नरेंद्र कोहली की अद्भुत रचना ‘महासमर’ सुने स्टोरीटेल पर - Live Aaryaavart

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बुधवार, 20 अक्तूबर 2021

नरेंद्र कोहली की अद्भुत रचना ‘महासमर’ सुने स्टोरीटेल पर

  • · महासमर एक  व्यापक रचना है और 9 खंडों में समाहित है।
  • · इस ऑडियोबुक में आप कृष्ण,कुंती, युधिष्ठिर,द्रौपदी, बलराम, अर्जुन, भीम और कर्ण और तमाम सभी किरदारों को एक नई रौशनी में देखेंगे।
  • · महासमर का  प्रत्येक खंड  मनुष्य के जीवन से जुड़े  गहरे सवालों पर बात करता है।
  • · इस रचना में आप महाभारत सुनने बैठेंगे और अपना जीवन सुनकर उठेंगे।
  • · महासमर के कथावाचक जाने माने शख्सियत शक्ति सिंह,विष्णु शर्मा  और कमल शर्मा हैं

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नई दिल्ली: कालजयी कथाकार नरेंद्र कोहली  जिन्हे आधुनिक गद्य में महाकाव्य लेखन के प्राचीन रूप को फिर से खोजने का श्रेय दिया जाता है, उन्होंने एक ऐसी रचना की थी जिसकी जितनी  तारीफ की जाये कम है, उस रचना का नाम है ‘महासमर’। उनकी ये रचना महाभारत पर आधुनिक दृष्टिकोण के आधार पर  आधारित है, हाल ही में कोविड महामारी ने उनको हमसे छीन लिया,  लेकिन उनकी ये लोकप्रिय तथा अत्यंत प्रसिद्ध रचना आज भी हमारे साथ हैं और हमेशा हमारे साथ रहेगी, नरेंद्र कोहली की यह लोकप्रिय गाथा अब आप  स्टोरीटेल ऑडियोबुक प्लेटफोर्म पर  सुन सकते हैं, उनका यह कार्य बहुत व्यापक है और 9 खंडों में समाहित है। महासमर का  प्रत्येक खंड  मनुष्य के जीवन से जुड़े  गहरे सवालों पर बात करता है. खंड 1 से 9 तक जिन विषयों पर बात की जाती है वो इस प्रकार हैं: बंधन, अधिकार, कर्म, धर्म, अंतराल, प्रच्छन्न, प्रत्यक्ष, निर्बन्ध, आनुषंगिक। इस ऑडियोबुक में आप युधिष्ठिर, कृष्ण, कुंती, द्रौपदी, बलराम, अर्जुन, भीम और कर्ण और तमाम सभी किरदारों को एक नई रौशनी में देखेंगे. इन खण्डों को 3 विशिष्ठ लोगों ने अपनी आवाज दी है, इनमें  शक्ति सिंह ने बंधन ,प्रत्यक्ष और धर्म , विष्णु शर्मा ने अधिकार,प्रच्छन्न और कर्म, कमल शर्मा ने निर्बन्ध ,आनुषंगिक और अंतराल में अपनी आवाज दी है। लोगों ने महासमर की गहराई को बहुत सराहा है. लोगों का स्टोरीटेल पर इस रचना को सुनने का अनुभव ऐसा रहा है की जैसे आप महासमर को सुनना शुरु करेंगे  धीरे-धीरे आप इस अद्भुत रचना में खो जायेंगे और इसमें अपने आप को पायेंगे,अपनी ज़िन्दगी को समझते हुए और अपनी समस्याओं का अध्ययन करते हुए और साथ ही उनका जवाब पाते हुए।


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इस महा रचना में स्टोरीटेल में कितनी शिद्दत से काम किया है उसका पता इस बात से पता चलता है की हर एक खंड कम से कम 20 घंटे की एक ऑडियोबुक है. 'महाभारत' एक विराट रचना  है, जो भारतीय जीवन, चिंतन, दर्शन तथा व्यवहार को विस्तारपूर्वक  प्रस्तुत करती है। नरेन्द्र कोहली ने इस कृति को हमारे  युग में पूर्णत: जीवंत कर दिया है। उन्होंने अपने इस उपन्यास में जीवन को उसकी संपूर्ण विराटता के साथ अत्यंत मौलिक ढंग से प्रस्तुत किया है। जीवन के वास्तविक रूप से संबंधित प्रश्नों का समाधान वे अनुभूति और तर्क के आधार पर देते हैं। इस कृति में आप महाभारत पढ़ने बैठेंगे और अपना जीवन पढ़ कर उठेंगे। युधिष्ठिर, कृष्ण, कुंती, द्रौपदी, बलराम, अर्जुन, भीम तथा कर्ण आदि चरित्रों को अत्यंत नवीन रूप में देखेंगे। नरेन्द्र कोहली की मान्यता है कि वही उन चरित्रों का महाभारत में चित्रित वास्तविक स्वरूप है। स्टोरीटेल पर महासमर को अपनी आवाज देने वाले शक्ति सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा ‘महासमर से  परिचय एक अविस्मरणीय घटना है जिसका एहसास मुझे इसे  पढ़ने के दौरान हुआ। जब मैंने इसके तीन भागों को स्टोरीटेल के लिए पढ़ा, सच कहूं तो मेरा परिचय एक नई जीवन शैली, नए विश्व,नए लोगों, नई परंपरा, नए विचारों और नए तरह के उसूलों से हुआ।  कई बार मैं इसे पढ़ने के दौरान आश्रयचकित रह जाता था, विषमय से भरा हुआ होता था की हमसे पहले कितने लोग ऐसे थे जो जीवन को या जीवन के  मूल्यों को इस शिद्दत के साथ ले गए थे। इसको पढ़ने के बाद मैं ये भी कहना चाहूंगा की महासमर का पढ़ना या सुनना  अनिवार्य होना चाहिए’।


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इस कथा के दुसरे कथावाचक कमल शर्मा ने कहा ‘नरेंद्र कोहली के उपन्यास श्रृंखला "महासमर" के तीन खंडों "अंतराल", "निर्बंध" और "आनुषंगिक" का  पाठ करने का मुझे अवसर मिला, मेरे लिए तो नरेंद्र कोहली जी ही संजय की भूमिका निभा रहे थे । उनके द्वारा बुने और लिखे गये एक-एक दृश्य से गुज़रने और संवादों  को  पढ़ने का अनुभव ऐसा था , मानों मैं किसी समय यान में बैठ कर महाभारत काल के पात्रों के बीच विचरण कर रहा हूं...उनको देख-सुन  ही नहीं रहा हूं.....उनको छू रहा हूं । नरेंद्र कोहली  ने एक एक पात्र के चरित्र को विस्तार देकर महाभारत के महासमर को उसकी विराटता के साथ चित्रित ही नहीं बल्कि जीवंत किया है । 'कथा पढ़ते पढ़ते सूत्रधार ही रचना का पात्र बन जाता है ...एक ही कृति में सौम्य , उग्र , सभ्य और धूर्त पात्र को जीना और फिर फिर सूत्रधार या कथा वाचक  के रुप में लौटना मेरे लिए बहुत विशिष्ट अनुभव था। उपन्यास श्रृंखला महासमर के बेशक तीन खंड ही मेरे हिस्से आए लेकिन  इन्हें पढ़ते हुए मैं समय के एक दूसरे ही आयाम में ; युग में पहुंच जाता था। महासमर एक असाधारण कृति है जिसका फलक बहुत विराट है और जब पाठक इस विराटता का अंश बनता है तो उसका अनुभव भी विराट हो जाता है’।


विष्णु शर्मा ने अपने अनुभव के बारे में कहा, “जब मुझसे ये कहा गया की मैं पद्म श्री नरेंद्र कोहली के महा उपन्यास को अपनी आवाज दूँ , क्या कहूं समझ नई आ रहा था  क्यूंकि उनके जैसे कथाकार, उनके जैसे लेखक, उनके जैसे व्यंगकार हिंदी में बहुत  कम हुए हैं। जहाँ तक उनकी लेखन की और किताबों की बात है मैं कहना चाहूंगा तो बहुत समय लग  जायेगा। मैंने अपनी वाणी स्टोरीटेल  के लिए उनकी तीन ऑडियोबुक: महासमर अधिकार , महासमर कर्म , और महासमर  प्रच्छन्न के लिए दी है; और मैंने प्रयास किया है की उनके लेखन के साथ न्याय कर सकूँ”।  आगे विष्णु शर्मा कहते हैं कि “महाभारत से मेरा बहुत अधिक साथ रहा है,जब बी.आर चोपड़ा ने बनाया था उसका पूरा का पूरा भाषण विभाग मेने ही संभाला था । महाभारत के बारे में कहा जाता है जो यहाँ नहीं है वह कहीं नही हैं,इसमें घटनाओं,घटनाओं के कहीं निवारण, कहीं निवारण नही सब कुछ है, कालजयी नरेंद्र कोहली  अपने पीछे जो कथाएं और व्यंग छोड़  और साहित्य का भंडार छोड़ के गये हैं, वो सदा सदा अमर रहेगा”। स्टोरीटेल इंडिया के प्रोडक्शन मैनेजर राहुल पाटिल ने कहा,"ये एक बहुत कथा है  जिसको 9  खंडो में विभाजित किया गया है,शान्तनु के जीवन से लेके पांडवों के  स्वर्ग तक जाने तक की जो पूरी कहानी है उसे नरेंद्र कोहली जी ने बहुत ही अच्छी  तरह से रचा है। इस महान साहित्य को ऑडियोबुक में रिकॉर्ड करना कोई आसान काम नहीं था।  लेकिन हमने तीन अलग कथावाचकों के साथ काम किया जो कि अपने अपने स्तर पर बहुत ही मशहूर कथावाचक  रह चुके हैं।स्टोरीटेल ने ऐसे  नररेटर्स को चुना जो इसे न्याय दे सके।जिनका हिंदी पर  प्रभुत्व है और जो महासमर की कहानी को लोगों तक बहुत ही खुबसूरत  तरीके से पेश कर सके”।

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