पटना में बंद समर्थकों ने डाकबंगला चैराहे पर जमाया कब्जा. - Live Aaryaavart

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सोमवार, 27 सितंबर 2021

पटना में बंद समर्थकों ने डाकबंगला चैराहे पर जमाया कब्जा.

  • मोदी सरकार के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान, माले व महागठबंधन के दलों ने बुद्ध स्मृति पार्क से निकाला मार्च, किसान व ट्रेड यूनियन संगठनों के भारत बंद का बिहार में व्यापक असर.

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पटना 27 सितंबर, किसान संगठनों के संयुक्त आह्वान पर आज भारत बंद का राजधानी पटना में भी व्यापक असर रहा. किसानों के बंद के समर्थन में ट्रेड यूनियन संगठन व भाकपा-माले सहित महागठबंधन के दल भी सड़क पर उतरे. टेंपो यूनियन ने भी बंद का समर्थन किया. अखिल भारतीय किसान महासभा, खेग्रामस, आइसा, ऐपवा, इनौस आदि संगठनों ने भी बंद में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. आज सुबह 11 बजे अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव, पूर्व विधायक व अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बिहार-झारखंड प्रभारी राजाराम सिंह तथा अन्य किसान नेताओं के नेतृत्व में पटना स्टेशन से बंद के समर्थन में मार्च निकला. यह मार्च फ्रेजर रोड होते हुए डाकबंगला चैराहा पहुंचा और फिर चैराहा को जाम करके एक बड़ी सभा का आयोजन किया गया. वहीं, बुद्ध स्मृति पार्क से भाकपा-माले, सीपीआई, सीपीएम, फारवर्ड ब्लाॅक, आरएसपी, राजद व कांग्रेस का प्रभावशाली मार्च आरंभ हुआ. यह मार्च भी फ्रेजर रोड होते हुए डाकबंगला चैराहा पहुंचा और किसान व ट्रेड यूनियन संगठनों के साथ एकाकार हो गया. मार्च के दौरान आइसा के नेतृत्व में छात्र-युवाओं का भी बड़ा जत्था सड़क पर उतरा. भाकपा-माले के राज्य सचिव काॅ. कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य काॅ. धीरेन्द्र झा, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, ऐपवा की बिहार राज्य सचिव शशि यादव, किसान महासभा के राज्य सचिव रामाधार सिंह, राजेन्द्र पटेल, वरिष्ठ किसान नेता केडी यादव, पटना नगर के सचिव अभ्युदय, उमेश सिंह, ऐक्टू नेता आर एन ठाकुर, रणविजय कुमार आदि इस मार्च का नेतृत्व कर रहे थे. जुलूस में राजद के पटना जिला अध्यक्ष देवमुनि सिंह यादव, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, सीपीआई के राज्य सचिव रामनरेश पांडेय व सीपीएम के राज्य सचिव अवधेश कुमार  शामिल थे. राजद के प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदानंद सिंह एक दूसरे जत्थे के साथ डाकबंगला चैराहा पर पहुंचे. और सभी जत्थों ने चैराहे को घेर लिया. प्रदर्शनकारियों ने लगभग दो घंटे तक डाकबंगला चैराहे को जाम रखा और इस बीच लगातार मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ नारे लगाते रहे. छात्र-युवाओं का जत्था क्रांतिकारी गीतों के जरिए अपने आक्रोश को अभिव्यक्त करता रहा.


डाकबंगला चैराहा पर सभी दलों के नेताओं ने बिहार में प्रभावशाली भारत बंद की चर्चा की और अपने वक्तव्य रखे. माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि आज पूरा देश मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ एकजुट हो रहा है और किसानों के साथ-साथ मजदूर व समाज के सभी संघर्षशील तबके सड़क पर हैं. आज महंगाई आसमान छू रही है. बेरोजगारी चरम पर है. महिलाओं पर भी अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं. आज का आंदोलन यह बता रहा है कि देश में भाजपा से सताए गए तमाम लोगों का एक व्यापक मोर्चा बन रहा है. हमें पूरा भरोसा है कि यह मोर्चा भाजपा की तानाशाही को खत्म कर देगा. पूरा विपक्ष इस लड़ाई में एक साथ हैं. यह मोर्चा सरकार के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा. आशा कार्यकर्ताओं की नेता शशि यादव ने कहा कि आज घर चलाना मुश्किल हो गया है लेकिन दूसरी ओर सरकार सरकारी संपत्तियों को बेचने में लगी है. इसके खिलाफ आज पूरा देश सड़क पर है. आशा, आंगनबाड़ी, ममता, रसोइया इन्हीं तबकों के बल पर सरकार के सभी स्कीम लागू होते हैं, लेकिन उन्हें न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिलती है. इसलिए ये सभी तबके आज सड़क पर हैं. सरकार अस्पताल बंद करके आशा को हटाना चाहती है, स्कूलांे को बंद कर रसोइयो को बाहर निकालना चाहती है. इसके खिलाफ सभी लोग एकजुट हो रहे हैं. पालीगंज विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि आज बंद में छात्र-युवाओं की भी व्यापक भागीदारी है. विगत दस महीने से देश के किसान अपनी खेती को बचाने के लिए सड़क पर हैं. किसान हमारे देश की रीढ़ हैं और जब रीढ़ टूट जाए तो आदमी चल नहीं सकता है. अतः देश को भी अपंग बनाने का काम किया जा रहा है. पर हम सभी यह होने नहीं देंगे. यह आंदोलन उस वक्त तक चलता तक रहेगा जबतक तीनों कृषि कानून को वापस नहीं लिया जाता है. सभा की अध्यक्षता किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह ने की. लगभग दो घंटे तक सभा चलने के बाद मोदी सरकार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी रखने के आह्वान के साथ सभा खत्म हुई.


जिलों से अन्य रिपोर्ट

कैमूर में वाम दलों के संयुक्त बैनर से नगरपालिका मैदान भभुआ से मार्च करते हुए एकता चैक पर जाम किया गया. चैनपुर में सैंकड़ों की तादाद में बंद समर्थक सड़क पर उतरे. पूर्णिया का बनमनखी बाजार भी पूरी तरह बंद रहा. बेतिया में एनएच 27 स्टेशन चैक पर घंटो जाम रहा, जिसमें सिकटा विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने हिस्सा लिया. मुजफ्फरपुर-हाजीपुर एनएच तुर्की में घंटो जाम रहा. सकरा में सुजावलपुर चैक पर एनएच 28 भारत बंद के दौरान घंटो जाम रहा. माले विधायक दल के नेता महबूब आलम के नेतृत्व में कटिहार में बंद के समर्थन में जुलूस निकला और शहर के शहीद चैक को जाम कर दिया गया. सुपौल में संयुक्त रूप से गांधी मैदान से बंद का जुलूस निकला. बंद में कोशी नव निर्माण मेचं ने भी हिस्सा लिया. समस्तीपुर में शहर के मालगोदाम चैक से जुलूस आरंभ हुआ और सड़क को जाम कर दिया गया. बक्सर के सोनबरसा में भी प्रभावशाल बंद दिखा. मधुबनी में जिला पदाधिकारी के गेट के सामने प्रदर्शन किया गया. नवादा में प्रजातंत्र चैक घंटो जाम रहा. जमुई, सारण आदि जिलों में भी बंद का व्यापक असर रहा.

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