बिहार : नीतीश सरकार में जनता का बुरा हाल : तारिक अनवर - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 24 नवंबर 2021

बिहार : नीतीश सरकार में जनता का बुरा हाल : तारिक अनवर

  • न शिक्षा, न स्वास्थ्य न रोजगार केवल भ्रष्टाचार

tariq-anwar
पटना. नीतीश कुमार के पंद्रह साल में जनता का बुरा हाल हो चुका है. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा के न होने से बिहार अपने बुरे दौर से गुजर रहा है.ये बातें अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव और केरल के प्रभारी तारिक अनवर ने बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही. उन्होंने कहा कि 15 साल के नीतीश कुमार के शासन काल में एकमात्र उपलब्धि नीतीश कुमार की यह रही है कि वें येन केन प्रकारेण सत्ता का नेतृत्व ले रहे हैं. जबकि उनके शासन काल में शिक्षित बेरोजगारों की भरमार, अपराधियों का अंबार, स्वास्थ्य एवं शिक्षा भी बेकार और घोटालों का अंबार लगा हुआ है. उनके ही सहयोगी भाजपा की केंद्र में सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार हर मोर्चे पर विफल हो चुका है ऐसी रिपोर्ट आई है.स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, कृषि अनुसंधान, उद्योग, कृषि आधारित उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं में बिहार विफल हो चुका है और रही सही कसर भ्रष्टाचार ने पूरी कर दी है. बिहार देश का पहला राज्य जहां के मुख्यमंत्री पर देश के प्रधानमंत्री स्वयं 55 घोटाले के आरोपी बताएं चुनावों में फिरते थे और तब फिर उसी प्रधानमंत्री के सहयोग से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनें.मतलब साफ है कि मलाई दोनों लोग मिलकर खा रहे हैं. संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा कि बिहार में राज भवन बनाम सरकार का टकराव खुलेआम हो चुका है और यहां कुलपति भ्रष्टाचार के जुर्म में फरार हो रहे हैं. बिहार के अनेक विश्वविद्यालयों में अवैध नियुक्ति,  आउटसोर्सिंग और पैसों का फर्जीवाड़ा जिस प्रकार से प्रकाश में आया है, यह दर्शाता है कि राजभवन एवं सरकार  मिलकर लूट की खुली छूट का मजा ले रहे हैं. बिहार के शिक्षा व्यवस्था को चौपट किया जा रहा है, इसलिए बिहार के विश्वविद्यालय में हुए फर्जीवाड़ों की जांच सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से होनी ही चाहिए. इस दौरान संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह धीरज, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, विधायक इजहारुल हुसैन, प्रवक्ता जया मिश्र, युवा कांग्रेस अध्यक्ष गुंजन पटेल, पूर्व विधायक गजानन शाही,ज्ञान रंजन  सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें.

कोई टिप्पणी नहीं: