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बुधवार, 15 सितंबर 2021

मोदी जी की चुप्पी तुड़वाने के लिए निराश आशाओं के द्वारा पोस्टकार्ड अभियान शुरू

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दिल्ली. दिल्ली की विभिन्न डिस्पेंसरियों में शुरू है मोदी जी, चुप्पी तोड़ो  पोस्टकार्ड अभियान.जब केंद्र सरकार के नुमाइंदे 'थैंक यू, मोदी जी पोस्टकार्ड अभियान' चला रहे हैं.तब दिल्ली आशा कामगार यूनियन के आह्वान पर अभियान छेड़ा गया है कि दिल्ली की आशाएं प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए नहीं, बल्कि सवाल पूछते हुए पोस्टकार्ड लिखेंगी कि अब तक आशाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा क्यों नहीं मिला है?आशाओं के रुके हुए पैसे का भुगतान कब होगा? इतने कम मानदेय में देश की राजधानी में आशाएं अपना और अपने परिवार की सुरक्षा की गारंटी कैसे करेंगी?आज दिल्ली की विभिन्न डिस्पेंसरियों में आशाओं ने प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड लिखा और अपनी आवाज़ उठाई. हम  हमे स्थायी कर्मचारी का दर्जा क्यों नहीं दिया जाता.हमे हर 3 महीने में 3 हजार का वेतन दिया जा रहा है.इस मंहगाई के जमाने में क्या होगा? हमारा भी परिवार है.हम भी घर और परिवार को छोड़ काम करती हैं कि हमारा घर सही ढंग से चल सके.हमे सर जी से कहना है कि हमलोगों को भी सरकारी सेवकों की तरह तनख्वाह मिले.  हमे स्थाई कर्मचारी का दर्जा क्यों नहीं दिया जाता.हमे हर 3 महीने 3 हजार रूपये का वेतन दिया जाता है.इस मंहगाई के जमाने में क्या होता है? हमारा भी परिवार है.हम भी घर परिवार छोड़ काम करती हैं कि हमारा घर सही ढंग से चल सके. माननीय नरेन्द्र मोदी जी,कबतक लोगों की सेवा करते रहे.हमें फिक्स सेलरी कब दोंगे.हम अपना घर खर्च कहां से चलाएंगे? Only 18000 fix salary.मैं एक आशा हूं.मेरे परिवार और मेरे कोरोना से सुरक्षा की गारंटी कौन करेंगा?

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