झारखंड : विधायक हेमंत सोरेन के प्रतिनिधि हैं पंकज मिश्रा - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 10 अगस्त 2021

झारखंड : विधायक हेमंत सोरेन के प्रतिनिधि हैं पंकज मिश्रा

  • * प्रतिनिधि हैं पंकज मिश्रा 2 अगस्त 2021 को झारखंड के साहेबगंज स्थित जिरवाबाड़ी ओपी में FIR दर्ज करवा दिया  

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रांची. झारखंड की सरकार जेल में मुझे मार देगी. यह बात बिल्कुल सत्य है.फिर भी झुकने वाला नहीं हूं.रूपा तिर्की के मामले में प्रखर हो कर आवाज़ उठाते रहेंगे.यह प्रजातंत्र के चतुर्थ स्तंभ पत्रकारिता के सजग प्रहरियों में से एक ' दी ग्रामसभा' के पत्रकार तीर्थ नाथ आकाश की ओजस्वी वाणी है.जो झारखंडी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के कोपभाजन के शिकार बन गये.उन पर 6 आईपीसी और 3 आई टी धाराओं के साथ एफआईआर दर्ज कराया गया है. 'ग्रामसभा' के पत्रकार तीर्थ नाथ आकाश का दोष यह है कि दारोगा रूपा तिर्की की अस्वाभाविक मौत पर पिता देवानंद उराव और मां दमयंती उराव की ही तरह दारोगा रूपा तिर्की की संदेहास्पद मौत मामले में सीबीआई जाँच की माँग को लेकर लगातार आवाज उठाते आ रहे.जबतक रूपा तिर्की को न्याय नहीं मिल पाता है,तबतक आवाज बुलंद होती रहेगी.यह तय होता जा रहा है.पत्रकारिता का इस दौर में सरकार का दोहरी चरित्र को साबित करना साधारण काम नहीं. इस समय बहुत से यू ट्यूब चैनल है.जो इस दौर में खड़े हुए हैं. अधिकांश पर खबर पुराने बहाव की ही तरह छान कर खबर प्रसारित करते हैं.सत्यता के साथ युवाओं के साथ भेदभाव को किसी ने जगह नहीं दिया. इसी दौर में दी ग्रामसभा झारखंड के युवाओं की आवाज, युवाओं से भेदभाव,युवाओं पर दमन के सवालों के साथ झारखंड सरकार पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया. सवाल गलत नहीं रहा है.जब भाजपा की सरकार थी मिनाज आंसारी, रूपेश स्वासी जैसे युवाओं की मौत, अनगिनत युवतियाँ के साथ रेप की घटना थाना लेना नहीं चाहते ऐसे समस्याओं के साथ लगातार बोलता रहा है पत्रकार तीर्थ नाथ आकाश.


पत्रकार तीर्थनाथ आकाश के मन में झारखंड के युवाओं देश के युवाओं के लिए उस समय भी सवाल उठाते रहा जब वो दी ग्रामसभा का गठन नहीं किया था.लोकतंत्र में युवाओं के आवाज बनता दी ग्रामसभा शिखर कि ओर है. रूपा तिर्की एक थाना प्रभारी थी नौकरी करते मौत हो जाती है झारखंड की सरकार इतना असंवेदन हो जाता है कि जांच के आदेश एक महिने बाद देते है. एक पुलिस अधिकारी की मौत पर सरकार का चुप्पी तोड़ने में आदिवासी समाज पैडिमक दौर में प्रदर्शन कर सीबीआई जांच की मांग करते है.तब भी सरकार चुप रहती है.आदिवासी औरतों, बेटियों पर जुल्म पर समाज जब दो भाग में बांट जाने के बावजूद दी ग्रामसभा उस परिवार के साथ खड़ा रहता जिस परिवार ने अपनी बेटी खोया है.  बेटियाँ के मामले पर संवेदना और साहस दोनों इकट्ठा कर चलना सरकार के दम में नहीं. झारखंड सरकार ने दी ग्रामसभा के पत्रकार तीर्थ नाथ आकाश को सबक सिखाने की जवाबदेही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को दे दी.इस बीच खबर है कि विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को शुद्धता साबित करने के लिए ने जिरवाबारी थाने(साहेबगंज) में एक पत्रकार के ऊपर केस कर दिया.वह पत्रकार तीर्थ नाथ आकाश हैं.384/500/504/506/120(B)/34 आईपीसी और 66C/66D/66E आईटी एक्ट के तहत ग्रामसभा के तीर्थ नाथ आकाश पर पंकज मिश्रा द्वारा एफ आई आर किया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा ने उन पर केस किया है. इसे उन्होंने एक लड़ाई बताई है और उसे वह स्वीकार करते है. उन्होंने इसे झारखंडी और गैर झारखंडी के बीच की लड़ाई बताई है.गौरतलब हो कि तीर्थनाथ दारोगा रूपा तिर्की की संदेहास्पद मौत मामले में सीबीआई जाँच की माँग को लेकर लगातार आवाज उठाते आ रहे.पत्रकारिता को चौथा स्तंभ माना जाता हैं.आप अगर इस स्तंभ का इस्तेमाल गुनहगारो के खिलाफ करते हैं तो आप पर एफआईआर दर्ज हो जाता हैं.माननीय मुख्यमंत्री जी आप रुपा के मामले में भी चुप थे और आज भी चुप है.यह पूर्ण रूप से दर्शता है कि आप झारखंडी भाई बहनों से कितना प्रेम है. चुनाव आता है,तब झारखंडी का सार्टिफिकेट बांटते फिरते रहते थे.परबुधिया के बहकावे में न आवे ओर केस वापस ले.


कहा जा रहा है कि हेमंत सरकार के साहेबगंज सी एम प्रतिनिधि को इंतजार करना चाहिए था कि जो सवाल जनता कर रहीं है उसका जवाब दे. या सीबीआई जांच कराने में सहयोग करतें. दाल में कुछ काला है. तभी तो हेमंत सोरेन सरकार के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को शुद्धता साबित करने के लिए  ने जिरवाबारी थाने(साहेबगंज) में एक पत्रकार के ऊपर केस करना पड़ा.सच यह भी है रूपा तिर्की के शरीर में चोट के निशान थे, चेहरा और आंख के नीचें चोट के निशान थे.जांघ चोटिल होकर फूल गया था. जिसे आत्महत्या बताया गया. देश के युवा देश का भविष्य है. लगातार हो रहें युवाओं पर हमले से पर युवाओं के माध्यम से आवाज आना बड़ी बात है. इस आवाज को दबने ना देना लाख केस हो जाए. रूपा तिर्की से सवाल उठे है अब वह व्यक्तिगत मसला बनाने मेंं झारखण्ड सरकार जोर दे रहें है. हमने गढ़ा था हेमंत है तो हिम्मत है. वो हिम्मत रूपा तिर्की के मसले दिखाई नहीं दिया. रूपा तिर्की को न्याय दिलाने हेतु संघर्षरत रहने वाले झारखंडी आवाज क्रांतिकारी तीर्थ नाथ आकाश जी पर हेमंत सोरेन जी के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा द्वारा बदले की भावना से झूठी मुकदमा किया गया है.सरकार केस वापस लें अन्यथा झारखंडी स्वाभिमान की रक्षा के लिए जगह-जगह पर पुतला दहन करेंगे.सभी आदिवासी संगठन इसका घोर विरोध करता है. रूपा तिर्की को न्याय के लिए लगे इन युवाओं पर हमला नहीं सहेंगे.


सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड पुलिस में कार्यरत दारोगा रूपा तिर्की की अस्वाभाविक मौत की न्यायिक जांच का आदेश दिया. एक सदस्यीय जांच का जिम्मा झारखंड हाईकोर्ट के रिटायर चीफ जस्टिस विनोद कुमार गुप्ता को सौंपी गयी. श्री गुप्ता पूर्व में हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड हाईकोर्ट के भी चीफ जस्टिस रह चुके हैं. रिटायर चीफ जस्टिस श्री गुप्ता को इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट देने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है, ताकि हर पहलुओं की जांच हो सके. बता दें कि साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की का शव गत 3 मई को उनके सरकारी आवास में फंदे से झूलता पाया गया था. इस मामले को लेकर साहिबगंज पुलिस ने पहले खुदकुशी का मामला दर्ज किया, लेकिन परिजनों समेत अन्य लोगों के विरोध में साहिबगंज की पुलिस ने 5 सदस्यीय SIT टीम का गठन किया था. वहीं, रूपा के मौत मामले में उसके कथित प्रेमी ASI शिव कुमार कनौजिया पर अंगुली उठने शुरू हुए. पुलिस ने ASI कनौजिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इस संबंध में पुलिस के हाथ एक ऑडियो हाथ लगा, जिसमें रूपा तिर्की और ASI कनौजिया के बीच बातचीत हुई थी. दूसरी ओर, मृतका रूपा के परिजन CBI से इस मामले की जांच की मांग करते आ रहे थे. इस संबंध में मृतका रूपा के पिता देवानंद उरांव ने झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट भी दायर की थी. इसके अलावा अनुरंजन अशोक और तीरथ नाथ आकाश ने भी झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इस मामले की CBI जांच की मांग की गयी थी. मृतका के परिजन बार-बार इंसाफ की मांग कर रहे हैं.


साहिबगंज पुलिस ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया, जिसने अपनी रिपोर्ट में महिला थानेदार की मौत को आत्महत्या माना. वहीं परिजन एवं सामाजिक संगठन के लोग इसे हत्या का मामला बताकर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं.  इस मामले में रूपा तिर्की के पिता देवानंद उराव ने क्रिमिनल रिट याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की है. इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता तीर्थनाथ आकाश एवं अनुरंजन अशोक ने रूपा तिर्की की मौत को संदेहास्पद बताते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से करवाने की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.  ऑनलाइन दायर की गई याचिका में बताया गया है कि साहिबगंज पुलिस की जांच टीम एक खास व्यक्ति के प्रभाव में काम कर रही है और इसे आत्महत्या का मामला बता रही है. जबकि महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की मां दमयंती उराव ने पुलिस को जो आवेदन दिया है, उसमें साफतौर पर दो महिला सब इंस्पेक्टर, मनीषा कुमारी और ज्योत्सना महतो व एक राजनीति रसूख वाले व्यक्ति पंकज मिश्रा पर हत्या का आरोप लगाया है.  पीआईएल में कहा गया है कि साहिबगंज पुलिस इस मामले में मां के आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. इस प्रकरण में रूपा तिर्की की मां के द्वारा दिए गए आवेदन में जो प्रमुख नाम शामिल किए गए हैं, उनमें पंकज मिश्रा को लेकर भी कई तरह की बातें चर्चित है, जो राजनीतिक गलियारों में उनकी पहुंच को दर्शाता है. 

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