कुपोषण से बचाव के लिए संतुलित आहार के महत्व को जानना जरूरी - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 3 सितंबर 2021

कुपोषण से बचाव के लिए संतुलित आहार के महत्व को जानना जरूरी

  • “राष्ट्रीय पोषण अभियान” विषय पर ई-कार्यशाला का आयोजन

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पटना,  03 सितम्बर, रीजनल आउटरीच ब्यूरो (आरओबी), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत  सरकार, पटना  द्वारा  “राष्ट्रीय पोषण अभियान” विषय पर ऑनलाइन ई-कार्यशाला का आयोजन आज किया गया।  कार्यशाला की अध्यक्षता एस. के. मालवीय, अपर महानिदेशक, आरओबी एवं पीआईबी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, पटना द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने पोषण के महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि सबको पौष्टिक भोजन अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आम लोगों में यह भ्रम है कि केवल महँगे उत्पाद ही पौष्टिक होते हैं। हमें "इट लोकल, बी लोकल" के संदेश के साथ स्थानीय खाद्य उत्पादों पर जोर डालने की जरूरत है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए पत्र सूचना कार्यालय रांची के महानिदेशक अरिमर्दन सिंह ने कहा कि शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी संतुलित और पोषण युक्त आहार बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड में हमने देखा कि आंतरिक स्वास्थ्य सबसे आवश्यक है इसीलिए मातृ  व  शिशु को पोषक भोजन देना अनिवार्य है। ई-कार्यशाला में एम्स, पटना के सहायक प्राध्यापक डॉ. नीरज कुमार ने प्रजेंटेशन के माध्यम से कुपोषण के विभिन्न चरणों, घटकों एवं कुपोषण की पहचान संबंधी विभिन्न पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डाला और कहा कि बेहतर पोषण के बिना स्वस्थ्य शारीर की कल्पना नहीं की जा सकती है।


वहीँ, ए. के. गोयल, सीनियर प्रोग्रामर, पोषण अभियान, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने कार्यशाला के माध्यम से भारत सरकार द्वारा कुपोषण दूर करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी विस्तार से दी। जबकि, मनोज कुमार, सलाहकार, पोषण एवं स्वास्थ्य, एसपीएमयू, पोषण अभियान, आईसीडीएस, बिहार द्वारा पोषण वाटिका और घरेलू स्तर पर पोषण की रक्षा के उपाय बताए गए। उन्होंने ई-कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि कुपोषण से बचाव के लिए संतुलित आहार के महत्व को जानना होगा और थाली में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन युक्त भोजन को शामिल करने के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है। यूनिसेफ, पटना के पोषण सलाहकार अनुप कुमार झा ई-कार्यशाला में पोषण अभियान जन आंदोलन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इसके लिए आवश्यक उपायों की चर्चा की. उन्होंने बताया कि शिशुओं में दस्त कुपोषण और रोगों का प्रमुख कारण है। उन्होंने घर-परिवार के साथ साथ वातावरण की स्वच्छता को भी आवश्यक बताया। साथ ही स्थानीय समुदाय के सेविका, सहायिका, जीविका दीदियों,  शिक्षकों तथा नेहरू युवा केंद्र के सदस्यों के साथ मिलकर समन्वित संचार अभियान चलाने का सुझाव दिया। ई-कार्यशाला का संचालन करते हुए पवन कुमार सिन्हा, फील्ड आउटरीच ब्यूरो छपरा द्वारा पोषण अभियान के लक्ष्यों और कार्यक्रमों की चर्चा की गयी। इस ई-कार्यशाला में आरओबी पटना के निदेशक पीआईबी पटना के निदेशक दिनेश कुमार, दूरदर्शन समाचार पटना की उपनिदेशक श्वेता सिंह, सहायक निदेशक  सलमान  हैदर, पीआईबी पटना के सहायक निदेशक संजय कुमार के साथ-साथ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के बिहार व् झारखंड के सभी मीडिया इकाईयों के अधिकारी-कर्मचारी सहित मंत्रालय से जड़े सांस्कृतिक दलों के सदस्य भी सम्मिलित हुए।

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