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गुरुवार, 16 सितंबर 2021

गुजरात के नए मंत्री बृहस्पतिवार को लेंगे शपथ

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अहमदाबाद, 15 सितंबर, गुजरात में भूपेंद्र पटेल सरकार के नए मंत्री बृहस्पतिवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। पार्टी के ‘नहीं दोहराने’ के फार्मूले की पृष्ठभूमि में मंत्रिमंडल में कौन-कौन नेता शामिल होंगे, इस पर संशय के बीच सत्तारूढ़ भाजपा ने मंत्रिमंडल में शामिल होने वालों की सूची को अंतिम रूप दिया। इससे पहले भाजपा ने दिन में कहा था कि नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह राजधानी गांधीनगर में दोपहर बाद होगा और राजभवन में उसकी तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार शाम ट्वीट किया, ‘‘मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नये मंत्रिमंडल का शपथग्रहण समारोह गांधीनगर में 16 सितंबर को दोपहर डेढ़ बजे राजभवन में होगा।’’ भाजपा ने पहले कहा था कि बुधवार को ही शपथ ग्रहण होगा। यहां तक कि राज भवन पर लगे पोस्टरों में शपथ ग्रहण समारोह में 15 सितंबर की तारीख लिखी हुई थी। बहरहाल, बुधवार दोपहर को पोस्टर हटा लिए गए। राज्यपाल के कार्यालय ने पुष्टि की कि शपथ ग्रहण समारोह बृहस्पतिवार तक के लिए टाल दिया गया है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत के विशेष कार्य अधिकारी मनीष भारद्वाज ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह बृहस्पतिवार को दोपहर डेढ़ बजे होगा।’’


भारतीय जनता पार्टी की गुजरात इकाई के प्रवक्ता यमल व्यास ने सुबह बताया था कि शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को गांधीनगर में दोपहर दो बजे के बाद होगा। न तो भाजपा और न ही राज्य सरकार ने शपथ ग्रहण समारोह टालने की कोई वजह बतायी है। भाजपा की गुजरात इकाई के प्रभारी भूपेंद्र यादव नए मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले लोगों के नाम तय करने के वास्ते पिछले दो दिनों से गांधीनगर में लगातार बैठकें कर रहे हैं। ऐसी अटकलें हैं कि पटेल अपने मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को शामिल करेंगे और कई पुराने नेताओं को युवा नेताओं के लिए जगह खाली करनी पड़ सकती है। सूत्रों ने बताया कि पिछली सरकार में मंत्री रहे कई नेता इससे अप्रसन्न हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने ‘नहीं दोहराने’ के फार्मूले का बचाव करते हुए कहा कि हाल में राज्य में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में इसका काफी फायदा हुआ। मुख्यमंत्री पद से विजय रूपाणी के गत शनिवार को अचानक इस्तीफा देने के बाद सोमवार को भूपेंद्र पटेल (59) ने नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। पटेल को रविवार को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था और सोमवार को गांधीनगर में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें राज्य के 17वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई थी। उस समय अकेले उन्होंने ही शपथ ली थी। पटेल को गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश की वर्तमान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का करीबी माना जाता है। उन्हें मुख्यमंत्री बनाये जाने के पीछे यह भी एक कारण माना जा रहा है। ऐसे में जब दिसंबर 2022 में राज्य विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है, भाजपा ने चुनाव में जीत के लिए पटेल पर भरोसा जताया है, जो कि एक पाटीदार हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य विधानसभा की 182 सीटों में से 99 सीटें जीतीं थी, जबकि कांग्रेस को 77 सीटें मिली थीं।

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