सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 27 सितम्बर - Live Aaryaavart

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सोमवार, 27 सितंबर 2021

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 27 सितम्बर

आध्यात्मिक योग से ही संभव है तनाव मुक्त जीवन-पाटिल


सीहोर। देश की राजधानी दिल्ली में ब्रह्मा कुमारीज के प्रशासक वर्ग सम्मेलन का आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में जिले से बीके रामशंकर पाटिल शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 29 सिंतबर से तीन अक्टूबर तक आयोजित सेमीनार में प्रशासक वर्ग के भाई बहनों को तनाव मुक्त जीवन शैली अपनाने के गुर बताए जाएंगे एवं श्रेष्ठ प्रशासक गुड गवर्नेश विषय पर टिप्स दिए जाएंगे। पाटील ने बताया कि आध्यात्मिक योग के लिए नेहरु कालोनी स्थित सेंटर पर सुबह आठ से दस बजे तक नियमित क्लासेस लगाई जा रही है।


ब्लेक आउट हुआ तो जिम्मेदार रहेगा शासन और प्रशासन, आउटसोर्स कर्मचारियों ने दिया उर्जामंत्री को अल्टीमेटम

  • मध्य प्रदेश बिजली आउट सोर्स कर्मचारी संगठन ने महाप्रबंधक, विद्युत मंडल,विधायक सीहोर और कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

 

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सीहोर। मध्य प्रदेश बिजली आउट सोर्स कर्मचारी संगठन ने सोमवार को उर्जामंत्री सहित शासन प्रशासन को मांगे पूरी नहीं करने पर ब्लेक आउट होने की सख्त चैतवानी दी। यह भी कहा की ब्लेक आउट होता है तो इस की जिम्मेदारी कर्मचारियों की नहीं शासन प्रशासन की होगी। सख्त अल्टीमेटम के साथ  आउटसोर्स कर्मचारियों ने मध्य प्रदेश बिजली आउट सोर्स कर्मचारी संगठन प्रमुख राहुल मालवीय के नेतृत्व में इंदौर नाका स्थित महाप्रबंधक विद्युत मंडल,विधायक कार्यालय में सुदेश राय और कलेक्ट्रेट पहुंचकर अर्जामंत्री प्रद्धुम्म सिंह तोमर के नाम संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सक्सेना दिया। आउटसोर्स कर्मचारियों ने कहा की पहले 19 मांगों के निराकरण के लिए  ऊर्जा मंत्री ज्ञापन सौपा जा चुका है लेकिन इस का कोई असर नही हुआ है। ऊर्जा मंत्री ने संगठन के प्रतिनिधियों से कोई भी उच्च स्तरीय बैठक नहीं की है। प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी लम्बे समय से केन्द्र सरकार के आल इंडिया कम्युमर पाईज इंडेक्स पर आधारित महगाई दर को आसान बनाकर तैलगाना राज्य की तरह आउटसोर्स- दैनिक वेतन भोगी संविदा कर्मचारियों को केन्द्र न्यूनतम वेतन प्रदान करने,म.प्र. के क्षेत्र में ठेकदारी  समाप्त करने,बिजली आउटसोर्स सवस्टेशन अपिटर, पॉवर प्लान्ट ऑपरेटर एवं हेल्पगं तथा सुरक्षा सैनिकों का सप्ताहिक अवकाश अनिवार्य करने, साप्ताहिक अवकाश के दिन देका संविदा कर्मियों में काम लिये जाने पर उन्हें मी ऑफ इकेशमेंट दिया जाने। नियमित कर्मियों की तरह आउटसोर्स सचदा कर्मियों की भी राष्ट्रीय त्यौहार पर काम करने के एवज में एडिशनल वेजेस एलाउार प्रदान करने,बिजली आउटसोर्स कम्प्यूटर ऑपरेटर, 33/11 के दी. 132/220 के व्ही पब स्टेशन ऑपरेटर एवं पावर प्लांट ऑपरेटरों को कुशल श्रमिक के स्थान पर उच्च कुशल श्रमिक का मानदेय प्रति माह प्रदान किए जाने,स्वास्थ्य कर्मियों की तरह आपातकालीन बिजली देका संविदा कर्मियों की भी 3 हजार रूपये प्रोत्साहन भत्ता प्रदान किया जाने, सभी 6 बिजली कम्पनी के ठेका श्रमिकों को बोनस दिया जाने.विजलो कम्पनियों में पूर्व से काम कर रहे 45 साल उम्र पार कर चुके ठेका कर्मियों को 60. वर्ष तक मेवा में लिए जाने,बढ़ती बिजली दुर्घटनाओं को देखते हुए बिजली आउटसोर्स सब स्टेशन ऑपरेटर, पावर ग्लाद ऑपरेटर एवं हेल्परों को एन पी. एस. या अन्य स्कीम के तहत 3 माह का तकनीकि प्रशिक्षण अनिवार्यत: दिये जाने हेतु आदेश जारी करने, ठेकेदारी प्रथा के दौरान विद्युत दुर्घटना में मृतक हुए सभी बिजली आउटसोर्स ठेका कर्मियों परिजनों के संविदा नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान करने,आउटसोर्स कर्मियों को उनके गृह स्थान से अधिकतम पांच किलोमीटर दूरी से अधिक दूरी पर ट्रान्सफर नहीं किया जाने,  आउटसोर्स कर्मियों से उनके पद के अनुरूप काम करवाया जाने, ट्रान्समिशन व जनरेशन विभागों में जारी छोटे पेटी कॉन्टेक्ट खत्म नहीं करने,ठेका कर्मियों को ऑफर लेटर, आई कार्ड, हर माहवेतन पर्ची इंश्योरेंस व ईएसआईसी कार्ड की प्रति अनिवार्यता दी जाने,सब स्टेशन व जनरेशन पॉवर प्लान्ट विंगों में सभी प्रकार के सुरक्षा उपकरण वॉटर फिल्टर व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जाने, बिजली आउटसोर्स सवस्टेशन अपिटर, पॉवर प्लान्ट ऑपरेटर एवं हेल्पगं तथा सुरक्षा सैनिकों का सप्ताहिक अवकाश अनिवार्यन दिये जाने सहित अन्य मांगे की जा रहीं है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में आउट सोर्स कर्मचारी शामिल रहे। 


भालेराव को मातृशोक, आज अंतिम यात्रा


सीहोर। अरुण भालेराव एलआईसी एजेंट, दीपक भालेराव, सुनील भालेराव नागरिक सहकारी बैंक अधिकारी की माताजी श्रीमति निशा भालेराव का आज सोमवार को 84 वर्ष की सुदीर्घ उम्र में देवलोक गमन हो गया है। माताजी बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। कुछ दिनो से आप अस्वस्थ्य चल रही थीं। इनकी अंतिम यात्रा मंगलवार 28 सितम्‍बर को सुनील भालेराव के निज निवास नवीन विद्या भारती स्कूल के पास, नई अदालत के पीछे से प्रात: 11 बजे निकलेगी जो छावनी स्थित विश्राम घांट पर पहुॅचेगी। श्रीमति निशा भालेराव माताजी अपने पीछे नाती-पोतों सहित भरा पूरा परिवार छोडक़र गई हैं। इनके निधन की सूचना से आज शहर में शोक का वातावरण छा गया। महाराष्ट्रीयन समाज में शोक व्याप्त हो गया। विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों द्वारा शोक व्यक्त किया गया है।  इन्द्रा नगर श्मशान घांट समिति की बैठक सम्पन्न, विधि विधान के साथ अस्थि विसर्जन करने का लिया निर्णय


आंवली घांट नर्वदा जी में होगा अस्थि विसर्जन

सीहोर। कोरोना महामारी ने जिले भर के अनेक परिवार में अपना दंश फैलाया और जिले के अनेक प्रमुख लोग काल के गाल में समा गये। जिले भर में कोरोना से मृतक हुए लोगों का इन्द्रा नगर श्मशान घांट पर ही अंतिम संस्कार किया गया था। अनेक परिजन अंतिम संस्कार के बाद राख व फूल नहीं ले जा पाये, इसके पीछे जो भी कारण रहा हो लेकिन अब इन्द्रा नगर श्मशान घांट समिति द्वारा स्वयं इन सभी राख-फूल का विसर्जन नर्वदा जी में ही अगले रविवार को किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में रविवार को आयोजित श्मशान घांट मोक्षधाम समिति की बैठक अध्यक्ष संजय राय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिसमें सचिव अनिल पारे, कोषाध्यक्ष आशीष पचौरी, पत्रकार आनन्द गॉधी, अनिल शांडिल्य,  किशन सोनी, राजेश परिहार, विशाल सेन सहित सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। समिति द्वारा निर्णय लिया गया है कि आगामी 3 अक्टूबर रविवार पितृपक्ष द्वादशी तिथि के दिन सभी मृतात्माओं की राख-फूल का विसर्जन समिति द्वारा विधि विधान से किया जायेगा।


- समिति ने की परिजनों से अपील -

समिति ने जिले भर के उन परिवारों से विनम्र अपील की है जिनके परिजनों का अंतिम संस्कार कोरोना काल में हुआ था कि वह अगर चाहें तो इन 6 दिनों में इन्द्रा नगर श्मशान में आकर अपने परिजनों के निमित्त वहॉ रखी राख व फूल स्वयं भी ले जा सकते हैं अथवा परिजन चाहें तो 3 अक्टूबर रविवार को सामुहिक अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में समिति के साथ अवश्य सम्मिलित हों। ताकि मृतात्माओं को शांति मिल सके। समिति अध्यक्ष संजय राय ने कहा है कि समिति अस्थि कलश यात्रा निकालने की योजना बना रही है, ताकि मृतात्माओं को हम सब मिलकर नमन कर सकें।


कान्हा की बाल लीला के प्रसंग सुन मोहित हुए भक्त, आज किया जाएगा भागवत कथा का समापन, निकाली जाएगी शोभा यात्रा


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सीहोर। शहर के कस्बा स्थित श्रीराम मंदिर राठौर धर्मशाला में जारी सात दिवसीय भागवत कथा में पंडित अभिषेक शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि कथा ज्ञान को सिर्फ सुना ही नहीं बल्कि गुना भी जाए। जीवन सफल हो जाएगा। सारे कष्ट अपने आप दूर हो जाएंगे। जीवन में अशांति का नामो निशान नहीं होगा। इस मौके पर पुतना वध आदि का वर्णन भी किया गया। देर रात्रि तक जारी भागवत कथा में पंडित श्री शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। पूतना जैसी बुराइयों को जब संसार से खतरा होने लग जाता है तो भगवान खुद अवतार लेकर ऐसी बुराइयों को जड़ से उखाड़ देते हैं। हमेशा प्रभु सुमिरन करते रहना चाहिए। वे बोले अपने आप को भगवान को समर्पित करके उनके भजन में लगे रहना चाहिए। तभी जीवन का जीने का लक्ष्य पूरा हो पाएगा। भगवान हमेशा भक्त का ध्यान रखते हैं। जब भी भक्त परेशानी में होते हैं। वे खुद किसी न किसी रूप में आकर उसकी मदद कर चले जाते हैं।  भगवान कृष्ण ने सबसे पहले पूतना का उद्धार किया था। अविद्या और अज्ञान का प्रतीक पूतना है। कृष्ण जन्म पर नंदबाबा के घर खुशी मे जब उत्सव मनाया जाने लगा और नंद बाबा को कंस राजा के पास कर देने जाने मे देरी हो गई। उन्होंने राजा के पास पहुंच कर निवेदन किया की महाराज मेरे घर पुत्र ने जन्म लिया है इस लिए आने मे देरी हो गई। राजा कंस ने पुत्र जन्म की खबर पर पुत्र को चिरंजीव होने का वचन बोला। उसे पता नहीं था जिसे तू चिरंजीव बोल रहा है वो ही तेरा काल है। उधर भगवान मन ही मन मुस्करा रहे है और सोच रहे है की राम जन्म मे ताड़का कृष्ण जन्म मे पूतना से पाला पड़ा है। माता यशोदा का दुलारा अपनी बाल लीलाओं से आनन्द विभोर होते है और अपनी लीलाओं के माध्यम से ही पूतना का वध करते है। पूतना जैसी राक्षसी भगवान को विष पिलाने आई थी, लेकिन भगवान ने उसे माता का पद देते हुए प्रेम के वशीभूत कर लिया। भगवान का पूरा जीवन धर्म की स्थापना के लिए समर्पित रहा है। मंगलवार को भागवत कथा के समापन के अवसर पर सादगी के साथ शोभा यात्रा निकाली जाएगी। 


छावनी दुर्गा उत्सव समिति का गठन, आस्था के साथ मनाया जाएगा दुर्गा उत्सव


सीहोर। शहर के खजांची लाइन स्थित छावनी दुर्गा उत्सव समिति की एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान आगामी सात अक्टूबर से मनाए जाने वाले नवरात्रि पर्व को लेकर चर्चा की गई। बैठक के दौरान युवा समाजसेवी तुषार सोनी को सर्व सहमति से अध्यक्ष बनाया गया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष श्री सोनी ने कहा कि जो भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उसको पूरी कर्मठता और ईमानदारी से निर्वाहन किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता डीडी अग्रवाल के सानिध्य में किया गया था। इस मौके पर बैठक के दौरान समिति के कोषाध्यक्ष ने आय-व्यय का हिसाब दिया। बैठक में ओम रोहिला, ओम शर्मा, विष्णू अग्रवाल, अशोक गोयल, गुड्डा बंसल, मोनू शर्मा, राहुल बंसल, राजेश पारिहार, ऋषि सोनी, अप्पू अग्रवाल, नवनीत उपाध्याय, अदित्या उपाध्याय, निलेश, चौरसिया, संस्कार राठी, सुरेन्द्र सोनी, हर्मेश रावल, नयन जोशी, सागर सोनी, ओम सोनी आदि मौजूद थे। बैठक के पश्चात पंडाल स्थत का भूमि पूजन किया गया। 


संयुक्त किसान मोर्चा ने की कांग्रेस के समर्थन में सौपा कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
  • कृषि विरोधी कृषि कानून रद्द करने और किसानों को बीमा दिए जाने की मांग

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सीहोर। कृषि विरोधी कृषि कानून रद्द करने और किसानों को बीमा दिलवाने सहित कृषि से संबंधित समस्याओं से किसानों को निजात दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने कांग्रेस पार्टी के समर्थन के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सक्सेना को ज्ञापन दिया गया।अखिल भारतीय किसान सभा जिलाध्यक्ष भानु प्रताप राजपूत, राष्ट्रीय किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष चांद सिंह मेवाडा,किसान शक्ति संगठन जिला अध्यक्ष सुधीर त्यागी, किसान स्वराज संगठन जिलाध्यक्ष विनय सिंह दांगी कांग्रेस जिला प्रवक्ता मृदुल तोमर के नेतृत्व में किसानों के कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की गई। संयुक्त किसान मोर्चा के अखिल भारतीय किसान सभा जिलाध्यक्ष भानु प्रताप मेवाड़ा ने बताया की भारत सरकार ने कृषि कानून लागू किए हैं वह पूर्ण रूप से कृषि विरोधी है जिसमें की समर्थन मूल्य की गारंटी भी नहीं है। इस में सीटू प्लस 2 का भी कोई समावेश नहीं किया गया है। कृषि कानून रद्द कर नए सिरे से किसानों की एक समिति बनाई जाए जिसमें समर्थन मूल्य की गारंटी ए टू प्लस सी टू का समावेश किया जाए। किसान शक्ति संगठन जिला अध्यक्ष सुधीर त्यागी ने कहा की कृषि संबंधित समस्याओं को दृष्टिकोण में रखते हुए उन्नत कानून बनाए जाएं एवं खेती लाभ धंधा बने जिस से किसान भी बगैर नुकसान की आधुनिक खेती कर सके ऐसे प्रयत्न सरकार करें। किसान स्वराज संगठन जिलाध्यक्ष विनय सिंह दांगी ने कहा की सरकार किसानों को मिलने वाली खाद की सब्सिडी में कटौती कर रही है वह अपना फैसला वापस ले एवं डीएपी सहित सभी उर्वरक पुराने दामों पर मिले एवं पर्याप्त मात्रा में मिले ऐसी व्यवस्था करें।  राष्ट्रीय किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष चांद सिंह मेवाडा ने कहा की 2020 में खरीफ  सोयाबीन पूर्ण रूप से खराब हो गई थी जिसका बीमा अभी तक किसानों को नहीं दिया गया है तत्काल प्रभाव से किसानों को बीमा दिलाया जाए एवं 2021 खरीफ सीजन में असामान्य मानसून रहते हुए मानसून की तिथि 17 सितंबर के बाद भी मानसून एक्टिव है जिससे की फसलों को भारी क्षति हुई है और अभी आने वाले समय में भी मानसून विड्रॉल नहीं हुआ है जिससे कि सोयाबीन की फसल 70 तक क्षतिग्रस्त हुई है।  इसका शीघ्र मुआवजा दिलवाया जाए। कांग्रेस जिला प्रवक्ता मृदुल तोमर ने कहा की किसानों से संबंधित समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं होता है तो मजबूरन किसानों के साथ कांग्रे्रस को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता अशफाक खान, पंकज शर्मा, कपिल गौर, प्रदीप सिंह, प्रेमनारायण प्रजापति, भगत सिंह तोमर, राजाराम बडेभाई, लक्ष्मण सिंह रैकवार, रिजवान पठान, अजमत पठान सहित कांग्रेस कार्यकिर्ता और किसान बड़ी संख्या में सम्मिलित रहे।


टीकाकरण महाअभियान के तहत 5 बजे तक 9545 लोगों ने लगवाया कोविड टीका


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जिले में कोविड टीकाकरण महाअभियान के तहत 9545 लोगों को कोविड का टीकाकरण किया गया। सीएमएचओ श्री सुधीर डेहरिया ने बताया कि जिले में सोमवार को 5 बजे तक 9545 लोगों को कोविड का टीका लगाया गया। सुबह 08 बजे से ही लोग कोविड का टीका लगवाने के लिए टीकाकरण केन्द्र पहुंचे।

 

जिले में जनपदवार टीकाकरण की स्थिति

जिले में कुल 9545 नागरिकों का टीकाकरण किया गया। जिले में कुल 209 टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए। आष्टा में 1707, बुधनी में 1402, इछावर में 1579, नसरूल्लागंज में 2199, श्यामपुर में 1499 तथा सीहोर शहरी क्षेत्र में 1159 नागरिकों का टीकाकरण किया किया गया।



जिले में आज कोई भी व्‍यक्ति कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला, वर्तमान में कोरोना एक्टिव पॉजिटिव की संख्या शून्य


पिछले 24 घंटे के दौरान प्राप्त रिपोर्ट में जिले में आज कोई भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक कुल कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों की संख्या 10142 है। वर्तमान में एक्टिव पॉजिटिव शून्य हो गई हैं। कुल रिकवर व्यक्तियों की संख्या 10020 हैं। आज 491 सैम्पल लिए गए है। जांच के लिए सीहोर शहरी क्षेत्र से 145, श्यामपुर से 135,  नसरूल्‍लागंज 46, आष्टा से 110,  बुधनी से 17  तथा  इछावर से 38 सेंपल लिए गए हैं। अभी तक कुल जांच के लिए भेजे गए सेंपल 267653 हैं। जिनमें से 255534 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। आज 499 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कुल 1906 सैंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। पैथोलॉजी द्वारा कोरोना वायरस सेंपल की रिजेक्ट संख्या कुल 71 है।




स्वच्छ भारत मिशन से गांवों की बदलती तस्वीर

 
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के गांवों को स्वच्छ और सुंदर बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। शहरों की तरह गांवों में भी सडकों और नालियों की साफ-सफाई की जा रही है। गाड़ी के माध्यम से डोर-टू-डोर कचरे का कलेक्शन किया जा रहा है। सूखा कचरा को अलग-अलग कर सैग्रीगेशन टैंक में निष्पादित किया जा रहा है। इस कचरे से जैविक खाद का निर्माण किया जा रहा है। गांव में स्वच्छता होने से गंदगी से होने वाली बीमारियों से निजात मिलेगी। गांव को स्वच्छ और सुन्दर बनाने में ग्रामवासी भी सहयोग दे रहे हैं। गांवों में प्रायः हैंण्ड पम्प के पास पानी जमा होते रहता था और बीमारियों को फैलने का मौका मिलता था। लेकिन अब हैण्ड पम्प के पास ही सोखता गढ्ढा बनाया जा रहा है जिससे एक ओर गंदा पानी जमा नहीं होगा, तो दूसरी ओर यह पानी जमीन के अन्दर जाने से भू-जल स्तर भी बढ़ेगा। शासकीय भवनों में रूफ वाटर हार्वेसटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। सभी गांवों में कचरे के उचित निष्पादन के लिए जिले के अनेक गांवों में सेग्रीगेशन टैंको का निर्माण किया गया है और अन्य गांवों के यह काम तेजी से किया जा रहा है। गांव में स्वच्छता परिसर भी बनाये गये हैं। नगरों की तरह गांव में भी साइन बोर्ड नजर आने लगे हैं। इस साइन बार्ड में गांव के पंचायत कार्यालय, स्कूल, बाजार, मंडी और गांव से बाहर जाने वाले मार्गों की जानकारी इन साईन बोर्ड में देखी जा सकती है। यह साइन बोर्ड से आगंतुकों के लिए सुविधाजनक साबित हो रहे हैं। गांवों को एक आर्दश गांव बनाने में ग्रामवासियों की सक्रिय भूमिका हो इसके लिए हर गांव में स्वच्छता संवाद का आयोजन किया जा रहा है। नागरिकों को स्वच्छता बनाये रखने का संकल्प दिलाया जा रहा है।



शासकीय राशि का गवन करने पर प्रभारी पंचायत सचिव निलम्बित

 

ग्राम पंचायत मुख्तारनगर के प्रभारी सचिव श्री राधेश्याम पचवारिया को निर्माण कार्यों में घोर लापरवाही और वित्तीय अनियमित्ता करने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हर्ष सिंह ने तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। निलंबन अवधि में श्री पचवारिया का मुख्यालय कार्यालय जनपद पंचायत सीहोर नियत किया जाता है। जिला स्तरीय जांचदल द्वारा दिनांक 27 सितम्बर 2021 को ग्राम पंचायत मुख्तारनगर की जांच करने पर पाया गया कि पंचायत में स्वीकृत निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किये गये है, जबकि निर्माण कार्यों की राशि आहरित की जा चुकी है। जिससे स्पष्ट होता है कि श्री राधेश्याम पचवारिया द्वारा वित्तीय अनियमितता की गई है। जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर श्री पचवारिया को पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरतने तथा शासकीय राशि का गवन करने के कारण निलंबित किया गया है।


कलेक्टर श्री ठाकुर ने अनेक टीकाकरण केंद्रों का किया निरीक्षण, टीकाकरण के लिए आने वाले नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखने के दिए निर्देश



कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर ने जिले अनेक कोविड टीकाकरण केन्द्रों का निरीक्षण किया तथा टीकाकरण महाअभियान के चौथे चरण के तहत चल रही टीकाकरण संबंधी गतिविधियों को देखा। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण केन्द्रों में की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए कोविड टीकाकरण के लिए आने वाले नागरिकों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री ठाकुर ने इछावर के ग्राम भाउखेड़ी, ढाबलामाता, बोरदी कलां, ब्रिजीश नगर सहित अनेक गांवों के कोविड टीकाकरण केन्द्र का निरीक्षण किया। श्री ठाकुर ने वैक्सीनेशन के लिए आए लोगों से चर्चा की तथा उन्हें अन्य लोगों को भी कोविड टीकाकरण के लिए प्रेरित करने की अपील की। श्री ठाकुर ने टीकाकरण केन्द्र में प्रथम एवं सेकण्ड डोज के लिए आने वाले हितग्राहियों की जानकारी ली। उन्होंने परिसर में सतत् रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कोविड टीकाकरण करा चुके लोगों से चर्चा की तथा उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। श्री ठाकुर ने कोविड टीकाकरण केन्द्र के स्टॉफ से कोविड टीके की उपलब्धता, डाटा एंट्री तथा लक्ष्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने  नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोविड टीकाकरण केन्द्र में साफ-सफाई सहित बैठने, पीने का पानी तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाएं लगातार बनाए रखें।



जिला पंचायत सीईओ श्री सिंह ने टीकाकरण केन्द्रों एवं निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण



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जिला पंचायत सीईओ श्री हर्ष सिंह ने इछावर जनपद की ग्राम पंचायत ब्रिजीशनगर सहित अनेक गावों के कोविड टीकाकरण केन्द्रों एवं चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने टीकाकरण महाअभियान के तहत चल रहे टीकाकरण संबंधी कार्य कार्य देखा। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप टीकाकरण करने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी नागरिक कोविड टीकाकरण से वंचित न रहे यह सुनिश्चित किया जाए। टीकाकरण केन्द्रों के अलावा श्री सिंह ने ग्राम पंचायत में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के चल रहें निर्माण एवं विकास कार्यों का निर्माण स्थल पर पहुंकर निरीक्षण किया। इस दौरान सीईओ श्री सिंह ने गांव की अन्य समस्याओं के बारे में चर्चा की। श्री सिंह ने ग्राम पंचायत में रूप वाटर हार्वेस्टिंग सहित किये जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत में चल रहें निर्माण एवं विकास कार्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसबीएम जिला समन्वयक श्री विकास बघाडे, जनपद सीईओ श्रीमती आयुषी गोयल, एसबीएम ब्लॉक समन्वयक श्री कमल वर्मा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


बाल श्रम पर चाइल्ड लाइन ने बच्चों तथा परिजनों से किया संवाद

 

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चाइल्ड लाइन टीम ने स्थानीय वार्ड क्रमांक 32 में बच्चों की समस्याओं पर चर्चा करने और उनका उचित निराकरण करने के लिए ओपन हाउस कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में वार्ड के पार्षद श्री आजम खान ने बच्चों की समस्याओं और उनके निराकरण के लिए पर चर्चा की। चाइल्ड लाइन समन्वयक श्री राजेन्द्र सिंह ने बच्चों में शिक्षा की कमी, स्वास्थ्य और बाल श्रम के संबंध में बच्चों और उनके परिजनों से संवाद किया। साथ ही बाल श्रम से होने वाली समस्याओं और उसके कानूनी पक्ष की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में चाइल्ड लाइन सदस्य परिणीता जैन, श्री स्वराज्य कीर, श्री दीपक रूहेला और मनीषा राठौर उपस्थित थे।

 

चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय निम्न पदों पर भर्ती


चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय द्वारा संचालित पारम्परिक पाठ्यक्रम के लिए सत्र 2021-22 के दौरान अतिथि विद्वान एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रयोगशाला तकनीशियन कार्य के लिए भर्ती की जाएगी। इसके लिए योग्य उम्मीदवार महाविद्यालय से जानकारी प्राप्त आवेदन कर सकते है।

 

आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत 2 अक्टूबर से 14 नवंबर तक होंगे  "पेन इंडिया अवेयरनेस कार्यक्रम"

 

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत 2 अक्टूबर से 14 नवंबर तक "पेन इंडिया अवेयरनेस कार्यक्रम" विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जागरूकता कार्यक्रम में प्रभात फेरी, मेले एवं शिविर आयोजित करने के लिए निर्देशित किया है, जिसके लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला मुख्यालय एवं तहसील मुख्यालय पर प्रशासनिक अधिकारियों एवं न्यायाधीश की समितियों का गठन किया है।

2 अक्टूबर को प्रभात फेरी
2 अक्टूबर को प्रातः 8:00 बजे से जिला न्यायालय परिसर से भोपाल चौराहा, इंग्लिशपुरा, कोतवाली चौराहा, बाजार होते हुए बाल विहार मैदान तक प्रभात फेरी निकाली जाएगी तथा बाल विहार मैदान में सभी एकत्रित होंगे जहां पर मा. प्रधान जिला न्यायाधीश श्री आरएन चंद एवं कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर संबोधित करेंगे।


वृहद जागरूकता मेला होगा आयोजित
11 अक्टूबर को ग्राम मानपुरा में वृहद जागरूकता मेला आयोजित किया जाएगा। वृहद जागरूकता मेले में सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे तथा अपने-अपने विभाग के स्टॉल लगाऐंगे। समस्त विभागों के अधिकारियों को राष्ट्रीय कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया।


जिले में अब तक 940.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज बीते 24 घंटे में 0.0 मिलीमीटर औसत वर्षा

 

जिले में 01 जून से 26 सितंबर, 2021 तक  940.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जो कि गत वर्ष इसी अवधि में औसत वर्षा 1432.3 मिलीमीटर थी। जिले की वर्षा ऋतु में सामान्य औसत वर्षा 1148.4 मिलीमीटर है। अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 01 जून से 26 सितंबर, 2021 तक जिले के वर्षामापी केन्द्र सीहोर में 894.9 मिलीमीटर,  श्यामपुर में 944.9, आष्टा में 825.0,  जावर में 794.0,  इछावर में 925.3, नसरूल्लागंज में 913.0,  बुधनी में 1113.0, रेहटी में 1110.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।



बीते 24 घंटे में 0.0 मिलीमीटर औसत वर्षा

जिले में बीते 24 घंटे में प्रात: 08 बजे तक 0.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। वर्षामापी केन्द्र सीहोर में 0.0 मिलीमीटर, श्यामपुर में 0.0, आष्टा में 0.0,  जावर में 0.0,  इछावर में 0.0, नसरूल्लागंज में 0.0,  बुधनी में 0.0, रेहटी में 0.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।


 

म.प्र. के नक्सल प्रभावित जिलों में 12 लाख श्रमिकों को रोजगार- मुख्यमंत्री श्री चौहान
  • श्रमिकों को 802 करोड़ के पारिश्रमिक का भुगतान, केन्द्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली में नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक


केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद पर समीक्षा बैठक में नक्सलवाद प्रभावित सभी राज्यों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नियंत्रण और विकास के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि वर्ष 2020-21 में नक्सल प्रभावित जिलों में 12 लाख श्रमिकों को रोजगार प्रदान कर 802 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विगत 5 वर्ष में 375 करोड़ रुपये के अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्य कराये गये हैं। इसके अतिरिक्त ईनामी नक्सली मुठभेड़ में मारे गये हैं और गिरफ्तारी भी की गई है। बैठक में केन्द्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री श्री गिरिराज सिंह, जनजातीय मामलों के मंत्री श्री अर्जुन मुंडा, दूरसंचार, सूचना-प्रौद्योगिकी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह और केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय भी उपस्थित थे। बैठक में बिहार, ओडिसा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्यप्रदेश और झारखण्ड के मुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और केरल के वरिष्ठ अधिकारी, केन्द्रीय गृह सचिव, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के शीर्ष अधिकारी और केन्द्र तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।


प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को निरंतरता

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में अवगत कराया कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों में नक्सलवाद को नियंत्रित करने के लिये सशस्त्र कार्यवाही करने के साथ ही निरंतर विकासात्मक कार्य कराये जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्र में लोगों को वृहद स्तर पर मनरेगा अंतर्गत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। मनरेगा के 12 लाख श्रमिकों को रोजगार प्रदान करते हुए 2020-21 की एक वर्ष की अवधि में ही 802 करोड़ 57 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। विगत 5 वर्ष की अवधि में राज्य ने अपने स्रोतों से 375 करोड़ रुपये व्यय कर 430 किलोमीटर सड़कें एवं 14 पुल निर्मित किये हैं। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश रूरल कनेक्टिविटी योजना एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 72 करोड़ के व्यय से 1405 किलोमीटर की सड़कें नक्सल प्रभावित जिलों में बनाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में पूर्व में निरस्त वन अधिकार दावों पर पुनर्विचार करते हुए 34 हजार पट्टे जनजाति भाई-बहनों को दिए गए हैं।


जनजातियों के आर्थिक सशक्तीकरण के कार्य निरंतर

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश में जनजातियों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। अनुसूचित जनजाति ऋण विमुक्ति अधिनियम-2020 पारित किया है, जिससे अनुसूचित क्षेत्र में रहने वाले आदिवासियों को नियम विरूद्ध दिए गए ऋण अपने आप माफ हो गए हैं। राज्य में पेसा कानून को चरणबद्ध रूप से लागू करने का कार्य प्रारम्भ किया जा रहा है। "ग्राम न्यायालयों'' को सशक्त करने की दिशा में राज्य के नियमों में संशोधन किया जाएगा। देवारण्य योजना के तहत अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में औषधियों के उत्पादन की तकनीक और उनके लिए बाजार लिंकेज उपलब्ध कराई जा रही है। वन विभाग के माध्यम से संचालित गतिविधियों से बालाघाट, मण्डला एवं डिंडौरी जिले में रोजगार सृजित हुआ है।


प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता पर फोकस

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि बालाघाट, मण्डला, डिंडोरी जिलों में 23 हजार 113 महिला स्व-सहायता समूह बनाकर समूहों से 2 लाख 74 हजार परिवारों को जोड़ा गया है। ये समूह उन्नत खेती, पशुपालन उत्पादों के विपणन के साथ गैर कृषि क्षेत्र में भी कार्य कर रहे हैं। प्रदेश की उद्योग मित्र नीति के फलस्वरूप बालाघाट, मण्डला और डिंडोरी में रोजगार मेलों तथा स्व-रोजगार योजनाओं से एक अप्रैल, 2020 से अब तक 10 हजार 341 व्यक्तियों को रोजगार मिला है। बालाघाट में 18 अगस्त, 2021 को आयोजित इन्वेस्टर मीट में 16 उद्योगपतियों ने 2800 करोड़ के निवेश पर सहमति जताई है। इससे क्षेत्र के 4000 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही 54 एमएसएमई इकाइयों में लगभग 300 करोड़ के निवेश पर भी सहमति व्यक्त की गई।


पुलिस बल की कार्यवाही के अच्छे परिणाम

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में बताया कि ट्राईजंक्शन में तीनों राज्यों के पुलिस बल की संयुक्त कार्यवाही के अच्छे परिणाम आए हैं। सर्च ऑपरेशन एवं एरिया डॉमिनेशन बढ़ाया गया है। नक्सली दस्तावेजों और गिरफ्तार नक्सलियों की पूछताछ से स्पष्ट हुआ है कि ठेकेदारों से पहुँचने वाली करोड़ों रुपये की राशि नक्सलियों तक नहीं पहुँच सकी। मुख्यमंत्री ने बताया कि विगत 3 वर्षों में मध्यप्रदेश पुलिस ने 7 नक्सलियों को मारने और 3 नक्सलियों की गिरफ्तारी में सफलता प्राप्त की है।


जीवन-यात्रा के विभिन्न आयामों और पड़ावों को पर्यटन से जोड़ रहा है मध्यप्रदेश : सुश्री उषा ठाकुर



जीवन के विविध आयामों से गुजरती जीवन-यात्रा मानव के चित्त को परमात्मा से जोड़ती है। लोक से परलोक, भौतिकता से आध्यात्म, अंधकार से प्रकाश और आत्मा से परमात्मा तक के सफर को समेटे हुए मानव अपना जीवन चक्र पूरा करता है। जीवन-यात्रा के इन विविध पड़ाव और आयामों को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पर्यटन से जोड़ने की अभिनव पहल की है। इस पहल को मूर्त रूप देने के लिए प्रदेश के पर्यटन विभाग ने अंतर-विभागीय और बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया है। पर्यटन विभाग ने मानव की जीवन यात्रा के विभिन्न पड़ाव और आयामों को धर्म, संस्कृति, आध्यात्म और स्वास्थ्य के साथ जोड़कर विकसित किया है। इससे आरामदायक और सुलभ पर्यटन के साथ मनुष्य का धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उन्नयन संभव हो सकेगा। मनुष्य की बाल्य-काल से वृद्धावस्था तक के सफर में उसकी रूचियों और आवश्यकता में निरंतर परिवर्तन होते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग ने बच्चों के लिये साइकिलिंग, पतंगबाजी और इंडोर गेम्स जैसी रोचक गतिविधियाँ, युवाओं के लिए पैराग्लाइडिंग, बैलून सफारी जैसी साहसिक गतिविधियों के साथ वृद्धजन के लिए वैलनेस और आयुर्वेदिक पंचकर्म जैसी सुविधाएं पर्यटन स्थल पर उपलब्ध करायी गई हैं। इस तरह हर आयु वर्ग के लिए पर्यटन स्थल पर पर्याप्त रोचक, साहसिक और मनोरंजक गतिविधियाँ संचालित करने के नवाचारों और नीतिगत परिवर्तनों के फल स्वरूप विश्व के प्रतिष्ठित ट्रेवल पब्लिकेशन 'लोनली प्लैनेट' ने मध्यप्रदेश पर्यटन को वर्ष 2020 में 'बेस्ट वैल्यू डेस्टिनेशन' में तृतीय स्थान पर रखा है। व्यक्तित्व के विकास के लिए ज्ञानवर्धन के साथ धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उन्नयन भी आवश्यक होता है। पर्यटन विभाग ने संस्कृति और आध्यात्म विभाग के परस्पर समन्वय से व्यक्तित्व विकास के लिए पर्यटन के विभिन्न आयाम को शामिल किया है। इनमें अनुभूति पर्यटन, साहसिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, मॉनसून पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, वैलनेस टूरिज्म और रॉक आर्ट टूरिज्म जैसे नवाचार पर्यटकों को रोचक जानकारी और अनुभव देने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में योगदान देंगे। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के समीप अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर 'टूरिज्म सर्किट' विकसित किए जा रहे हैं। इन सर्किटों में पर्यटको को पर्यटन के साथ आसपास के क्षेत्र की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक इमारत, म्यूजियम और स्थानीय संस्कृति से परिचित मिलेगा, वहीं स्थानीय निवासियों को आर्थिक उन्नयन के साधन उपलब्ध होंगे। यह दोनों के लिए ही विन-विन सिचुएशन होगी, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा। ग्रामीण पर्यटन कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश के प्रमुख 6 सांस्कृतिक क्षेत्रों में ग्रामों को हेरिटेज ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें 1500 से अधिक होमस्टे विकसित किए जायेंगे। पर्यटक को पर्यटन स्थल के समीप ही स्थानीय संस्कृति से परिचय, स्थानीय व्यंजन के स्वाद, हस्त-कला और हस्त-शिल्प के उत्पादों को क्रय करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन भी उपलब्ध होंगे। हाल ही में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा ओरछा के ग्राम लाडपुरा खास को यूनाइटेड नेशंस वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन अवार्ड मे 'बेस्ट टूरिज्म विलेज' श्रेणी में नामांकित किया गया है। अगले 5 वर्ष में प्रदेश के 100 गाँवों को ग्रामीण पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इनमें ओरछा, खजुराहो, मांडू, साँची, पचमढ़ी, तामिया, पन्ना नेशनल पार्क, बांधवगढ़ नेशनल पार्क, संजय दुबरी नेशनल पार्क, पेंच और कान्हा नेशनल पार्क आदि क्षेत्रों में उपयुक्त स्थलों का चयन कर विकास किया जाएगा। प्रदेश के नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य के प्रति अनायास ही पर्यटक आकर्षित हो जाते है। मॉनसून पर्यटन वर्षा काल में पर्यटकों को प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य से परिचय कराने के लिए जंगल में 'बफर में सफर' कैंपेन चलाया गया। इस कैंपेन में पर्यटकों ने जंगल के बफर जोन में सफारी का आनन्द लिया। साथ ही बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में हॉट एयर बैलून सफारी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे। पर्यटकों ने बताया हॉट एयर बैलून में ऊँचाई से राष्ट्रीय उद्यान की हरियाली और सुंदरता को निहारना उनके जीवन का न भूलने वाला पल बन गया है। प्रदेश के नागरिकों को पर्यटन के दौरान ज्ञानवर्धक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'अनुभूति पर्यटन' के लिए पन्ना में जिला पुरातत्व एवं पर्यटन परिषद द्वारा कार्य-योजना बनाई गई है। यहाँ पर राज्य का आर्ट डायमंड म्यूजियम स्थापित किया जाएगा। पन्ना प्रदेश का एकमात्र जिला है जहाँ से हीरे प्राप्त होते हैं। पर्यटकों को हीरे से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ म्यूजियम में उपलब्ध कराई जाएगी। कैंपिंग और साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 'साहसिक पर्यटन' अंतर्गत प्रदेश में युवाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। युवाओं के लिए चुनिंदा पर्यटन स्थलों पर साइकिल टूर, वॉटर स्पोर्ट्स, कैंपिंग, हॉट एयर बैलून सफारी जैसी रोमांचक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही मांडू उत्सव, खजुराहो नृत्य समारोह और जल महोत्सव में युवाओं के लिए म्यूजिक कंसर्ट का भी आयोजन किया जा रहा हैं। प्रदेश के धार्मिक स्थल और वहाँ की आध्यात्मिक अनुभूति अपने आप में विशिष्ट स्थान रखते हैं। यह धार्मिक स्थल परमात्मा से संपर्क का सीधा माध्यम है। पर्यटकों को धार्मिक स्थलों तक पहुँच सुगम और कुशल तरीके से उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन विभाग ने 'धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन' अंतर्गत प्राचीन नगरी उज्जैन, चित्रकूट, अमरकंटक, मैहर, महेश्वर, मंदसौर, ओंकारेश्वर, खजुराहो, ग्वालियर और ओरछा आदि में सुलभ और आरामदायक पर्यटन की सुविधाओं का विकास किया है। अब पर्यटक इन स्थलों पर धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभूति के साथ आस-पास के स्थलों पर मनोरंजन और रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। अधिक उम्र और वृद्ध पर्यटकों के स्वास्थ्य की चिंता भी पर्यटन विभाग को है। 'वेलनेस टूरिज्म' के अंतर्गत प्रदेश के 7 महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल पर वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। वैलनेस सेंटर पर पर्यटक के लिए योग, आयुर्वेद पद्धति से पंचकर्म, कायचिकित्सा, मेन्टल हेल्थ व्यायाम जैसी चिकित्सा और वैलनेस सुविधाएँ उपलब्ध होगी। पर्यटन विभाग की इकाइयों जैसे होटल होलीडे होम्स अमरकंटक, सैलानी आईलैंड रिजॉर्ट सैलानी, गांधी सागर डैम के समीप स्थित हिंगलाज रिजॉर्ट मंदसौर, व्हाइट टाइगर फॉरेस्ट लॉज बांधवगढ़, किपलिंग कोर्ट और इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, ओरछा आदि प्रमुख शहर में वैलनेस सेंटर स्थापित किए जायेंगे। महिलाओं की सुरक्षा प्रदेश की प्राथमिकता है। प्रदेश के पर्यटन स्थलों में महिला पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने और उन्हें भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा 'महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना' का क्रियान्वयन किया जाएगा। पर्यटन स्थलों में कौशल उन्नयन कर महिलाओं को रोजगार एवं स्व-रोजगार से जोड़ा जाएगा, जिससे आने वाली महिला पर्यटक अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें। साथ ही पर्यटन को अधिक जिम्मेदार और सतत बनाने के उद्देश्य से 'मध्यप्रदेश रिस्पांसिबल टूरिज्म मिशन' प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत स्थानीय स्तर पर कौशल उन्नयन कार्यक्रम, हस्तशिल्प एवं कला, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, सुगम्यता अंकेक्षण आदि का संचालन किया जाएगा। कोविड-19 की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश के टूरिज्म होटलों और पर्यटन स्थल पर कार्यरत सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और स्टाफ का वैक्सीनेशन सुनिश्चित किया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी कोविड-19 प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। सभी पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। पर्यटको में सभी आयु वर्गों की रूचियों और उपलब्ध मनोरंजन के सभी साधनों का संसाधनों का समावेश करते हुए पर्यटन विभाग ने एकीकृत पर्यटन इकोसिस्टम का विकास करने का प्रयास किया है। जहाँ पर्यटकों को आरामदायक और लक्जीरीयस सुविधाएँ देने के साथ उनके ज्ञान संवर्धन, धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नयन के साथ स्वास्थ्य वर्धन का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मध्यप्रदेश में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए अपनी जीवन-यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर रुचि अनुसार पर्यटन स्थलों के चयन करने के सभी विकल्प उपलब्ध हैं। प्रदेश का नैसर्गिक सौंदर्य और ऐतिहासिक स्थल न सिर्फ आपको लुभाने के लिए तैयार हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खासकर प्रदेशवासियों का आत्मीय व्यवहार भी आपका स्वागत करने के लिए आतुर है। जीवन में एक बार मध्यप्रदेश की यात्रा कर पर्यटन स्थलों का आनंद अवश्य लें। देश के ह्रदय प्रदेश मध्यप्रदेश में आपका स्वागत है।

 

शासकीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान और अशासकीय डी.एल.एड. महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां आज से होगी प्रारम्भ



सत्र 2021-22 के लिए विभाग के अधीन शासकीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों और अशासकीय डी.एल.एड. महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां 27 सितंबर 2021 से प्रारंभ की जायेगी। महाविद्यालयों में पुस्तकालय और छात्रावास भी खोले जायेंगे। कोविड-19 महामारी के कम होते प्रभाव और प्रशिक्षणार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि  प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों एवं संस्थानों में शैक्षणिक तथा अशैक्षणिक स्टॉफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति होगी। प्रशिक्षणार्थियों की भौतिक रूप से 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। शिक्षण संस्थानों द्वारा ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन भी जारी रहेगा। शिक्षण संस्थानों द्वारा ऑफलाईन एवं ऑनलाईन कक्षाओं के लिए पृथक-पृथक समय-सारणी जारी की जायेगी। छात्रों की संख्या और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर संस्था प्रमुख कक्षाओं के संचालन के संबंध में निर्णय ले सकेंगे। पुस्तकालय अध्ययन कक्ष में क्षमता से 50 प्रतिशत प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जायेगी। संस्थानों एवं महाविद्यालयों में छात्रावास चरणबद्ध रूप से आरंभ होंगे। प्रथम चरण में अंतिम वर्ष या तृतीय सेमेस्टर के प्रशिक्षणार्थियों के लिये छात्रावास खोले जायेंगे। छात्रावासी परिसर में सोशल डिस्टेन्सिंग, सेनिटाइजेशन एवं सभी प्रशिक्षणार्थी की थर्मल स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जायेगी। महाविद्यालय और प्रशिक्षण संस्थानों के सभी शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक  स्टाफ को वैक्सीनेशन कराना अनिवार्य होगा। कोविड-19 प्रोटोकॉल के नियमों और केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी  दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जायेगा।


बेटियों की आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त कदम है "लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0-आत्मनिर्भर लाड़ली" : मुख्यमंत्री श्री चौहान



मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बेटियों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना को नए स्वरूप "लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 -आत्मनिर्भर लाड़ली" के रूप में लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी और गर्व है कि बेटियों के प्रति समाज की मानसिकता में बदलाव लाने के लिए वर्ष 2007 में लागू की गई लाडली लक्ष्मी योजना में वर्तमान में 39.81 लाख से अधिक बेटियाँ जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि योजना की लोकप्रियता को देखते हुए अन्य राज्यों ने भी इसे अपनाया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज के वैश्विक परिदृश्य में बेटियों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाए जाने की जरूरत है। "लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 आत्मनिर्भर लाड़ली" में हमने लाडली बालिकाओं के कौशल प्रशिक्षण एवं विभिन्न व्यवसायिक क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता, उच्च शिक्षा तथा जीवन के अन्य क्षेत्रों में उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है। इससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी तथा सामाजिक और आर्थिक रूप से अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कर सकेंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश की लाड़ली बेटियों से आग्रह किया है कि वे शाला में प्रवेश से लेकर निरंतर आगे की कक्षाओं में अग्रसर होते हुए इसी लगन, उत्साह और परिश्रम से 12वीं कक्षा तथा उसके बाद भी अपने रूचि अनुसार लक्ष्य निर्धारित करते हुए उच्च शिक्षा एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करें। इससे अन्य बालिकाओं को भी प्रेरणा मिल सकें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना से जुड़ी बालिकाओं को कॉलेज की पढ़ाई से लेकर स्व-रोजगार अथवा नौकरी पाने तक राज्य सरकार हरसंभव सहायता करेगी।

 

’उर्दू अकादमी की डिजिटल डायरेक्टरी में रचनाकार जुड़वायें अपना नाम’



मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी के द्वारा तैयार की जा रही डिजिटल डायरेक्टरी में प्रदेश के सभी उर्दू रचनाकार, लेखक, शायर, कहानीकार आदि को शामिल किया जा रहा है। निदेशक  ने बताया कि डिस्टल डायरेक्टरी के जरिये प्रदेश के रचनाकारों से संपर्क किया जा सकता है। डायरेक्टरी में नाम जुड़वानें के लिए रचनाकार अपनी जानकारी, जिसमें नाम, पता, लेखन की विधा, जन्मतिथि, स्थान, मोबाइल नंबर और ई-मेल के साथ प्रकाशित पुस्तकों और पुरस्कार की जानकारी को निर्धारित प्रपत्र में ईमेल mpurduacademy1976@gmail.com पर 10 अक्टूबर, 2021 तक भेज सकते है।



पत्रकार समूह बीमा योजना -  30 सितम्बर तक कर सकते हैं आवेदन

 

पत्रकारों के लिये जनसम्पर्क विभाग ने स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा योजना लागू की है। स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 4 लाख रू. और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत 10 लाख रू. का बीमा किया जाएगा। पत्रकारों के लिये स्वास्थ्य बीमा योजना में 2 लाख रूपये और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना में 5 लाख रूपये का विकल्प भी होगा। पत्रकार 4 लाख अथवा 2 लाख रूपये का बीमा करवा सकते है। इसके लिये आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितम्बर निर्धारित की गई है। योजना में शामिल होने के लिये पत्रकारों की आयु सीमा 21 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पूर्व से बीमित पत्रकार 80 वर्ष तक योजना के पात्र होंगे। बीमा एक साल के लिये किया जायेगा। साठ वर्ष तक आयु के संचार प्रतिनिधि की वार्षिक बीमा किश्त का 75 प्रतिशत और 61 से 70 वर्ष के संचार प्रतिनिधियों के बीमा किश्त का 85 प्रतिशत भुगतान जनसम्पर्क संचालनालय द्वारा किया जायेगा। इस योजना के अंतर्गत पत्रकार के पति, पत्नी, अधिकतम 26 वर्ष तक के तीन अविवाहित बच्चों एवं माता पिता को निर्धारित प्रीमियम देने पर, योजना में शामिल किया जा सकेगा। बीमा पॉलिसी में पहले से विद्यमान सभी बीमारियाँ शामिल होंगी। इस हेतु जनसम्पर्क संचालनालय के अधिमान्य पत्रकारों के साथ ही संचार संस्थान का फार्म 16 एवं पीपीएफ कटौत्री की स्लिप देने वाले पत्रकारों को भी पूर्वानुसार पात्रता होगी। मध्यप्रदेश के मूल निवासी नई दिल्ली में कार्यरत पत्रकारों को भी योजना में पात्रता होगी। गैर अधिमान्य पत्रकारों के लिये 50 प्रतिशत प्रीमियम पत्रकार द्वारा और 50 प्रतिशत जनसम्पर्क विभाग द्वारा दिया जायेगा। इस श्रेणी में दैनिक समाचार पत्र के चार, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक पत्र-पत्रिका और इलेक्ट्रॉनिक एवं वेब मीडिया के दो-दो प्रतिनिधियो को योजना में पात्रता होगी। आर.एन.आई. में रजिस्टर्ड नियमित पत्र-पत्रिकाओं के प्रतिनिधि पात्र होंगे। योजना अंतर्गत पॉलिसी के तहत बीमा कम्पनी के चिन्हित अस्पतालों में इलाज की कैशलैस व्यवस्था होगी। इसके लिये पत्रकारों को ई कार्ड ई-मेल के माध्यम से भेजा जायेगा। अस्पताल में इलाज के दौरान पत्रकारों को आधार कार्ड ले जाना जरूरी होगा। योजना का विवरण प्रीमियम तालिका जनसम्पर्क की वेबसाईट www.mpinfo.org पर उपलब्ध है। प्रीमियम को एनईएफटी कर यू.टी.आर. नम्बर की जानकारी सहित अन्य पूरी जानकारी ऑनलाईन https:mdindiaonline.com/mpgovt/loginpage.aspx लिंक पर उपलब्ध फार्म में भरनी होगी। फार्म ऑफलाईन नहीं लिये जायेंगे। अधिमान्यता प्राप्त और गैर अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों के अलग-अलग फार्म है।

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