उत्तर बिहार में बाढ़ की समस्या को भी प्रदर्शन के दौरान उठाया गया. - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

गुरुवार, 15 जुलाई 2021

उत्तर बिहार में बाढ़ की समस्या को भी प्रदर्शन के दौरान उठाया गया.

  • मुआवजे पर माले ने प्रखंड मुख्यालयों पर आवेदन सौंपा, सभी कोविड मृत परिजन को मिले 4 लाख का मुआवजा.

cpi-ml-will-raise-flood-in-assembly
पटना 15 जुलाई, कोविड काल में हुई सभी मौतों के मुआवजे के सवाल पर आज भाकपा-माले के बैनर से राज्य के प्रखंड मुख्यालयों पर आवेदन जमा किया गया और सभी मृतक परिजन के लिए अविलंब 4 लाख रु. मुआवजे की मांग की. माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि मुआवजे की मांग पर आज का यह आवेदन सौंपों कार्यक्रम पूरी तरह से सफल रहा है. बिहार सरकार को इसपर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और मुआवजे की राशि का प्रबंध करना चाहिए. कोविड व लाॅकडाउन व महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है. कोविड की दूसरी लहर में पूरी तरह से बर्बाद हो गए लोग अपनी जिंदगी फिर से आरंभ कर सकें, इसके लिए मुआवजे की यह राशि बेहद महत्वपूर्ण है. अरवल, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्वी चंपारण, सिवान, गोपालगंज, जहानाबाद, गया, बक्सर आदि जिलों के अधिकांश प्रखंडों पर यह कार्यक्रम लागू हुआ. विदित है कि भाकपा-माले विगत कोविड की दूसरी लहर के दौरान विगत 1  अप्रैल से लेकर 31 मई तक पूरे बिहार में कोविड से हुई मौतों का आंकड़ा एकत्रित कर रही है. भाकपा-माले की इस रिपोर्ट के अनुसार राज्य में मौत के सरकारी आंकड़े की तुलना में वास्तविकता में मौतों की संख्या 20 से 25 गुणा अधिक है. मुआवजे की राशि अभी तक इक्का-दुक्का परिवार को ही मिला है. इसलिए भाकपा-माले लोगों से मुआवजे की राशि के लिए आवेदन भरवा रही है. भाकपा-माले ने उन तमाम लोगों की सूची बनाई है, जो कोविड के मिलते जुलते लक्षणों से मारे गए. चंूकि गांवों में कोविड टेस्ट की कोई व्यवस्था नहीं थी, इसलिए अधिकांश लोगों का टेस्ट हुआ ही नहीं है. भाकपा-माले के विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने ऐसी मौतों की अनुशंसा की और मुआवजा देने की मांग की. भाकपा-माले विधायक दल ने यह भी कहा कि आगामी 26 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान भी इस विषय को मजबूती से उठाया जाएगा. दरभंगा व पूर्वी चंपारण में मुआवजे की मांग के साथ-साथ बाढ़ के सवाल को भी उठाया गया.

कोई टिप्पणी नहीं: