लालू जी के विचारों और संकल्पों के साथ लड़ना होगा : राजद - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 29 जून 2021

लालू जी के विचारों और संकल्पों के साथ लड़ना होगा : राजद

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पटना : राष्ट्रीय जनता दल के जिलाध्यक्षों, प्रधान महासचिवों, प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्षों, प्रवक्ताओं एवं वरिष्ठ नेताओं का पार्टी के स्थापना दिवस (सिल्वर जुबली) समारोह की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश अध्यक्ष जगदानन्द सिंह के अध्यक्षता में हुई। बैठक में नेताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि 25 वर्षों के कार्यकाल में पार्टी ने न तो अपने संकल्प और न ही विचारधारा से कभी भी समझौता किया है। पार्टी की जो नीतियां सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता पर आधारित रही है, उसे लालू प्रसाद जी को प्रताड़ित किये जाने के बावजूद कभी भी झुकने नहीं दिया गया, लेकिन आज जो समाजवादी होने का दंभ भरते हैं, उन्होंने सत्ता और कुर्सी के लिए विचारधारा से समझौता करके भाजपा के सामने घुटने टेक दिया। उन्होंने आगे कहा कि इस महामारी के समय में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद जी के दिशा-निर्देशन में जो सेवा और संकल्प कार्यकर्ताओं ने आमजनों से उनके पीड़ा के साथ जुड़कर काम किया है, वह काफी सराहनीय है।राज्य सरकार ने विधायकों के फंड को तो ले लिया, लेकिन उसे कैसे खर्च किया जा रहा है यह कभी नहीं बताया। कोरोना महामहारी में सरकार सिर्फ फर्जीवाड़ा करके आंकड़ेबाजी के सहारे वाहवाही लूट रही है, जिस पर किसी को विश्वास नहीं है क्योंकि न तो सही ढंग से अस्पताल की व्यवस्था रही और न ही आॅक्सीजन और दवाई की। जिस तरह से वैक्सीन देने में भी सरकार कोताही कर रही है यह समझ से परे है। इन्होंने सभी लोगों से वैक्सीन लेने की अपील की और कहा कि सरकार के कार्यकलाप पर पुरी निगाह रखें और कोविड महामारी के समय जिला, प्रखंड और पंचायतों में हुई मृत्यु तथा बीमार लोगों का आंकड़ा इकट्ठा कर राज्य कार्यालय को उपलब्ध करायें। राज्य सरकार से हमने अनुमति मांगी थी कि राज्य के सभी अस्पतालों में किस तरह का इलाज हो रहा है और कैसी व्यवस्था है इसको देखने के लिए हमें जाना है लेकिन सरकार ने कोविड गाइडलाईन का हवाला देकर हमें जाने से रोका। तेजस्वी ने कहा कि हमने राज्यपाल महोदय के साथ सर्वदलीय बैठक में भी कहा था कि व्यवस्था की देखरेख के लिए एक कमिटी बननी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि लोगों का किस तरह से ईलाज और उनके साथ न्याय हो रहा है कि नहीं इसे सबके सामने आना चाहिए, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। मैंने अपना सरकारी आवास और राजद कार्यालय कोविड मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध कराया लेकिन उसके बाद भी राज्य सरकार इस पर राजनीति करती रही।


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव के समय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री यह नहीं चाहते थे कि वो 32 साल के लड़का से हार जायें। इसलिए साजिश करके जबरन हराने का काम किया गया और अलग-अलग मोर्चा बनाकर हमारे खिलाफ साजिश रची गई। लेकिन, उसके बाद भी जनता ने जब हम पर विश्वास करके हाथ बढ़ाया तो सरकार ने हेराफेरी करके चोर दरवाजे से सत्ता हासिल करने का काम किया। और यह इसी बात से समझा जा सकता है कि लाख बेईमानी करने के बाद भी राजद और महागठबंधन को 01 करोड़ 56 लाख वोट मिला। जबकि एनडीए को महागठबंधन से सिर्फ 12 लाख ज्यादा वोट मिला और चोर दरवाजे से सत्ता को तीसरे दर्जे की पार्टी ने लपक लिया क्योंकि इन्हें सिर्फ पलटी और कुर्सी से मतलब है। तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि जब हमने 10 लाख युवाओं को रोजगार की बात की तो मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हो नहीं सकता। लेकिन जब इन्हीं के जुमलाबाज पार्टनर भाजपा ने 19 लाख को रोजगार देने की बात कही तो इन्होंने चुप्पी साध ली। इससे यह समझा जा सकता है कि युवाओं को छलने और ठगने वाली सरकार है। इसके खिलाफ युवाओं को रोजगार और अपने अधिकार के लिए आन्दोलन और संघर्ष करना होगा क्योंकि डबल इंजन की सरकार गरीबों और युवाओं पर जुल्म कर रही है। तेजस्वी ने कहा कि जब हमने युवाओं के बेरोजगारी के मुद्दे पर पटना के सड़कों पर आन्दोलन किया तो 307 का मुकदमा मेरे और कार्यकत्र्ता साथियों पर किया गया। और 23 मार्च, 2021 को इतिहास में लोकतंत्र को कलंकित किया गया। जहां सड़कों पर हमें और कार्यकत्र्ताओं को पीटा गया और फर्जी मुकदमा किया गया वहीं दूसरी ओर विधान सभा में माननीय विधायकों के साथ जिस तरह से अमानवीय व्यवहार कर उनके साथ मारपीट की गई और बाहर से पुलिस बुलाकर उन्हें आतंकित और प्रताड़ित किया गया इसका वर्णन करना भी मुश्किल है, यह लोकतंत्र के लिए काला अध्याय है। इन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि पूरी मजबूती के साथ पग-पग पर लड़ना सीखो के नारों के साथ लालू जी के विचारों को लेकर गांव से लेकर पंचायत तक आमजनों की समस्याओं से जुड़कर पार्टी के विचारों को और लालू जी के संकल्पों को बताने की आवश्यकता है। सौभाग्य की बात है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी के 25वें स्थापना काल (सिल्वर जुबली) कार्यक्रम में हमलोगों के साथ जुड़कर देश और राज्य के लोगों को संदेश देंगे और उनके साथ वर्चुअल संवाद स्थापित करेंगे। झूठ और जुमला पर आधारित सरकार के खिलाफ अनुशासित और विचारों से लैस होकर आगे बढ़ना होगा। जब चौथे नम्बर की पार्टी सत्ता में आ सकती है तो बिहार में कुछ भी हो सकता है। इसके लिए हम सभी को तैयार रहना होगा। आज हमारी लड़ाई भारत सरकार, बिहार सरकार, ई0डी0 और अन्य एजेंसियों से है इसके खिलाफ सभी को लालू जी के विचारों से जुड़कर अन्तिम पायदान के व्यक्ति तक पहुंचना होगा क्योंकि हमारा लक्ष्य सत्ता नहीं बल्कि आमलोगों की समस्याओं से जुड़ना और उनका सेवा करना है।


प्रदेश अध्यक्ष जगदानन्द सिंह ने कहा कि कोरोना काल के उस समय के हृदयविदारक घटना से मैं बहुत व्यथित था। उस समय लगा ही नहीं कि देश और बिहार में कोई हुकूमत भी काम कर रही है लेकिन राजद के कार्यकत्र्ताओं ने जिस संकल्प के साथ लोगों के समस्याओं से जुड़कर उन तक राशन, पानी, दवाई, ऑक्सीजन की व्यवस्था करवाई और लोगों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने का कार्य किया यह सरकार की ओर से नहीं किया गया क्योंकि राज्य सरकार ने नियती पर हीं आमलोगों को छोड़ देने का काम किया था। जबकि तेजस्वी प्रसाद यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू जी के निर्देशन में पीड़ित परिवार के साथ राजद खड़ा रहा और आगे भी खड़ा रहेगा। लोगों के विश्वास को बनाये रखने के लिए हमसभी को सामाजिक न्याय और लालू जी के विचारों की हिफाजत के लिए इसी तरह से संकल्पित रहना होगा क्योंकि लालू जी ने जेल जाना पसन्द किया लेकिन विचारों से कभी समझौता नहीं किया। हमें वर्तमान की हिफाजत करते हुए आने वाली पीढ़ी को बताने के लिए संगठन की निचली इकाई तक मजबूती प्रदान करने के लिए आगे बढ़ना है क्योंकि मजबूत जमात से हीं किसी जंग को जीता जा सकता है।लालू जी की जीवनी पर लिखी किताबों को पढ़कर वैसे पाखंडियों का जवाब देना है जो दबे-कुचले के अधिकारों को कुचलने का काम कर रहे हैं। लालू जी ने हमेशा वंचितों और दबे-कुचलों को पढ़ों या मरो के नारों के साथ शिक्षित होने का आह्वान किया जो उनकी सोंच को स्पष्ट करता है। पूर्व विधान सभा अध्यक्ष उदय नारायण चैधरी ने कहा कि तेजस्वी जी जनता के वोट से मुख्यमंत्री बन चुके थे लेकिन चोर दरवाजे से सत्ता पर नीतीश जी ने दखल कर लिया। हमें गुरू गोवलकर के बंच ऑफ थाॅट्स के खिलाफ खड़े होकर बाबा साहब के संविधान को बचाने के लिए तेजस्वी जी के नेतृत्व को मजबूत करना होगा। राष्ट्रीय महासचिव जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के लिए फिरकापरस्त ताकतों के सामने राजद ने कभी भी समझौता नहीं किया। लालू जी आज उसी कारण प्रताड़ना के शिकार होते रहे हैं लेकिन कभी भी सिद्धांत और विचार से समझौता नहीं किया और तेजस्वी जी भी उसी संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि बिहार के लोगों की तड़प, ज्वाला और पीड़ा को महसूस करते हुए हीं लालू प्रसाद जी ने पार्टी को आगे बढ़ाने में सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास किया और आज तेजस्वी जी भी वर्तमान सरकार के धर्म और जाति आधारित राजनीतिक साजिश के खिलाफ मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं और वो संघर्ष और आन्दोलन के साथ-साथ साजिशकत्र्ता को बेनकाब कर रहे हैं।

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