चूल्हा जलाओ अभियान शुरू - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शनिवार, 14 अगस्त 2021

चूल्हा जलाओ अभियान शुरू

ekta-parishad-chulha-jalao-abhiyan
श्योपुर. मध्य प्रदेश में है श्योपुर जिला.इस जिले के मुख्यालय सीप नदी के दाहिने किनारे पर स्थित है. कहा जाता है कि जयपुर राजघराने के सामंत गौड़ राजपूत के प्रमुख इंद्रसिंह द्वारा शहर और उसके किले की स्थापना ई.1537 में की गई थी.आजकल श्योपुर जिले में हैं एकता परिषद के संस्थापक पी.व्ही.राजगोपाल. जन संगठन एकता परिषद गांधी आश्रम की टीम के द्वारा इंद्रपुरा, ललितपुरा में बाढ़ पीड़ित 140 सहरिया परिवारों के घर पुनः 10 दिनों के बाद चूल्हा जलाओ अभियान शुरू किया गया.जिससे वह अपने तम्बू, टपरिया या घर में अपने हाथों से खाना बनाकर खाये. इसमें एकता परिषद गांधी आश्रम की टीम ने सहयोग किया.खाना बनाने के बर्तन,सूखा राशन सामग्री, गैस ,बहनों के लिए साड़ी की व्यवस्था की गई.इस कार्यक्रम में जन संगठन एकता परिषद के संस्थापक पी. व्ही.राजगोपाल,एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रनसिंह परमार,एकता परिषद के महासचिव अनीष भाई, प्रांतीय संयोजक डोगर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहें. मालूम हो कि श्योपुर में हैं प्रसिद्ध गाँधीवादी  एवं एकता परिषद के संस्थापक,समाजसेवी पी व्ही राजगोपाल जी (राजू भाई) 12 अगस्त को कोटा से कराहल होकर श्योपुर पहुंचे.यहां पर उनका 6 दिवसीय प्रवास होगा. चंबल क्षेत्र में बाढ़ की विभीषिका ने और इससे हुए नुकसान ने इस क्षेत्र से लगाव रखने वाले हर व्यक्ति को विचलित किया है.इसमें पी.व्ही.राजगोपाल शामिल हैं. बाढ़ से पीड़ित लोगों के घांवों पर मरहम लगाने उन्हें राहत पहुंचाने जहां एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रनसिंह परमार 11 अगस्त को यहां पहुंच गये हैं.यहां आने के बाद नुकसान का जायजा लेकर बाढ़पीड़ितों को मदद देने में जुट गये हैं. वहीं आज देश के सुप्रसिद्ध गांधीवादी पी व्ही राजगोपाल आज प्रातः श्योपुर पधारकर कराहल पहुंचें. वहां एकता परिषद द्वारा चलाए जा रहे बाढ़ राहत कार्य का अवलोकन कर उसे गति प्रदान किये. 13 से 17 अगस्त तक वे श्योपुर रहकर बाढ़ राहत कार्य में जुटेंगे.इसके साथ कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे तथा स्वयं भी चयनित गांवों में पहुंच कर लोगों की इस असहनीय पीड़ा में शरीक होंगे तथा राहत सामग्री का वितरण भी करेंगे. महात्मा गांधी सेवा आश्रम के प्रबन्धक जयसिंह जादोंन ने जानकारी दी है.

कोई टिप्पणी नहीं: