1 जनवरी से कपड़े, जूते और Online फुड पर देने होंगे ज्यादा पैसे - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2021

1 जनवरी से कपड़े, जूते और Online फुड पर देने होंगे ज्यादा पैसे

gst-encrease-on-cloaths-shoes-online-food
नयी दिल्ली : नववर्ष 2022 की 1 जनवरी से आपको कपड़े, जूते तथा आनलाइन फुड मंगाने के लिए जेब से अभी के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। सरकार ने इन वस्तुओं पर लगने वाली जीएसटी बढ़ाने का फैसला किया है। अब इनपर पहली जनवरी से पांच फीसदी की जगह 12 फीसदी जीएसटी लगेगा। इस बढ़ोतरी की सिफारिश पहले ही सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स द्वारा की जा चुकी है। अब कंपनियों का इनपुट टैक्स क्रेडिट पांच प्रतिशत के हिसाब से बनेगा पर सात प्रतिशत टैक्स उन्हें अपने पल्ले से भरना पड़ेगा। अब जोमैटो, स्विगी, ओला और ऊबेर जैसे ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स पर नए जीएसटी का बोझ पड़ेगा। यानी अब 1 जनवरी से नए जीएसटी नियम लागू हो जाएंगे। मौजूदा जीएसटी व्यवस्था के तहत दो मासिक रिटर्न (जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-3बी) हैं, जो एक कंपनी को वार्षिक कारोबार 5 करोड़ रुपये से अधिक होने पर दाखिल करना होता है। GSTR-1 एक रिटर्न है जो बिक्री चालान दिखाता है और GSTR-3B हर महीने दायर एक स्व-घोषित सारांश जीएसटी रिटर्न है। ऐसे में व्यवसायों को सुनिश्चित करने की जरूरत होगी कि GSTR-3B और GSTR-1 के बीच कोई मेल न हो। इसमें गड़बड़ हुई तो सरकार को कॉरपोरेट परिसर में बिक्री राशि के लिए जीएसटी वसूली का अधिकार होगा। नए नियम के मुताबिक, वसूली के लिए कोई नोटिस देने की जरूरत नहीं है।

कोई टिप्पणी नहीं: