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बुधवार, 1 दिसंबर 2021

बिजली संयंत्रों में कोयला भंडार पर्याप्त स्थिति तक पहुंचा : सरकार

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नयी दिल्ली, एक दिसंबर, सरकार ने बुधवार को बताया कि आपूर्ति बढ़ने के कारण नवंबर तक विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार बढ़कर 9 दिनों के लिये पर्याप्त स्थिति के स्तर पर पहुंच गया है जो अक्टूबर के प्रारंभ में 4 दिनों के लिये उपयोग के लिहाज से पर्याप्त स्तर पर था। लोकसभा में वाई एस अविनाश रेड्डी के प्रश्न के लिखित उत्तर में कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने यह जानकारी दी। रेड्डी ने ताप विद्युत संयंत्रों के समक्ष कोयले की कमी के विषय को उठाते हुए पूछा था कि इसकी कमी के क्या कारण हैं और इसे दूर करने के लिये क्या कदम उठाये जा रहे हैं। इस पर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि बिजली की मांग बढ़ने, आयातित कोयला आधारित विद्युत संयंत्रों द्वारा कम विद्युत उत्पादन होने और भारी वर्षा के कारण कोयले की आपूर्ति में कुछ व्यवधान के कारण 8 अक्तूबर की स्थिति के अनुसार विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार घटकर 72 लाख टन हो गया था जो चार दिनों के लिये पर्याप्त था। कोयला एवं खान मंत्री ने कहा कि आपूर्ति बढ़ने के कारण 25 नवंबर तक विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार बढ़कर 167.4 लाख टन हो गया जो 9 दिनों के उपयोग के लिये पर्याप्त है। मंत्री ने बताया कि देश में बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिये कोयला आपूर्ति में सुधार के उद्देश्य से कई कदम उठाये गए हैं। इस विषय पर विद्युत मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, रेल मंत्रालय, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, कोल इंडिया लिमिटेड, एससीसीएल के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए अंतर मंत्रालयी उप समूह की बैठकें नियमित रूप से होती रहती हैं। उन्होंने बताया कि इन बैठकों में विद्युत संयंत्रों में कोयला भंडार की संकटपूर्ण स्थिति सहित विद्युत क्षेत्र से संबंधित किसी तरह की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिये परिचालनात्मक निर्णय लिये जाते हैं। जोशी ने बताया कि घरेलू कोयला उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खनिज रियासत नियम 1960 में संशोधन किया गया है। इसके अलावा इस वर्ष के प्रारंभ में खान एवं खनिज विकास एवं विनिमय संशोधन अधिनियम में संशोधन किया गया है।

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