बिहार : पल्ली परिषद के साथियों के साथ मिलने का मौका मिला : मनीष - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 11 अक्तूबर 2021

बिहार : पल्ली परिषद के साथियों के साथ मिलने का मौका मिला : मनीष

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बेतिया. पश्चिम चम्पारण में है ईसाइयों का गढ़ बेतिया.यहां पर  अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के लोग रहते हैं.इसे बेतिया क्रिश्चियन क्वाटर्स कहा जाता है.इसे बेतिया पल्ली के रूप में विकसित किया गया है.बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेवास्टियन गोवियस हैं. बेतिया पल्ली के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नाडो, सहायक पल्ली पुरोहित अमीत तिर्की और फादर तेलेस्फोर हैं.सभी ईसाई धर्मी  धन्य वर्जिन मेरी चर्च (नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड विर्जिन मेरी) नामक चर्च में मिस्सा पूजा में भाग लेने जाते है. आज यहां दूसरा दृश्य नजर आ रहा था.ईसाई समाज के नेतृत्व करने वाली पल्ली परिषद ने एक विशेष तरह की सभा में विशेष लोगों को आमंत्रित किया.विशेष सभा में अल्पसंख्यक जदयू जिला अध्यक्ष जुनैद शम्स जी, जिला महासचिव मनीष  जेम्स तथा विल्सन विलियम शामिल हुए. जिसमें बेतिया पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नाडो ,सहायक पल्ली पुरोहित फादर अमित तिर्की एवं पल्ली के गणमान्य लोगों के साथ पल्ली परिषद के सदस्य भी मौजूद थे. पहली बार अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जदयू प.चम्पारण को सभी पल्ली परिषद के साथियों के साथ मिलने का मौका मिला.इस अवसर पर पल्ली पुरोहित जी एवं उनके सदस्य साथियों के द्वारा जिला अध्यक्ष जुनैद शम्स जी और और उनके साथी जिला उपाध्यक्ष रहीमा खातून जी,जिला महासचिव सह प्रखंड प्रभारी चनपटिया मनीष जेम्स और जिला महासचिव सह मिडिया प्रभारी विल्सन विलियम को पल्ली परिषद के द्वारा सम्मानित किया गया.उक्त अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के द्वारा सूबे में संचालित सारी योजनाओं के बारे में जानकारी देकर चर्चा की गई. जिन योजना से अल्पसंख्यक समाज को लाभ मिलता है. इसमें पल्ली परिषद के प्रमुख सदस्य रंजीत केरोबिन,प्रकाश अगस्तीन,जेम्स माइकल,प्रकाश माइकल,मेल्विन डेविड,सिस्टर एनसील,धीरज पौल,जेनिफर अगस्तीन इत्यादि मौजूद थे.बेतिया में पहले कैथोलिक ईसाई चर्च के समर्पण के बाद से बेतिया ईसाइयों और अन्य धार्मिक समुदायों के बीच सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा को बनाए रखा गया है. जानकारी दी गयी कि रात में नए चर्च के आशीर्वाद के बाद, सुबह ईसाई पूजा (मास) दोहराई गई. जब राजा के भतीजे और उनके अनुचर सहित चर्च की सेवा में शामिल होने के लिए और लोग आए.हिंदुओं के साथ राजा के दरबार की उपस्थिति, बेतिया चर्च में अभी भी प्रचलित धार्मिक सद्भाव और संवाद में एक सुंदर प्रथा की शुरुआत लगती है. हर साल क्रिसमस और गुड फ्राइडे पर, सैकड़ों गैर-ईसाई, विशेष रूप से हिंदू, बड़े पैमाने पर पारिवारिक समूहों में, चर्च जाते हैं और इसके अंदर और बाहर मदर मैरी के मंदिर में प्रार्थना करते हैं. अपनी स्थापना के बाद से, बेतिया ईसाइयों ने हिंदुओं और मुसलमानों के साथ सांप्रदायिक सद्भाव की भावना बनाए रखी है.अन्य धर्मों के अनुयायी अक्सर बेतिया ईसाइयों के चर्चों में जाते हैं और वहां प्रार्थना करते हैं, विशेष रूप से मदर मैरी की मूर्ति वाले ग्रोटों में प्रार्थना कर सिर झुकाते हैं.

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