झारखंड : कोरोना वैक्सीन लेना स्वैच्छिक है - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 12 अगस्त 2021

झारखंड : कोरोना वैक्सीन लेना स्वैच्छिक है

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रांची. आरटीआई एक्टिविस्ट हैं झारखंड निवासी अनुराग सिन्हा. उन्होंने सूचना का अधिकार के तहत कोरोना वैक्सीन के बारे में जानना चाहा कि क्या कोरोना वैक्सीन लेना स्वैच्छिक है? क्या यह अनिवार्य है कि जोर जबर्दस्ती से वैक्सीन दिया जाए ? आरटीआई एक्टिविस्ट अनुराग सिन्हा ने भारत सरकार के परिवार एवं कल्याण मंत्रालय से सूचना का अधिकार के तहत कोरोना वैक्सीन के बारे में सूचना देने की मांग की.अपने आरटीआई में उन्होंने 6 सवाल पूछें हैं. जो कि निम्न प्रकार से है:- 


* क्या कोरोना वैक्सीन लेना स्वैच्छिक है? क्या यह अनिवार्य भी है, जिसे जोर जबर्दस्ती से वैक्सीन दिया जाए ?

* क्या वैक्सीन नहीं लेने पर सारी सरकारी सुविधायें बंद कर दी जायेगी? सरकारी योजना पेंशन भी?

* यदि कोई स्वास्थ्य या पुलिस कर्मचारी नागरिक को धमकी दे कि वैक्सीन ले नहीं पर तो ये कर देंगे,वह कर देंगे.IAS व IPS भी


नागरिक खत्म कर देंगे व कोर्ट ले जाने का धमकी देने लगे? 

* क्या वैक्सीन नहीं लेने पर स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविधालय पर गैस कनेक्शन, पानी, बिजली बिजली कनेक्शन, राशन आदि बंद कर दिये जाएंगे?

* क्या वैक्सीन नहीं लेने पर निजी और सरकारी विभागों से नौकरी से निकाला जा सकता हैं? क्या वेतन रोका जा सकता है?


भारत सरकार के परिवार एवं कल्याण मंत्रालय से कहा गया है कि

अगर आप किसी भी सरकारी, गैर-सरकारी कंपनी संस्थान आदि में काम करते हैं. ऐसे में सरकार के तरफ से Covid Vaccine देने का काम जोरों पर है. आपको हर विभाग में हर उम्र हर वर्ग के लोगों को कोरोना वैक्सीन लेना सुनिश्चित किया जा रहा है. ऐसे तो इस वैक्सीन के प्रति लोगों को तमाम आशंका है तो उधर सोशल मीडिया में कई विभाग में वैक्सीन नहीं लेने वाले को नौकरी से निकालने व सभी सरकारी स्किम से वंचित करने का दावा किया जा रहा है. 


क्या कोरोना वैक्सीन लेना नौकरी बचाने के लिए जरूरी?

इंडिया टीवी न्यूज के अनुसार दिल्ली पुलिस के जनरल डायरी में कहा गया था कि जो पुलिसकर्मी कोरोना वैक्सीन नही लगवायेगा. उसके वेतन वृद्धि में कटौती की जायेगी. जबकि बाद में जिस पुलिसकर्मी ने जेनरल डायरी में एंट्री की थी. उसके खिलाफ डिपार्टमेंट इंक्वायरी की जा रही है. अब नई एंट्री करके कहा गया है कि कोविड वैक्सीन के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया था, इंक्रीमेंट नही काटा जाएगा. यह नाममात्र का उदाहरण कोरोना वैक्सीन को लेकर कर्मचारियों प्रति प्रबंधन का रवैया समझने के लिए है.  आरटीआई में पूछे सवालों का जवाब में श्री स्वरूप सिंह, अवर सचिव और सीपीआईओ, भारत सरकार, दूरभाष नंबर 011-23062959 ने पत्र संख्या जेड 60011/06/2020-सीवीएसी दिनांक 09.03.2021 ने दिया है. जिसका pdf कॉपी हमें एक साथी ने व्हाट्सप्प के माध्यम से भेजा है. भारत सरकार के परिवार एवं कल्याण मंत्रालय के CPIO ने RTI के पहले सवाल के जवाब में लिखा है कि “कोरोना वैक्सीन लेना स्वैच्छिक है“. इसके बाद बाकी सवालों के जवाब में कहा कि “आवेदन में लिखी बातें निराधार है किसी भी सरकारी सुविधा, नागरिकता, नौकरी इत्यादि से वैक्सीन का कोई संबंध नहीं है”. जिस RTI जवाब का पीडीएफ कॉपी पोस्ट के अंत में उपलब्ध करवाया जा रहा है. अगर आप या आपके किसी साथी, सगे-संबंधियों में से किसी को कोरोना वैक्सीन नहीं लेने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया हो. उनकी सैलरी रोक दी गई हो या किसी सरकारी सुविधा से वंचित कर दिया गया हो. ऐसे में आपके या आपके उस साथी के लिए भारत सरकार के परिवार एवं कल्याण मंत्रालय का आरटीआई रिप्लाई काम आएगा.

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