबाइल नं (जो सैम्पल देते समय परीक्षण लैबध् सैम्पल संग्रहण केन्द्र को दिया गया है) एवं परीक्षण लैब, आईसीएएमआर पोर्टल से प्राप्त एसआरएफ आईडी की प्रविष्टि कर अपने सैम्पल का परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।


’दिव्यांगजनों को कार्यालय में आने से छूट रहेगी’

  • ’आयुक्त निरूशक्तजन ने सभी विभागों और कलेक्टर को निर्देश जारी किए’

आयुक्त निःशक्तजन,मध्यप्रदेश एवं राज्य नोडल अधिकारी ने प्रदेश के सभी कार्यालयों में दिव्यांगजन के कार्यालय में आने से छूट प्रदान करने संबधी निर्देश जारी किए है कि सभी जिला और अन्य कार्यालय में कोरोना संक्रमण से दिव्यांगजनों को बचाने के लिए छूट देने को कहा गया है।  दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2018 प्रावधान के अनुसार संरक्षण एवं सुरक्षा के तहत दिव्यांगजनों को सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान किये जाने के लिये भारत सरकार दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग एवं मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा प्रदत्त दिशा - निर्देशों के तहत आपके अधीन कार्यालय में पदस्थ दिव्यांग अधिकारियों, कर्मचारियों को लॉकडाउन के दौरान कार्यालय में उपस्थित होने में छूट प्रदान की जाने और  विशेष आवश्यक होने पर ही उन्हें कार्यालय में बुलाया जाये तथा घर पर रहकर कार्य करने की सुविधा प्रदान की जाये ।  कोराना संक्रमण को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया है एवं प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोरोना कोविड -19 संक्रमण से संभावित मरीजों की संख्या में निरंतर बढोत्तरी हो रही है । साथ ही मरीजों में सुधार भी हो रहा है। वर्तमान परिस्थिति में राज्य एवं जिला स्तर पर आवश्यकतानुसार कोरोना कर्फ्यू, लॉकडाउन लगाया जा रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण में दिव्यांगजनों के संक्रमित हो जाने का खतरा अधिक होता है

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