बिहार : अग्निवेश होने का मतलब है जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करना : मनोहर - Live Aaryaavart

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रविवार, 12 सितंबर 2021

बिहार : अग्निवेश होने का मतलब है जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करना : मनोहर

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आरा। आर्य समाज ,आरा के तत्वावधान में प्रख्यात आर्य सन्यासी स्वामी अग्निवेश जी प्रथम पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर स्वामी अग्निवेश जी के सहयोगी एवं जाने-माने गांधीवादी विचारक श्री मनोहर मानव ने कहा कि स्वामी अग्निवेश होने का मतलब अंधविश्वास, अन्याय, अत्याचर  ,अभाव, शोषण ,दमन उत्पीड़न  के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाना होता है । स्वामी जी बंधुआ मजदूरी उन्मूलन के प्रणेता के साथ-साथ इंसान इंसान की बराबरी मे विश्वास करने वाले इंसानियत के वाहक । उनकी एककेश्वरवाद एवं निराकार में  प्रबल आस्था होते हुए अंधविश्वास के ऊपर वे करारा प्रहार करते थे ।  मानवता में विश्वास रखते थे लेकिन जातिवाद, संप्रदायवाद एवं संकीर्ण राष्ट्रवाद से ऊपर उठकर वसुधैव कुटुंबकम के विचार को आत्मसात करके जीवन पर्यंत जीते रहे ।वे सभी प्रकार के कृत्रिम गैर बराबरी को तोड़कर समतामूलक समाज बनाने की दिशा में सदैव प्रयासरत रहे तथा सभी को बराबरी का दर्जा देते हुए अपना मित्र एवं सहयोगी मानते थे। स्वामी अग्निवेश जी कभी- कभी और अलोकप्रिय होकर भी सत्य के लिए आर्य समाज के बुनियादी सिद्धांतों पर अपने आप को निछावर करते रहे जिसके कारण कई बार उन पर जानलेवा हमला एवं आलोचनाओं का शिकार होते थे।


स्वामी अग्निवेश जी का भौतिक शरीर नफरती  ताकतों द्वारा काल कल्लवित  हो गया लेकिन उनका वैज्ञानिक और आध्यात्मिक चिंतन हमेशा वैश्विक पटल पर नूतन रास्ता दिखाता रहेगा।श्री मानव ने कहा कि आने वाली पीढ़ी जब भी विज्ञान के साथ अध्यात्म की बात करेगी  तो सदियों तक स्वामी अग्निवेश जी के विचार को याद करना होगा । उपरोक्त कार्यक्रम के संचालन के दौरान बिहार प्रदेश आर्य प्रतिनिधि सभा के उपप्रधान श्री रामानंद आर्य जी ने कहा कि सदियों में कोई-कोई ही स्वामी अग्निवेश की तरह का व्यक्तित्व इस धरा पर आता है। जो इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में अमरत्व को प्राप्त करता है स्वामी अग्निवेश जी ,स्वामी जी का योगदान अगले कई पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा । स्वामी जी हमेशा बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ छुआछूत उन्मूलन जातिवाद उन्मूलन हेतु अपना पूरा जीवन निछावर कर दिया था आज का दिन हम सब लोगों के लिए संकल्प दिवस के रूप में है और हम यह संकल्प ले रहे हैं कि स्वामी अग्निवेश जी के विचार परंपरा को पूरी मजबूती से आगे बढ़ाएंगे । उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य समाज आरा के प्रधान श्री अवध बिहारी मेहता वही मुख्य रूप से श्री अरुण आर्य ब्यापुर आर्य समाज, श्री प्रमोद शास्त्री,श्री सत्यदेव कुमार आर्य मंत्री आर्य समाज आरा , श्री विष्णु शास्त्री, श्री प्रकाश रंजन आदि ने अपने विचार व्यक्त किए एवं सैकड़ों की संख्या में आर्य समाजी विद्वान उपस्थित हुए।


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