बिहार : इस सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं : राबड़ी देवी - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 1 दिसंबर 2021

बिहार : इस सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं : राबड़ी देवी

no-one-safe-in-bihar-rabri-devi
पटना : बिहार में शराबबंदी के साथ ही साथ अस्पतालों में लचर हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने एक बार फिर से बुधवार यानी शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन विधान परिषद में प्रदर्शन किया।दरअसल, बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री और राजद नेत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में राजद के विधान पार्षदों ने सदन पोर्टिको में कार्यवाही शुरू होने के पहले प्रदर्शन किया। इस दौरान राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून केवल दिखावा बनकर रह गया है, और शराब माफिया पुलिस के साथ गठजोड़ कर काम कर रहा है। वहीं, इसके बाद जैसे ही आज तीसरे दिन का सदन चालू हुआ विपक्ष के नेता अपने स्थान पर उठ खड़े होकर विधानसभा परिसर में शराब की बोतल मिलने को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। हालांकि बाद में सभापति द्वारा यह कहने पर की इसकी जांच चल रही है कल ही विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी जांच की अनुमति दे दी है और जांच में जो निर्णय होगा उसी अनुसार करवाई होगी, सदन में हंगामा शांत हुआ। इसके पहले राजद नेत्री राबड़ी देवी ने मुजफ्फरपुर आंख कांड को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। इस मामले में तुरंत जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि किसके अनुमति पर वहां कैंप लगाया गया था। यह बहुत बड़ी चिंता की बात है और स्वास्थ्य मंत्री को इस बात की जानकारी होनी चाहिए। बता दें कि, बिहार विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री चेंबर के कुछ ही दूरी पर विधानसभा पार्किंग में शराब की बोतलें मिली थी इसके बाद विपक्ष द्वारा इसको लेकर सदन के अंदर सरकार को घेरने का भरसक प्रयास किया गया था। वहीं, दूसरी तरफ मुजफ्फरपुर में आंख जांच को लेकर एक कैंप लगाया गया था जहां फ्री में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया जा रहा था। इस दौरान 300 से अधिक मरीजों की आंख का इलाज हुआ, जिसमें 26 से अधिक की एक आंख की रोशनी चली गई। वहीं, इस 26 में से 4 रोगियों की एक आंख निकाल दिया। शेष रोगियों के लिए भी यही आखिरी इलाज बताया है। वहीं, अब इस बात को लेकर विपक्ष को बहुत बड़ा मुद्दा मिल गया है और वह इस मसले को लेकर मंत्री और सरकार दोनों पर हमलावर हो गई है।

कोई टिप्पणी नहीं: