किसानों की पदयात्रा 20 अक्तूबर को बनारस पहुंची - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 21 अक्तूबर 2021

किसानों की पदयात्रा 20 अक्तूबर को बनारस पहुंची

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काशी। लोकनीति सत्याग्रह किसान जन जागरण पदयात्रा 350 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए काशी पहुंची।गांधी-शास्त्री जयंती पर पूर्वी चंपारण से शुरू हुई किसानों की पदयात्रा 20 अक्तूबर को बनारस पहुंची। किसान नेता हिमांशु तिवारी ने जानकारी दी है। किसान नेता हिमांशु तिवारी ने कहा कि आज ही पदयात्रा का समापन वरुणापुल स्थित शास्त्री घाट पर हो गया। भाकपा माले नेता मनीष शर्मा ने कहा कि यह यात्रा किसानों के साथ समाज के उन तबकों की भी आवाज उठा रही है जो व्यवस्था में असहाय पड़े हैं। समापन सभा को सामाजिक कार्यकर्ता पूर्व विधायक सुनीलम, कर्नाटक के किसान नेता वीआर पाटिल, नव निर्माण किसान संगठन के संयोजक अक्षय कुमार आदि संबोधित किये। प्रेसवार्ता में समाजवादी नेता विजय नारायण, किसान नेता रामजनम, पारमिता, साझा संस्कृति मंच के समन्वयक फादर आनंद, डॉ. अनूप श्रमिक, भारतीय किसान यूनियन नेता लक्ष्मण आदि थे। नव निर्माण किसान संगठन ने बीते दो अक्टूबर से चंपारण, बिहार से किसान जन जागरण पदयात्रा शुरू की है। यह पदयात्रा खेती-किसानी के साथ ही दवाई, पढ़ाई, कमाई, आम आदमी का स्वास्थ्य, छात्रों का भविष्य, नौजवानों का रोजगार और आसमान छूती मंहगाई को मुख्य मुद्दा बना रही है। इसका समापन 20 अक्टूबर को वाराणसी में होगा। यह जानकारी सोमवार को यात्रा के सयोजक हिमांशु तिवारी, किसान नेता राम जनम ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी। इन्होंने बताया कि यात्रा के यहां पहुंचने पर वरुणापुल स्थित शास्त्री घाट पर 11 बजे एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पदयात्रियों के अलावा वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर आदि जिलों के किसान उपस्थित रहें। सभा को सुप्रीम कोर्ट के विख्यात अधिवक्ता प्रशांत भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता सुनीलम, कर्नाटक के किसान नेता आर पाटिल, नव निर्माण किसान संगठन के संयोजक अक्षय कुमार आदि संबोधित किये।


किसानों के सवाल को पहुंचा रहे लोगों तक

प्रेस वार्ता को समापन कार्यक्रम की संयोजिका पारमिता, साझा संस्कृति मंच के समन्वयक फादर आनंद और डॉ. अनूप श्रमिक ने भी अपनी बात रखी। इन्होंनेकहा कि कृषि के तीनों नये काले कानूनों के विरोध में व एमएसपी के गारंटी के कानून के लिए देशभर के किसान पिछले नौ महीनों से दिल्ली के बार्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलित हैं, लेकिन सरकार के कान में जूं नहीं रेंग रही। ऐसे में किसानों के इस जीवन-मरण प्रश्न को देशभर में लोगों तक पहुंचाने के लिए यह जनजागरण किया जा रहा है।


टैक्स वृद्धि से सामान नहीं खरीद पा रहे लोग

इसके साथ ही कोरोना और लॉकडाउन के समय सरकार की लापरवाही ने लाखों जिंदगियां हमसे छीन लीं। पूरा सरकारी तंत्र आम लोगों के लिए नकारा साबित हुआ है। छात्रों की पढ़ाई और नौजवानों के रोजगार को लेकर भी सरकारी अमला पूरी तरह फेल हुआ है। वहीं मंहगाई से देश की जनता कराह रही है। गैस के दाम, बिजली बिल, डीजल व पेट्रोल के साथ साथ रोजमरा की चीजों में टैक्स की इतनी वृद्धि कर दी गई है कि लोगों को इन सामानों को खरीद पाना मुश्किल हो रहा है।


पीएम से पूछेंगे 10 सवाल

प्रेस क्रांफेंस में शामिल लोगों ने बताया कि पीएम के संसदीय क्षेत्र बनारस में यात्रा का समापन होगा। इस दाैरान पीएम से दस सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें लोकतंत्र में अलोकतांत्रिक निर्णय क्यों? 600 से ज्यादा किसानों की शहादत के बाद भी किसानों से मिलने के लिए आपकी संवेदना क्यों नहीं जगी ? तीनों काले कानून कब वापस होंगे ? एमएसपी पर कानूनी गारंटी क्यों नहीं? नौजवानों के रोजगार पर फैसला कब? किसानों को सामाजिक सुरक्षा भत्ता क्यों नहीं? कमर तोड़ मंहगाई से राहत कब? करोना से दिखाई दिए विफल स्वास्थ्य सिस्टम की जिम्मेदारी किस की? पढ़ाई, दवाई, मंहगाई सरकार के एजेंडे में क्यों नहीं? अस्पतालों की हालत कब सुधरेगी? पढ़ाई, दवाई, मंहगाई, उचित मूल्य जैसे जरूरी सवाल सत्ता में आने के इतने साल बाद भी आपके एजेंडे में क्यों नहीं? मजदूरों के पलायन और बढ़ती अमीरी-गरीबी असमानता का जिम्मेदार कौन? .कार्पोरेट और विदेशी कंपनियों के हाथ की कठपुतली सरकार कब तक बनी रहेगी? इस अवसर पर सुनील सहस्रबुद्धे, समाजवादी नेता योगेन्द्र नारायण, मनीष शर्मा, एकता परिषद के राष्ट्रीय समिति के सदस्य प्रदीप प्रियदर्शी आदि उपस्थित रहे।

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