जब हम आध्यात्म से जुड़ते है तो स्वार्थ से दूर हो जाते हैं : प्रो. संजय द्विवेदी - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 28 सितंबर 2021

जब हम आध्यात्म से जुड़ते है तो स्वार्थ से दूर हो जाते हैं : प्रो. संजय द्विवेदी

  • समाज-निर्माण में शिक्षकों व पत्रकारों की भूमिका" विषय पर सेमिनार आयोजित  

seminar-on-teachers-and-journalist
नई दिल्ली।   "जब हम आध्यात्म से जुड़ते है तो स्वार्थ से दूर हो जाते हैं और ऐसी मूल्य आधारित जीवन शैली हमें मनुष्यता के करीब ले जाती है। परन्तु विदेशी मीडिया से भारतीय मीडिया के उदगम के कारण नकारात्मकता को भी मूल्य माना जा रहा है। अब मीडिया के भारतीयकरण से ही इसमें सकारात्मक मूल्यों का समावेश होगा एवं मीडिया मूल्य निष्ठ होगा।" उक्त विचार भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) भारत सरकार के महानिदेशक प्रो. डॉ संजय द्विवेदी ने 'मूल्य आधारित समाज के निर्माण में शिक्षकों व पत्रकारों की भूमिका" विषय पर आज आयोजित एक सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए । यह सेमिनार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा संस्था के द्वारिका सेक्टर 11  स्थित सुख शांति भवन के सभागार में आयोजित किया गया था।  इसी सेमिनार में न्यूज़ 24 टीवी चैनल की एडिटर-इन-चीफ़ अनुराधा प्रसाद ने विशिष्ठ अतिथि के रूप में कहा कि मीडिया कम्युनिकेशन व संवाद ने ही सम्पूर्ण भारत को एकता की सूत्र में  जोड़ रखा है तथा आज समाज में सकारात्मक संवाद की जरुरत पर बल दिया, जो समाज में लुप्त होता जा रहा है। कार्यक्रम की आयोजक ब्रह्माकुमारी सरोज दीदी ने कहा कि बाह्य परिवर्तन से पहले आंतरिक परिवर्तन जरुरी है और पहले स्वयं में मूल्यों के आधार पर परिवर्तन लाना होगा। तभी  समाज, देश और विश्व में परिवर्तन होगा। वहीँ ओम शांति रिट्रीट सेंटर, गुरुग्राम की निदेशक ब्रह्माकुमारी आशा जी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि टीचर की महिमा मूलभूत सिद्धांत जैसे की बदला न लो बदल कर दिखाओ, न दुःख दो न दुःख लो, सुख दो सुख लो, सर्व के प्रति शुभ भावना और कामना रखो और इसका  आचरण ही शिक्षा देना कहा जाता है । इस अवसर पर युवा लेखक अमित दुबे की पुस्तक “सफ़र जारी है” का विमोचन मुख्य अतिथि भारतीय जनसंचार संस्थान(आईआईएमसी)- नई दिल्ली के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर प्रों संजय दविवेदी ने युवा लेखक अमित को ढेरों सारी शुभकामनाएं दी। उन्होंने बधाई देते हुए  कहा कि आपकी कलम ऐसे ही चलती रहे। राष्ट्रीय मीडिया संयोजक सुशांत भाई के अनुसार इस सेमिनार में मीडियाकर्मियों में वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप श्रीवास्तव, आशीष ममगाईं, अखिलेश पाण्डेय, अनिल बालियान, मनमोहन गुप्ता, शिक्षाविद प्रो.के.पी.सिंह, प्रो.हंसराज सुमन, नीता अरोड़ा, ममता गुप्ता, रितु पुरी, अतुल बधावन, पूनम शर्मा, लेखक-कृष्णा कुमार सोनी, अम्र्तान्शु, सहित कुल साठ से अधिक शिक्षाविद्द, मीडियाकर्मी, लेखक उपस्थित रहे।  आंतरिक शांति व शक्ति हेतु उपस्थित लोगों को सामूहिक राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया गया। इसके अलावा उप-प्रधानाचार्य एवं ब्लाइंड पर्सन्स एसोसिएशन के संस्थापक अनिल कुमार वर्मा जी के सानिध्य में  अंध छात्राओं ने भी अपनी भावमयी गीत-संगीत प्रस्तुत किए। समस्त कार्यक्रम का मंच संचालन पूनम बहन एवं एकता बहन ने किया।  कार्यक्रम के अंत में समर्पण एवं क्रिएटिव वर्ल्ड मीडिया एकेडमी द्वारा नवोदित मीडिया विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र-प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन इस सेमिनार के संयोजक एवं एफआईएमटी के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर एस.एस. डोगरा ने मीडिया एवं शिक्षा विषय पर वर्षो से किए कार्यों का उल्लेख करते हुए धन्यवाद ज्ञापन से किया। 

कोई टिप्पणी नहीं: