सनातन धर्म का केंद्र रही है काशी, सबको होती है गर्व की अनुभूति: योगी - Live Aaryaavart

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बुधवार, 8 सितंबर 2021

सनातन धर्म का केंद्र रही है काशी, सबको होती है गर्व की अनुभूति: योगी

  • कहा, देश में लम्बे समय तक संकीर्ण एजेंडे में चली सरकारें , प्रबुद्ध सम्मेलन के तहत वाराणसी में प्रबुद्ध सम्मेलन को सम्बोधित किया

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वाराणसी (सुरेश गांधी) उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व बीजेपी प्रबुद्धजनों को अपने पाले में लाने के लिए रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन की शुरुआत की है। भाजपा द्वारा आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी। कहा, शिक्षक दिवस को हम डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के स्मृति दिवस के रूप में मनाते हैं। काशी की धरती से भी डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का संबंध रहा है। इस दौरान सीएम ने कहा कि वो काशी की धरती को नमन करते हैं। काशी प्राचीन काल से ही हिंदू सनातन धर्म का केंद्र रही है। आज काशी पर हर व्यक्ति गौरव की अनुभूति करता है। अपनी परंपरा, संस्कृति और विरासत पर गर्व होना सौभाग्य की बात है।  सीएम योगी ने कहा कि काशी जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक हर क्षेत्र में नया उदाहरण प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि विकास के क्षेत्र में काशी ने जो प्रतिमान स्थापित किए हैं उसी लेकर हम प्रदेश के अन्य-अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। सीएम ने कहा कि शासन की मंशा क्या है ये उसकी नियति से पता चल जाता है। सीएम योगी ने प्रयागराज कुंभ और काशी में आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि एक नेतृत्व वो था जिसने आजादी के तत्काल बाद सोमनाथ मंदिर के कार्य के शुभारंभ का विरोध किया था और एक नेतृत्व आज है जो अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य के लिए प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर 5 सदी के इंतजार को दूर कर गौरव की अनुभू​ति कर रहा है। आजादी के बाद भारतीयता से जुड़े लोगों को हतोत्साहित किया गया। इससे इतर पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय आस्था और संस्कृति की आत्मा की पहचान वाले देश के स्थानों की पहचान को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया गया। योग दिवस और कुंभ को वैश्विक आयाम मिला। काशी में विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बन रहा है। महात्मा गांधी ने 1916 में काशी की गंदगी का उल्लेख किया था। आज काशी, नई काशी के रूप में प्रस्तुत है. मां विंध्यवासिनी धाम योजना के साथ ही मथुरा आदि में जो योजनाएं लागू हो रही हैं उससे विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। 


सीएम योगी ने अयोध्या में दीपोत्सव के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि कुंभकारों का फायदा हुआ है। पीएम मोदी के आत्म निर्भरभारत के विजन ने देश का कल्याण किया है। सीएम योगी ने काशी के उदाहरण को हमने प्रदेश के अन्य स्थानों पर उतारने का प्रयास किया है। देश में 1947 से सरकारें चली आ रही हैं, लेकिन, सरकार के विकास का विजन तय नहीं हो पाता था, अपने एक संकीर्ण एजेंडे के साथ सरकारें आती-जाती थी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दंगों के बिना कोई त्योहार नहीं होता था। चार सालों में प्रदेश में व्यापक परिवर्तन दिखाई पड़ रहा है। सभी ने अपने क्षेत्र में कार्य किया है। प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। प्रथम कोरोना काल में हमने अपनी बसों से कोटा से सभी छात्रों को घर पहुंचाया। प्रयागराज से छात्रों को घर पहुंचाया। प्रदेश के 40 लाख लोगों को घर तो पहुंचाया ही, अन्य राज्यों के लोगों को भी उनके घरों तक पहुंचाया।  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी से राधा कृष्ण का सम्बंध है। इसके निर्माण में सभी का योगदान अविस्मरणीय बीएचयू परिवार मानता है। सनातन धर्म का केंद्र काशी प्राचीन काल से रहा है। काशी को जानने व देखने की उत्सुकता सदा से बनी रही है। लोग इसके भौतिक स्वरूप नहीं देख पाते थे। पिछले सात वर्षों से काशी अपने नए कलेवर के रूप में पुरातन कलेवर का स्वरूप बनती जा रही है। भैतिक विकास के रूप में काशी जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप बढ़ रही है। हमें भी अवसर मिला यह हमारा सौभाग्य है। पीएम के संकल्प के साथ विकास का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। काशी के साथ ही अन्य स्थलों पर भी विकास के कार्य पूरे हो रहे हैं।


प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन आयोजित कर रही है बीजेपी

बीजेपी आज से प्रदेश के 17 नगरों में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन आयोजित कर रही है। इसके साथ ही 6 से 20 सितंबर तक प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 6 से 20 सितंबर तक पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारीगण सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में सम्मिलित होकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले प्रबुद्धजनों से मिलकर संवाद करेंगे। प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में सरकार द्वारा जनता के हित में किए जा रहे कार्यों, सरकार की जनकल्याकारी योजनाओं, उपलब्धियों और लोककल्याणकारी कार्यों की चर्चा होगी। 


कोरोना की तीसरी लहर की आशंका

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच विचार करना होगा कि हम बच्चों को कैसे शिक्षा से जोड़ें। इसके लिए तकनीक की जरूरत है, लेकिन जिसके पास स्मार्ट फोन, टैबलेट नहीं हैं वह शिक्षा से कैसे जुड़ें। हम उन बच्चों के लिए सहज तकनीक की खोज करें। इसके लिए प्रयास करने की जरूरत है। शिक्षक ओपन स्कूल के माध्यम से शिक्षा दें। यह पुरातन गुरुकुल परंपरा रही है। ऐसी ही शिक्षण व्यवस्था की जरूरत है। हमारे पास अभी भी कई चुनौतियां हैं। उन चुनौतियां का सामना करने के लिए काशी का शिक्षक समाज आगे आए। विद्वत समाज हमेशा समाज को सकारात्मक ऊर्जा दे सकता है। काशी की यह ऊर्जा देश को नई ऊर्जा देगी।

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