बिहार : सफाईकर्मियों की हड़ताल की मांगों को तत्काल माने सरकार : माले - Live Aaryaavart

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सोमवार, 13 सितंबर 2021

बिहार : सफाईकर्मियों की हड़ताल की मांगों को तत्काल माने सरकार : माले

  • हड़ताल के समर्थन में 15 सितंबर को ज़िला मुख्यालयों पर होगा एकजुटता मार्च
  • गन्दे और जोखिमभरे कामों में लगे सफाईकर्मियों के प्रति असंवेदनशील है भाजपा-जदयू सरकार

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पटना 13 सितंबर, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने विगत कई दिनों से जायज मांगांे को लेकर नगर निकाय-सफाईकर्मियों की चल रही हड़ताल का समर्थन करते हुए आगामी 15 सितंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर पार्टी की ओर से एकजुटता मार्च आयोजित करने का आह्वान किया है. आज जारी एक वक्तव्य में उन्होंने कहा कि हड़लाती सफाईकर्मियों के प्रति सरकार का रवैया बेहद चिंताजनक और असंवेदनशील है. सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बात नहीं कर रहा है. जबकि हड़ताल की वजह से राजधानी पटना की स्थिति बेहद ही नारकीय हो गई है. सड़कों पर कूड़ों व गंदगी का अंबार लग चुका है. राज्य के अन्य जिलों की हालत इससे भी बदतर हो चुकी है. इसलिए हमारी मांग है कि राज्य सरकार जनहित में तत्काल हड़ताली कर्मियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करे और हड़ताल को खत्म करवाने के रास्ते खोजे. विदित है कि बिहार के समस्त निगम व निकायों में सफाई व अन्य कर्मियों (ग्रुप डी) के पदों को समाप्त कर आउटसोर्स करने के आदेश को वापस लेने तथा इन पदों पर पूर्व से कार्यरत दैनिक, ठेका व आउटसोर्स कर्मियों की सेवा का नियमित करने; स्थायी पद सृजित कर आबादी के अनुरूप सफाई व अन्य कर्मियों की नियुक्ति; आउटसोर्स, ठेका व कमीशन प्रथा की समाप्ति; दैनिक कर्मियों की सेवा का नियमितकरण व समान काम के लिए समान वेतन अथवा सामान्य वर्ग को न्यूनतम 18000 रु. मासिक की व्यवस्था सहित अन्य 12 सूत्री मांगों पर यह हड़ताल आयोजित है. भाकपा-माले इनकी तमाम मांगों का समर्थन करती है. कहा कि यह कहीं से उचित नहीं है कि पदों को खत्म कर आउटसोर्स किया जाए. आज दिल्ली से लेकर पटना तक की सरकारें इसी तरह की मजदूर-कर्मचारी विरोधी नीतियों पर चल रही है और मजदूरों व कर्मचारियों के पहले से प्राप्त अधिकारों को खत्म करने में लगी हुई है. पार्टी की जिला कमिटियां पहले ही दिन से सफाईकर्मियों की हड़ताल के समर्थन में है. 15 सितंबर को हम पूरी ताकत के साथ इस आंदोलन के साथ एकजुटता में उतरेंगी.

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