विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 05 अक्टूबर - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 5 अक्तूबर 2021

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 05 अक्टूबर

सीएम जन सेवा का शुभांरभ


मुख्यमंत्री जी द्वारा आत्म निर्भर मध्यप्रदेश के संदर्भ में सीएम जनसेवा का शुभारंभ किया गया है। नागरिक अपने मोबाइल से 181 पर काल कर एक दिन में घर बैठे वाट्सएप, एसएमएस पर स्थानीय निवास, आय प्रमाण पत्र एवं चालू खसरो खतौनी और नक्शा की नकल प्राप्त कर सकेंगे। सीएम हेल्पलाइन के डायरेक्टर श्री संदीप आस्थाना ने बताया कि सीएम जनसेवा के माध्यम से स्थानीय निवासी एवं आय प्रमाण पत्र निःशुल्क प्रदान किए जा रहे है। चालू खसरा, वी-1 खतौनी एवं नक्शे की नकल भी 181 पर कॉल के माध्यम से प्राप्त कर सकते है। सीएम जनसेवा अंतर्गत आवेदन के लिए नागरिको को निःशुल्क नम्बर 181 पर कॉल करना होगा। आवेदन के लिए आवेदक को स्वंय का नाम, मोबाइल नम्बर आदि का विवरण कॉल सेन्टर (181) के माध्यम से दर्ज कराना होगा। आवेदक को एसएमएस, वाटसएप के माध्यम से एक लिंक भेजी जाएगी जिसके माध्यम से आवेदक उक्त सेवाओं की डिजीटल प्रति घर बैठे एक दिन में प्राप्त कर सकेंगे। सीएम जनसेवा के माध्यम से उक्त सेवाएं अवकाश के दिन भी प्राप्त की जा सकती है।


गाइड लाइन का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा त्यौहार भाईचारे के प्रतीक, शांति समिति की बैठक सम्पन्न


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विदिशा जिले का इतिहास रहा है कि सभी त्यौहार भाईचारे की भावना को और अधिक बढ़ावा देते है। आगामी त्यौहारो के परिपेक्ष्य में की जाने वाली तैयारियों की बिन्दुवार चर्चा आज शांति समिति की बैठक में की गई। कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई इस बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका शुक्ला के अलावा समिति के सम्माननीय सदस्यगण तथा विभिन्न विभागो के अधिकारी मौजूद रहें। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित की गई शांति समिति की बैठक में कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने कहा कि आगामी त्यौहारो के परिपेक्ष्य में शासन द्वारा जो गाइड लाइन जारी की जाएगी उसका पालन हम सब मिलकर सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि समिति के पदाधिकारियों द्वारा जन हितैषी सुझावो के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाओं की पूर्ति हेतु विकल्प सुझाए गए है उन सबका  क्रियान्वयन करने के निर्देश संबंधित विभागो के अधिकारियो को कलेक्टर द्वारा दिए गए है। पुलिस कंट्रोल रूम के सभागार कक्ष में आगामी पर्वो के परिपेक्ष्य में आयोजित की गई उक्त शांति समिति की बैठक में साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था, पंडालो में विधिवत विद्युत कनेक्शन, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा, यातायात व्यवस्था, ध्वनि प्रदूषण और विसर्जन जानकी कुण्ड पर की जाने वाली व्यवस्थाओं के संदर्भ में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जबावदेंही सौपी गई है संबंधितों से अपेक्षा व्यक्त की गई कि वे अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने के उपरांत बिजली का उपयोग करे। गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी मूर्तियों का विसर्जन जानकी कुण्ड में किया जाएगा। इसके लिए तमाम प्रबंध सुनिश्चित किए जाए साथ ही साफ सफाई व प्रकाश व्यवस्था पर बल देते हुए स्थायी कुण्ड निर्माण सुझाव से अवगत कराया गया। विसर्जन स्थलों पर गोताखोर, नाव, प्रकाश और साफ सफाई के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका शुक्ला ने बैठक में बताया कि त्यौहारो के मद्देनजर किए जाने वाले प्रबंधो की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी। नियत स्थलों पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। उन्होने प्रतिमा स्थल की सुरक्षा मेंं आयोजक समिति के सदस्य भी सहयोग करे की अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि चल समारोह की झांकियों में विद्युत वायरिंग किसी भी प्रकार के हथियारों का प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। बैठक में बताया गया कि प्रत्येक मूर्ति स्थापना समिति के दस-दस नागरिकों को विशेष पुलिस अधिकारी का दायित्व सौंपा जाएगा। इसके लिए बकायदा उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने मूर्ति स्थल पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से रात्रि में बारी-बारी से विश्राम करने की सलाह दी। त्यौहारों के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे इसके लिए किए जाने वाले प्रबंधो पर विचार विमर्श किया गया है पुलिस अधीक्षक द्वारा ततसंबंध में यातायात प्रभारी तथा सिटी कोतवाली एवं देहात थाना के निरीक्षको को आवश्यक जबावदेंही सौंपी है।


जनसुनवाई कार्यक्रम में 60 आवेदन निराकृत


कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव के मागदर्शन में आहूत की गई जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 120 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से मौके पर 60 आवेदनों का निराकरण किया गया है। जिला पंचायत के सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई जनसुनवाई कार्यक्रम में जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ श्री दयाशंकर सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अमृता गर्ग सहित अन्य विभागो के अधिकारियों ने पंक्तिबद्ध रो में बैठकर आवेदको के आवेदन प्राप्त कर निराकरण कराने की पहल की गई है। 


स्थानीय अवकाश


विदिशा जिले में सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या छह अक्टूबर बुधवार को स्थानीय अवकाश सम्पूर्ण विदिशा जिले के लिए घोषित किया गया है। उक्त अवकाश बैंक, कोषालय, उपकोषालयों पर लागू नही होगा।


लखीमपुर खीरी सिर्फ घटना नहीं सरकारी संरक्षण में किसानों का नरसंहार है - शशांक भार्गव


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विदिशाः- उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा द्वारा वाहनों के काफिले से कुचलकर 5 किसानों की हत्या से पूरे देश में रोष व्याप्त है वहीं मृतक किसानों के परिजनों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की अवैधानिक गिरफ्तारी से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश का माहौल है। विधायक शशांक भार्गव के नेतृत्व में आज सुबह 11 बजे स्वामी विवेकानंद चौराहा पर एकत्रित होकर नुक्कड़ सभा के माध्यम से प्रियंका गांधी की रिहाई की मांग को लेकर केंद्र और उत्तरप्रदेश सरकार को चेतावनी दी। विरोध प्रदर्शित करने के लिए इस दौरान सभी कार्यकर्ता अपने सिर पर काला कपड़ा बांधे हुए थे। नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए विदिशा विधायक शशांक भार्गव ने लखीमपुर खीरी की घटना को सरकारी संरक्षण में किसानों का नरसंहार बताया उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा खो चुकी मोदी और योगी की सरकार किसानों की हत्या पर उतर आई है।उन्होंने कहा प्रियंका गांधी सहित अन्य कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी से विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष बसंत जैन ने कहा कि हत्या किसानों की हुई है लेकिन अर्थी मोदी और योगी सरकार की उठी है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रभुदयाल यादव,मोहित रघुवंशी,महेंद्र यादव,जिनेश जैन (टिंगी) ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के प्रति हुए इस जघन्य हत्याकांण्ड की निंदा करती है एवं किसी भी कीमत पर आरोपियों को बचाए जाने के प्रयास के खिलाफ है। प्रियंका गांधी को जब तक रिहा कर शहीद किसानों के परिवार से नहीं मिलने दिया जाता तब तक जिलेभर में विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा। नुक्कड़ सभा के बाद सभी कांग्रेसजन कतारबद्ध होकर मोदी-योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुंचे जहां विधायक भार्गव व उपस्थित कांग्रेस नेताओं ने एडीएम वृंदावन सिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की -  केन्द्र की भाजपा सरकार एवं उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार को तुरन्त बर्खास्त कर गृह राज्य मंत्री श्री अजय मिश्रा एवं उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य पर हत्या की साजिश रचने का मुकदमा कायम किया जाए एवं घटना के आरोपी गृह राज्य मंत्री श्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा व उनके साथियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। मृतक किसानों के परिजनों को 1 करोड़ की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, जिससे कि मृतक किसानों के परिवारों को न्याय प्राप्त हो सके। इस दौरान वरिस्ठ कांग्रेस नेता नंदकिशोर शर्मा, मजीद मंसूरी, सुरेश मोतियानी, शैलेंद्र कटारिया, अजय कटारे, नरेंद्र रघुवंशी, दीवान किरार, प्रियंका किरार, राजा यादव, अवधेश दुबे, वैभव भारद्वाज, अंशुज शर्मा, सुजीत देवलिया, राजेश दुबे, गोविंद भार्गव, जसवंत यादव, जितेंद्र तिवारी, डालचंद अहिरवार, बृजेन्द्र वर्मा, संयोग जैन, संतोष कुशवाह, लईक पठान, राजकुमार पासी, रामराज दांगी, नीलू यादव, विनीत दांगी, ओपी सोनी, अवधेश प्रताप सिंह, घनश्याम शर्मा, मुआज़ कामिल, संतोष गौड़, निरंजन दांगी, रामबाबू दांगी, दसरथ सेन, सोनू राजपूत, राजकुमार डिडोत, भोलाराम अहिरवार दीपक दुबे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 


मुख्यमंत्री जी ने बीमा राशि का चैक प्रदाय किया


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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा के पत्रकार स्वर्गीय श्री रामबाबू सिंह दांगी की पत्नी श्रीमती अंजली दांगी को 10 लाख रूपए का चेक भेंट किया। श्री रामबाबू सिंह दांगी की 20 अगस्त 2020 को सडक दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई थी। पत्रकार  समूह दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत उनकी पत्नी श्रीमती अंजली दांगी को निवास पर 10 लाख का चेक प्रदान किया गया। आयुक्त जनसम्पर्क श्री सुदाम खाडे, अपर संचालक जनसम्पर्क श्री सुरेश गुप्ता तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 


आबादी भू-स्वामित्व के भू-अधिकार पत्रों का वितरण आज, प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी का लाइव उद्बोधन, प्रभारी मंत्री शामिल होंगे


आबादी भू-स्वामित्व के भू-अधिकार पत्रों का वितरण संबंधी जिला स्तरीय कार्यक्रम आज बुधवार छह अक्टूबर को ग्यारसपुर में आयोजित किया गया है कि जानकारी देते हुए कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने बताया कि उपरोक्त कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री श्री विश्वास कैलाश  सारंग भी शामिल होंगे। स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख के वितरण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री जी के लाइव उद्बोधन को सुनने देखने के प्रबंध सुनिश्चित किए गए है। उक्त प्रसारण जिले की सभी ग्राम पंचायतों में देखने, सुनने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। जिला स्तरीय कार्यक्रम में पचास हितग्राहियों को अतिथियों द्वारा भू-अधिकार पत्रों का वितरण मौके पर किया जाएगा। ग्यारसपुर में आयोजित उक्त जिला स्तरीय कार्यक्रम में तमाम व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रूप से समयावधि में पूरी कराई जाएं। इसके लिए कलेक्टर श्री भार्गव ने विभिन्न विभागो के अधिकारियों को आवश्यक जबावदेंही सौंपी है। अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम ग्यारसपुर तहसील प्रागंण में बुधवार छह अक्टूबर की प्रातः 11 बजे से शुरू होगा। उक्त कार्यक्रम में स्वामित्व योजना का मुख्य उद्धेश्य संपत्ति के अधिकार का सरकारी दस्तावेंज प्रदान करना है, जिसके तहत जिले के हर संपत्ति धारक को संपत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। विदिशा जिले में कुल 1530 ग्रामो में स्वामित्व योजना का कार्य किया जाना है। आज दिनांक पांच अक्टूबर तक की स्थिति में जिले में कुल 572 ग्रामो में आबादी के सर्वे हेतु ड्रोन फ्लाई कर लिया गया है। विदिशा जिले में कुल 311 ग्राम का प्रथम प्रकाशन पूर्ण कर लिया गया है एवं 302 ग्रामो का अंतिम प्रकाशन पूर्ण किया जा चुका है। अंतिम प्रकाशन पूर्ण ग्रामो में से लगभग 290 ग्रामो के अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके है। जिन हितग्राहियें को छह अक्टूबर के कार्यक्रम में अधिकार अभिलेख का वितरण किया जाएगा।


कुपोषण कलंक को दूर करने हेतु चौ-तरफा रणनीति का क्रियान्वयन करें -संभागायुक्त

  • बाल स्वास्थ्य संवर्धन योजना के उन्मुखीकरण कार्यक्रमों में शामिल हुए

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कुपोषण के कलंक को आगामी एक माह की अवधि में अर्थात बाल दिवस 14 नवम्बर तक कुपोषित बच्चो को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए चौतरफा रणनीति का क्रियान्वयन कर हम समाज से कुपोषण को विमुक्त कर सकते है। इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाए कि चिन्हित सेम और मेम बच्चों के अलावा अन्य बच्चो पर भी ध्यान दिया जाए ताकि धोखे से सामान्य श्रेणी के बच्चे कुपोषण श्रेणी में शामिल ना हो पाए। उक्त आश्य के विचार भोपाल संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत ने मंगलवार को विदिशा जिले में आयोजित बाल स्वास्थ्य संवर्धन योजना के उन्मुखी कार्यक्रमों में व्यक्त किए है। संभागायुक्त श्री कियावत ने कहा कि बच्चे कुपोषित क्यों होते है उन कारणो को जानकार उन्हें दूर करना और कुपोषित बच्चो को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए आवश्यक प्रबंध जिसमें खाद्य सामग्री, आवश्यक दवाईयां इसके अलावा स्वच्छता संबंधी बिन्दुओं पर उन्होंने गहन प्रकाश डाला है। संभागायुक्त श्री कियावत ने कहा कि निर्धारित गाइड लाइन में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ अन्य विभागो का भी सहयोग अतिआवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिले में सेम और मेम बच्चों का चिन्हांकन किया जा चुका है अब इन बच्चों पर विशेष नजर रखनी है ताकि वे एक माह के पहले ही सामान्य श्रेणी के मापदण्डो के अनुरूप स्वस्थवर्धक हो सकें। इसके लिए उनके खान-पान, साफ सफाई, स्वास्थ्य संबंधी दवाईयों के अलावा बच्चों के अभिभावको को जागरूक करना अति आवश्यक है। इस कार्य में महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा पंचायत विभाग के अमले की महती भूमिका है।


कंट्रोल रूम

संभागायुक्त श्री कियावत ने निर्देश दिए है कि प्रत्येक परियोजना स्तर पर एक-एक कंट्रोल रूम संचालित किया जाए जिसमें परियोजना स्तर के ऐसे बच्चे जो कुपोषण की श्रेणी में शामिल है। उनकी समुचित जानकारी हो। ऐसे बच्चों के अभिभावको को कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी सम्पर्क कर बच्चों के स्वास्थ्य, खान-पान और स्वच्छता संबंधी जानकारियां प्राप्त करेंगे वही यदि किसी अभिभावक के द्वारा स्वच्छता या खान-पान में किसी भी प्रकार की दिक्कत आ रही है तो उसकी मदद के लिए आवश्यक संसाधनो का सहयोग लिया जाएगा।


डाइट

संभागायुक्त श्री कियावत ने पोषण आहार हेतु गृह संपर्क पर भी बल दिया है। उन्होंने कहा है कि बच्चों के माता-पिता को इस बात की जानकारी अवश्य दी जाए कि कुपोषित बच्चो को दिन में कम से कम सात-आठ बार खाना खिलाया जाए हर बार डाइट में परिवर्तन किया जाए। उन्होंने सदोहारण प्रस्तुत करते हुए बताया कि बच्चों को एक ही बार भर पेट खाना खिला देने से उनकी पाचन शक्ति प्रभावित हो सकती है अतः थोडी-थोडी मात्रा में भोजन कराने से वे अच्छी तरह से भोजन को सुपाच्य कर सकेंगे। खाने में पौष्टिकता पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि फल और सब्जियां भोजन में अवश्य रूप से शामिल की जाए। इसके लिए अभिभावको को सब्जी उत्पादन के लिए आवश्यक बीजो की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। ऐसे बच्चे जिन्हें दूध की आवश्यकता है उन्हें पोषक मित्रों के माध्यम से इस कार्य में मदद लेकर आवश्यक खाद्य सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के ग्राम स्तरीय अमले से कहा कि उन्हें अपने-अपने कार्यक्षेत्र में यह ज्ञात रहता है कि किस घर में बच्चा कुपोषित है उन घरो से हर रोज जीवंत सम्पर्क बनाया जाए और चर्चा कर बच्चों की मां को अभिप्रेरित किया जाए। साथ ही पोषक खाद्य सामग्र्री की आवश्यकता की पूर्ति उस घर में हो रही है कि भी जानकारी प्राप्त करें। यदि ऐसे परिवार जो पौष्टिक खाद्य सामग्री को वहन नही कर पा रहे है उन सबके लिए अन्य की मदद ली जाए।


पोषण मित्र बनकर कुपोषित बच्चे की लें जिम्मेदारी

श्री कियावत ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पोषण मित्र सहित अन्य अमला संकल्प ले कि जब तक कुपोषित बच्चे स्वस्थ्य नहीं हो जाते प्रतिदिन उनकी देखभाल करेंगे, पोषण आहार उपलब्ध कराएंगे। पोषण मित्र, ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता कुपोषित बच्चे की उसी तरह देखभाल करें जिस तरह वह अपने बच्चों की देखभाल करते हैं। उनके पर्याप्त पोषण आहार का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि अगर प्रत्येक सक्षम व्यक्ति पोषण मित्र बनकर एक-एक कुपोषित बच्चे की जिम्मेदारी ले, तो कुपोषण की समस्या को खत्म किया जा सकता है। ग्राम सेवक, सरपंच, सचिव सबका दायित्व है कि गॉव के भीतर किसी भी बच्चे को कुपोषित ना रहने दें। संभागायुक्त श्री कियावत ने कहा कि नवजात शिशु के लिए मॉ का दूध अमृत समान होता है। शिशु का पहला आहार मॉ का दूध ही होना चाहिए, यह शिशु में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। इसी प्रकार कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन प्रोटीन पाउडर, पोष्टिक भोजन, फल, दूध आदि उपलब्ध कराएं। कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन ऑगनबाड़ी लाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित आरोग्यम केन्द्रों, स्वास्थ्य केन्द्रों पर पदस्थ सीएचओ और अन्य स्वास्थ्य अमला अपने क्षेत्र के कुपोषित बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करें, अभिभावकों की काउंसलिंग करें, उन्हें पोषण आहार की जानकारी दें। संभागायुक्त ने कहा कि कुपोषित बच्चें के परिवार जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है उन्हें शासन की योजना स्ट्रीट वेण्डर, स्व-सहायता समूह सहित अन्य योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना होगा ताकि वह अपने बच्चे के समुचित पोषण आहर पर ध्यान दे सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि विकासखण्ड स्तर पर कॉल सेंटर स्थापित करें। जहां प्रत्येक कुपोषित बच्चे की जानकारी हो और परिवार के सदस्यों का नम्बर हो। कॉल सेंटर से कुपोषित बच्चों के परिजनों को प्रतिदिन फोन करें। स्वास्थ्य की जानकारी लें, समझाईश दें। संभागायुक्त श्री कियावत द्वारा बच्चों को पोषण किट भी वितरित की गई।


व्यसन से दूर रहने की सलाह

संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत ने परियोजना स्तरों पर आयोजित पोषण मित्र कुपोषित बच्चों के अभिभावको का परियोजना स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य जांच शिविर में मौजूद महिलाओं से संवाद कर घर के पारिवारिक सदस्यों से को व्यसन से दूर रहने की सलाह दें। नशा करने से अनेक प्रकार की शारीरिक मानसिक परेशानियां तो होती ही है साथ ही आर्थिक हानि भी होती है अतः नशा पर पैसा खचे करने की अपेक्षा बच्चों के स्वास्थ्य व पोषक डाइट पर राशि खर्च करें ताकि आने वाली पीढी को हम शारीरिक मानसिक रूप से सशक्त बना सकें। श्री कियावत ने कहा कि महिलाएं यदि ठान लें तो गांव में, घर में, कोई भी शराब, गुटका, सहित अन्य व्यसनों का सेवन नही कर सकेगा। जागरूकता के लिए नशा से दूर करने के अनेक उपाय संचालित किए जा रहे है अतः ऐसे व्यक्ति जो नशा के आदि हो गए है उनका नशा छुडाने के लिए महिलाएं आगे आएं।


पोषक किट

संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव के अलावा अन्य अधिकारियों व अतिथियों के द्वारा आयोजन स्थलों पर कुपोषित बच्चो के परिवारजनों को पोषक किट प्रदाय की गई है जिसका सेवन बच्चों को कराने से अवगत कराया गया है।


स्टॉलो का भ्रमण

बाल स्वास्थ्य संवर्धन योजना के तहत आयोजित परियोजना स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रमों में महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाडी केन्द्रो तथा स्वंयसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा सम्पूर्ण डाइट, पौष्टिक आहार पर तैयार किए गए भोज्य पदार्थो का प्रदर्शन कार्यक्रम स्थलों पर स्टॉलो के रूप में किया गया था जिसका अवलोकन संभागायुक्त सहित अन्य अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। संवाद के दौरान कमिश्नर श्री कियावत ने आंगनबाडी केन्द्रो की कार्यकर्ता, सहायिका सहित अन्य से कहा कि वे अपनी-अपनी आंगनबाडी केन्द्रो में कोई भी कुपोषित बच्चा ना हो इसके लिए घर-घर सम्पर्क कर कुपोषण के कारणो और निदानो की जानकारी दें। संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत ने विदिशा जिला मुख्यालय पर एसएटीआई के कैलाश सत्यार्थी सभागृह कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कुपोषित बच्चों के अभिभावको से संवाद कर उन्हें कुपोषण से बचाव के लिए किए जा रहे प्रबंधो से अवगत कराया है। इसी प्रकार ग्यारसपुर, बासौदा, कुरवाई, सिरोंज, लटेरी, नटेरन परियोजना क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एपी सिंह के अलावा स्थानीय एसडीएम तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक नकीजहां कुरैशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश शिवहरे तथा परियोजना अधिकारी, पोषण मित्र तथा गणमान्य नागरिक व महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे। 


’बुखार आने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र में जांच करायें’, ’डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया से बचाव हेतु जानकारी व अपील’


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एपी सिंह ने आमजनों से अपील कि है कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से बचाव हेतु मच्छरों की वृद्धि रोकने अपने घर व आस-पास पानी इकट्ठा न होने दें। पात्रों में भरा पानी सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें, साथ ही मच्छरों से बचाव करें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, इसके साथ ही पूरी अस्तीन के कपड़े पहने। मच्छर भगाने वाले साधन जैसे- क्रीम, क्वाइल, रिपलेन्ट इत्यादि का उपयोग करें। टायर, कबाड़ सामान ढंक्कर रखें इनमें पानी इकट्ठा नहीं होने दें। बुखार आने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र में जांच करायें। वर्षाकाल में जगह-जगह पानी इकट्ठा हो जाता है तथा हमारे घर व आसपास पानी के कन्टेनर व कबाड़ सामान, टायर, टंकी, गमले, मटके, गमले, कूलर आदि में जमा पानी में मच्छर अंडे देकर वृद्धि करते हैं। जिनके काटने से मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया बीमारी फैलने की संभावना होती है। ऐसे जलपात्रों में भरे पानी को सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। ताकि इनमें पनप रहे मच्छर के लार्वा नष्ट हो जाए व मच्छरों की वृद्धि रुक जाए। मच्छर से फेलने वाले मलेरिया रोग में सामान्यतः बुखार, कमजोरी, हाथ पैर में दर्द, उल्टी आना जैसे लक्षण हो सकते है तथा डेंगू, चिकनगुनिया बीमारी संक्रमित व्यक्ति में सामान्यतः बुखार, सिर व आंखों में दर्द, हाथ पैर में दर्द, उल्टी आना, शरीर पर चकत्ते आना जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में मरीज को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में निःशुल्क खून जाँच व स्वास्थ्य परीक्षण कराना चाहिये तथा चिकित्सीय परामर्श से दवा का पूर्ण सेवन करना चाहिये। वर्षाकाल के दौरान मच्छरों से फेलने वाली वाहक जनित बीमारी मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया से बचाव के लिये फील्ड में कार्यरत अमला ग्राम में लार्वा सर्वे व बुखार के रोगियों की जांच कर रहा है एवं वाहक जनित रोग- मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया से बचाव व रोकथाम हेतु लोगों को जानकारी दे रहा है। 


’डीएपी उर्वरक के विकल्पों का उपयोग करने की सलाह’


संभाग के कृषक बंधुओं से किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के संयुक्त संचालक ने आग्रह किया है कि किसान बंधु डीएपी उर्वरक पर निर्भर ना रहें। उसकी जगह अन्य विकल्पों का उपयोग करें। डीएपी (डायअमोनियम फास्फेट) उर्वरक एक महत्वपूर्ण उर्वरक है जिसमें 18 प्रतिशत नाइट्रोजन तथा 46 प्रतिशत फास्फोरस होता है। किसान भाई फसलों में नाइट्रोजन तथा फास्फोरस दोनो की पूर्ति हेतु उर्वरक का उपयोग कई बार से करते आ रहे है जिससे डीएपी उपयोग के आदी हो चुके है। भारत सरकार द्वारा 12 सौ रूपए प्रति बोरी की सब्सिडी दी जा रही है। डीएपी उर्वरक की अधिकतम मात्रा विदेशों से आयात की जाती है। किसान भाई अपनी फसलों के लिए आवश्यक पौषक तत्वों की पूर्ति डीएपी के स्थान पर अन्य उर्वरकों से करनी होगी। किसान भाई डीएपी के स्थान पर नाइट्रोजन एवं फास्फोरस की पूर्ति बाजार में उपलब्ध अन्य उर्वरकों जैसे यूरिया, सिंगल सुपर फास्फेट तथा एनपीके आदि उर्वरको से पूर्ति कर सकते है।


अशासकीय कालेजों के लिए अकादमिक कैलेंडर जारी


शासकीय, अनुदान प्राप्त अशासकीय, निजी और अशासकीय महाविद्यालयों के स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए प्रवेश नियम, मार्गदर्शी सिद्धांत, अकादमिक कैलेण्डर एवं ऑनलाइन प्रवेश समय-सारणी जारी की गई है। ऑनलाइन ई-प्रवेश प्रक्रिया 2021-22 के तहत सी.एल.सी. अतिरिक्त चरण की प्रवेश प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक संचालित रहेंगी। नवीन आवेदकों के लिये 8 अक्टूबर तक ऑनलाइन पंजीयन एवं सत्यापन की सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। सी.एल.सी. अतिरिक्त चरण के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीकृत एवं सत्यापित आवेदक महाविद्यालय में स्वयं उपस्थित होकर निर्धारित तिथियों में रिक्त सीटों के लिये प्रात 10 से 12 बजे तक आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन के साथ कोई भी दस्तावेज संलग्न नहीं होगा। विद्यार्थियों को सी.एल.सी. अतिरिक्त चरण के लिये आवेदन का प्रारूप एम.पी. ऑनलाइन के epravesh-mponling-gov-in पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रत्येक महाविद्यालय आवेदन-पत्र का प्रारूप आवेदकों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। महाविद्यालय प्रतिदिन अपरान्ह एक बजे मेरिट लिस्ट तैयार कर नोटिस-बोर्ड पर चस्पा करेंगे और ऑनलाइन शुल्क भुगतान के लिये लिंक इनिशिएट करेंगे। प्रवेश शुल्क का ऑनलाइन भुगतान अपरान्ह एक बजे से दूसरे दिन प्रातरू 11 बजे तक रहेगा।

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