बिहार : रामविलास पासवान का दलित परिवार में जन्म लेना गुनाह : चिराग - Live Aaryaavart

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बुधवार, 15 सितंबर 2021

बिहार : रामविलास पासवान का दलित परिवार में जन्म लेना गुनाह : चिराग

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पटना : लोक जनशक्ति पार्टी ने अपने संस्थापक रामविलास पासवान की पहली बरसी मनाई। इसको लेकर सुबह से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का एसके पुरी स्थित चिराग पासवान के आवास पर जमावड़ा लगा रहा। लेकिन इस दौरान सबसे बड़ी बात यह रही कि जदयू के कोई भी नेता समेत खुद बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार इस श्रद्धांजलि सभा में कहीं भी नजर नहीं आए। वहीं इसके बाद अब रामविलास पासवान की बरसी का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी के तमाम नेताओं द्वारा बहिष्कार किए जाने से नाराज हो कर लोजपा (चिराग गुट) ने नीतीश के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया। लोजपा ने नीतीश कुमार मुर्दाबाद के नारे लगाए। दरअसल, चिराग पासवान ने अपने पिता रामविलास पासवान की श्रद्धांजलि सभा के बाद अपनी पार्टी की बैठक बुलाई थी। इसमें नीतीश कुमार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया । वहीं इस इस प्रस्ताव के पारित होने के उपरांत चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार ने रामविलास पासवान के जीवन काल से ही उनके साथ अछूत जैसा व्यवहार किया।


चिराग पासवान ने कहा कि जब मेरे पिता और लोजपा के दिग्गज नेता स्वर्गीय रामविलास पासवान को राज्यसभा भेजा जा रहा था तो उस समय भी नीतीश कुमार ने नामांकन में आने तक से मना कर दिया था। चिराग ने कहा कि उनके पिता और उनकी गलती शायद यह है कि वह दलित परिवार में जन्मे हैं। चिराग पासवान ने कहा कि रामविलास पासवान के मंत्री रहते हुए नीतिश कुमार ने उनके खिलाफ अपनी पार्टी के नेताओं से बयानबाजी करवाई थी। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार न जाने किन किन लोगों की प्रतिमा पटना में स्थापित कर चुकी है। लोग देख लें कि किन लोगों की जयंती-पुण्यतिथि पर राजकीय समारोह मनाया जा रहा है। लेकिन शायद रामविलास पासवान दलित थे इसलिए उनके निधन के बाद भी उन्हें सम्मान नहीं मिला। जानकारी हो कि लोजपा(चिराग गुट) द्वारा दो दिन पूर्व यानी की 12 तारीख को रामविलास पासवान की पहली बरसी मनाई गई थी। इस मौके पर बिहार के तमाम राजनीतिक दलों के बड़े और दिग्गज नेताओं का चिराग पासवान के घर पहुंचना हुआ। इन नेताओं ने लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान के प्रति श्रद्धांजलि भी अर्पित की। लेकिन इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के नेताओं के द्वारा इस जयंती का बहिष्कार किया गया।  गौरतलब है कि इससे पहले चिराग पासवान कह चुके हैं कि उन्होंने अपनी तरफ से पूरा प्रयास किया था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मौके पर आए। ऐसे लम्हे राजनीति से ऊपर होते है। नीतिश कुमार मेरे नेता के साथ समकक्ष रहे। वहीं भाजपा के एमएलसी संजय पासवान ने भी कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दे जरूर आएंगे इतने निष्ठुर नहीं हो सकते हैं। लेकिन इन सब चीजों के बावजूद पासवान की श्रद्धांजलि सभा पर जदयू के एक भी नेता नजर नहीं आए।

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