बिहार : दुआ करने वाले ईसाई धार्मिक पुरोहित दम तोड़ दिये - Live Aaryaavart

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बुधवार, 5 मई 2021

बिहार : दुआ करने वाले ईसाई धार्मिक पुरोहित दम तोड़ दिये

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पटना. मानव जीवन को नष्ट करने का कार्य कर रहा है कोरोना महामारी का संक्रमण.इसकी चपेट में कई लोग परलोक सिधार चुके हैं.इन दिनों यह हर परिवार को परेशान और चिंतित कर रखा है, कि कब किसको यह अपने शिकंजे में कस ले.हर व्यक्ति,हर धर्म के धर्म गुरु इससे छुटकारा तथा चन्गाई के लिये प्रतिदिन प्रार्थना,पूजा-पाठ कर रहे हैं.इस समय दर्जनों दुआ करने वाले ईसाई धार्मिक पुरोहित दम तोड़ दिये हैं. सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (SXCMT), पटना के रेक्टर, फादर जॉय कार्यमपुरम एसजे, जिनका कोरोनो वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा था, का गुरुवार 29 अप्रैल, 2021 को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. SXCMT के प्रधानाचार्य, फादर टी निशांत एसजे ने कहा कि फादर जॉय कार्यमपुरम, ने रुबेन मेमोरियल अस्पताल में सुबह 10.23 बजे अंतिम सांस ली.वह 65 वर्ष के थे. फादर जॉय कार्यमपुरम एसजे को 22 अप्रैल को कोरोनो वायरस के लक्षण के साथ कुर्जी होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया था.24 अप्रैल को वह कोरोना वायरस के लिए पॉजिटिव पाए गए. उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें 28 अप्रैल को रुबेन मेमोरियल अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया. केरल में 22.09.1955 को जॉय कार्यमपुरम का जन्म हुआ. वह मात्र 24 साल में विश्व विख्यात येसु समाज में 14.07.1979 को येसु समाज के पटना प्रांत में शामिल हुए. उन्हें 36 साल में 31.12.1991 को येसु समाज के पुरोहित बनने का गर्व हासिल हुआ.तब से पीछे मुड़कर देखे नहीं सदैव उच्च पदों पर सेवा कार्य करते रहे.उन्होंने 8 नवंबर, 2020 को SXCMT के रेक्टर के रूप में पदभार संभाला था. उनका अंतिम संस्कार गुरुवार के शाम पांच बजे कोरोनागाइड के अनुसार दीघा स्थित एक्सटीटीआई कब्रिस्तान में किया गया.अंतिम संस्कार कोविद -19 दिशानिर्देशों के अनुसार पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबास्टियन कल्लूपुरा और पटना प्रोविंश के जैसुइट प्रोविंशियन डोनाल्ड  मिरांडा जे ने किया. इस बीच कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर ने भारत की स्वास्थ्य प्रणाली को इतना कमजोर कर दिया है कि 20 - 23 अप्रैल के बीच 14 काथलिक पुरोहितों को अपनी जान गवाँनी पड़ी है.


भारत की काथलिक कलीसिया में लातीनी रीति, पूर्वी रीति, सिरो मलाबार और सिरो मलांकरा आते हैं जिसमें धर्मसंघी और धर्मप्रांतीय दोनों मिलाकर करीब 30 हजार पुरोहित हैं.मैटर्स इंडिया के अनुसार तीन दिनों के अंदर 14 पुरोहितों की मौत सिर्फ कोविड-19 के संक्रमण से हुआ है. फादर लिजो थॉमस जो 38 साल के थे उनका निधन 23 अप्रैल को महाराष्ट्र के चंद्रपुर स्थित ख्राइस्ट अस्पताल में हुआ. वे नागपुर महाधर्मप्रांत के पुरोहित थे. उसके पूर्व झारखंड के दुमका धर्मप्रांत के फादर ख्रीस्तोदास का निधन हुआ था वे 58 वर्ष के थे और एक बड़े आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता थे.उनका निधन कोविड-19 से संक्रमित होने और ठीक होने के बाद, बाथरूप में गिरने से हुआ. उसी दिन फादर कोरोना वायरस से फादर श्रीनिवासन का देहांत हुआ जो मदुराई जेस्विट प्रोविंस के सदस्य थे, साथ ही बोम्बे जेस्विट प्रोविंस के फादर डियेगो डिसूजा और भोपाल महाधर्मप्रांत के फादर अरूलसामी की भी मौत हुई. उससे पहले 22 अप्रैल को बैंगलोर महाधर्मप्रांत के फादर मार्टिन अंतोनी और कर्नाटक जेस्विट प्रोविंस के फादर प्रवीण हृदयराज ने भी अंतिम सांस ली.   लखनऊ धर्मप्रांत के फादर बसंत लकड़ा की मृत्यु 21 अप्रैल को हुई उसी दिन पटना के फादर जॉर्ज करामयिल ये.स., फादर थॉमस अक्कारा एस.वी.डी, रायपुर के फादर जोसेफ चेरूस्सेरिल एवं जगदलपुर धर्मप्रांत के कार्मेलाईट ऑफ इम्माकुलेट धर्मसमाज के फादर थेओदोर टोप्पो का भी निधन हुआ.   20 अप्रैल को रायपुर महाधर्मप्रांत के फादर अंतोनी कुन्नाथ का निधन हुआ और उसी दिन मेरठ धर्मप्रांत के फादर संजय की भी मौत हुई. पिछले दिनों झारखंड में भी कई पुरोहितों की मौत कोविड-19 से हुई है.20 अप्रैल को राँची महाधर्मप्रांत के फादर अनुरंजन बिलुंग का देहांत हुआ.फादर तेजकुमार तिग्गा आई.एम.एस का निधन 23 अप्रैल को हुआ और उसी दिन फादर रंजित कुमार बेक सीएसएसआर और फादर लुईस टेटे का भी निधन हुआ. गुमला धर्मप्रांत के फादर अंनिल सोरेंग का निधन 22 अप्रैल को हुआ और इन्हीं दिनों डाल्टेनगंज के फादर डानिएल एवं फादर इरेनियुस का निधन भी निधन कोविड-19 से हुआ.


कोरोना महामारी तथा अन्य बिमारी से चन्गाई से सम्बन्धित एस.के.लॉरेंस द्वारा समर्पित गीत.

जैसा की हम सभी जान रहे तथा महसूस कर रहे हैं कि पिछ्ले वर्ष से ही कोरोना महामारी का संक्रमण मानव जीवन को नष्ट करने का कार्य कर रहा है.हमारे अपने-पराये इसकी चपेट में आ रहे हैं तथा कई लोग इसकी वजह से परलोक सिधार चुके हैं.इन दिनों दुबारा यह महामारी हर परिवार को परेशान और चिंतित कर रखा है, कि कब किसको यह अपने शिकंजे में कस ले.हर व्यक्ति,हर धर्म के धर्म गुरु इससे छुटकारा तथा चन्गाई के लिये प्रतिदिन प्रार्थना,पूजा-पाठ कर रहे हैं. मैं भी आपलोगों की तरह रोज परमेश्वर से प्रार्थना कर रहा हूँ.चन्गाई के सन्दर्भ में प्रार्थना करते समय ईश्वर ने मुझे एक गीत के लिये प्रेरित किया है.चन्गाई से सम्बन्धित ईश्वर से प्रार्थना करते समय उसकी प्रेरणा से, प्राप्त, मेरे द्वारा लिखित इस साधारण गीत को ईश्वर को समर्पित करते हुए यह गीत "आजा प्रभुवर आजा" को आपलोगों के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ.ईश्वर आप सभी को स्वस्थ तथा सुरक्षित रखे.आमीन.

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