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मंगलवार, 19 अक्तूबर 2021

बिहार : चिराग की मांग, कहा- प्रवासियों की रक्षा करें नीतीश

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पटना : श्रीनगर के ईदगाह इलाके में आतंकियों के गोली से मारे गए बिहारी युवक को लेकर बिहार में सियासत शुरू हो गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास पासवान) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने अब सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर इसके लिए जिम्मेदार बताया है। चिराग ने अपने पत्र में कहा है कि आज अगर बिहार में रोजगार के अवसर होते तो लोगों का पलायन नहीं करना पड़ता। नीतीश सरकार के 16 साल के कार्यकाल में रोजगार की स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक हो चुकी है। अगर सरकार पहले ही प्रवासी मंत्रालय का गठन कर देती तो बिहार से बाहर रहकर काम कर रहे लोगों की सुरक्षा हो पाती। चिराग ने कहा कि चुनाव के समय ही उन्होंने बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के माध्यम से प्रदेश में एक प्रवासी मंत्रालय का गठन करने की मांग की थी ताकि बिहार से बाहर रहकर काम करने वाले मजदूरों को असुरक्षा और कठिनाई का सामना न करना पड़े। लेकिन सरकार ने इस तरफ कोई पहल नहीं की। इसके साथ ही चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने के एलान पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दो लाख रुपये मात्र का मुआवजा मृतक के परिवार को देने की घोषणा अत्यंत ही चिंतनीय है। जो व्यक्ति अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। उसकी हत्या के बाद दो लाख रूपये की घोषणा सरकार की मानवीय संवेदनशून्यता को दर्शाता है। इसके अलावा चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की है कि बिहार में जल्द से जल्द प्रवासी मंत्रालय का गठन किया जाए ताकि प्रवासी बिहारियों को अन्य प्रदेश में किसी भी तरह कि कोई भी कठिनाई और असुरक्षा ना हो और ऐसी घटना होने पर उनके परिजनों को समुचित मुआवजा और परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए। गौरतलब है कि, मृतक अरविंद श्रीनगर में गोलगप्पा बेचकर परिवार का भरण पोषण करता था। वह अपने पांच भाइयों में चौथे नंबर पर था । अरविंद के साथ उनका भाई गुड्डू भी श्रीनगर में रहते थे। लॉकडाउन के दौरान घर में रहने के बाद 3 महीने पहले ही अरविंद श्रीनगर गया था।

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