इंडियन पैनोरामा की प्रविष्टि की अंतिम तिथि निकट - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 27 जुलाई 2021

इंडियन पैनोरामा की प्रविष्टि की अंतिम तिथि निकट

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प्रविष्टियों की अंतिम तिथि निकट आती जा रही है, जिसके साथ ही 52वें भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) ने इंडियन पैनोरामा, 2021 की प्रविष्टि के लिये दोबारा आह्वान किया है। उल्लेखनीय है कि इंडियन पैनोरामा आईएफएफआई का प्रमुख अंग है, जिसके तहत फिल्म कला को प्रोत्साहन देने के लिये सर्वश्रेष्ठ समकालीन भारतीय फिल्मों का चयन किया जाता है। 18 जुलाई, 2021 से आईएफएफआई के लिये प्रविष्टियां भेजने का सिलसिला शुरू हुआ था। महोत्सव गोवा में 20 से 28 नवंबर, 2021 तक चलेगा। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 अगस्त, 2021 है, और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन दी जाने वाले आवेदन की हार्ड कॉपी प्राप्त करने की अंतिम तिथि 23 अगस्त, 2021 है। वर्ष 2021 के इंडियन पैनोरामा के लिये फिल्में जमा करने के लिये तयशुदा दिशा-निर्देश हैं। जमा की गई फिल्म का निर्माण पूरा होने या केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की तारीख, महोत्सव शुरू होने से साल भर पहले की होनी चाहिये, यानी एक अगस्त, 2020 से 31 जुलाई, 2021 की मियाद के बीच। जिस फिल्म के पास सीबीएफसी का प्रमाणपत्र नहीं होगा, लेकिन उसका निर्माण इस अवधि के भीतर पूरा हो चुका है, तो वह फिल्म भी जमा की जा सकती है। सभी फिल्मों में अंग्रेजी में सब-टाइटल्स होना जरूरी है।


वर्ष 1978 में भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के अंग के रूप में इंडियन पैनोरामा को शुरू किया गया था, जिसका मकसद था भारतीय फिल्मों और भारतीय फिल्मों के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत को प्रोत्साहन देना। इसके बाद से ही इंडियन पैनोरामा पूरी तरह आयोजन वर्ष के दौरान बेहतरीन भारतीय फिल्मों को पेश करने में पूरी तरह समर्पित रहा। उल्लेखनीय है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय का फिल्म महोत्सव विभाग इंडियन पैनोरामा का आयोजन करता है। इसके तहत सिनेमाई, विषय आधारित और सौंदर्यबोधक उत्कृष्टता वाली फीचर तथा गैर-फीचर फिल्मों का चयन किया जाता है। इसके जरिये भारत और विदेश में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में फिल्में पेश करके फिल्म कला को प्रोत्साहन दिया जाता है। महोत्सवों में फिल्मों से कोई कमाई नहीं की जाती है। इसके अलावा द्विपक्षीय आदान-प्रदान कार्यक्रम और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के तहत विशेष भारतीय फिल्म महोत्सवों तथा भारत में विशेष इंडियन पैनोरामा के जरिये भी फिल्म कला को प्रोत्साहन दिया जाता है।

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