बिहार : महिलाओं के सम्मान और देखभाल विषय पर कार्यशाला - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 10 सितंबर 2021

बिहार : महिलाओं के सम्मान और देखभाल विषय पर कार्यशाला

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पटना : पटना कॉलेज के स्नातक जनसंचार विभाग में महिलाओं के सम्मान और देखभाल विषय पर शुक्रवार को छात्राओं के साथ कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस में अधिकतर छात्राएं शामिल हुईं और बेबाकी से अपनी मन की बात कही। इस वर्कशॉप का विषय स्वास्थ्य संबंधित सेवाओं में महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव और गलत हरकतों पर रोशनी डालना था। इस मौके पर पटना कॉलेज के स्नातक जनसंचार विभाग की समन्वयक डॉ. कुमारी विभा ने भी छात्राओं की हौसला अफजाई की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम निरंतर आयोजित होने चाहिए, साथ ही बच्चों को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने से ही जीवन में व्यावहारिक अनुभव होगा और सफलता मिलेगी। यह वर्कशॉप ‘खुद से पूछें’ नाम के एक अभियान का हिस्सा था। इसके तहत छात्राओं को, महिलाओं को इस बात के लिए उत्साहित किया जाता है कि वे अपने स्वास्थ्य से संबंधित निर्णय खुद लें। यह भी अहम है की उन्हें अच्छे तरीके की देखभाल और जांच सुविधा प्राप्त हो।


कार्यक्रम की शुरुआत में प्रियस्वरा भारती ने सब को इस वर्कशॉप के उद्देश्य से अवगत कराया। फिर छात्राओं के साथ इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे वे अपने आसपास और ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठा सकती हैं। स्वच्छता का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला, क्योंकि बहुत सारी छात्राओं ने अपने साथ या अपने आसपास हुई घटनाओं का जिक्र किया। ऐसे में समझ जाता है कि इस तरह के कार्यक्रम और भी जरूरी है। छात्राओं ने इस विषय पर उन्हें स्वास्थ्य संबंधित सेवाओं में किस तरह का सम्मान, सहायता और देखभाल मिलनी चाहिए, अपने विचार प्रस्तुत किए। अंत में छात्राओं ने इस बात पर विचार व्यक्त किए की स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं में उन्हें किस तरह का देखभाल और सम्मान मिलना चाहिए. कुछ छात्राओं ने अपने निजी घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने यह भी जाना कि किस तरह से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके इस तरह के मुद्दे पर समाज को जागरुक किया जा सकता है। ‘खुद से पूछे’ अभियान को पटना और बिहार में कई सारे संगठन चला रहे हैं। इसमें गौरव ग्रामीण, सेंटर फॉर केटालाईजींग चेंज, सखी, केयर, जैसी संस्था है शामिल हैं। इस वर्कशॉप को प्रियस्वरा भारती ने संचालित किया, जो बिहार में के युवाओं के समूह के साथ ‘बिहारी यूथ फॉर चाइल्ड राइट्स’ प्लेटफार्म को चलाती हैं।’

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