बिहार : गया जिले में नीरा के उत्पादन को मार्च से - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शनिवार, 22 जनवरी 2022

बिहार : गया जिले में नीरा के उत्पादन को मार्च से

neera-production-in-gaya
गया, 21 जनवरी । गया जिले में नीरा के उत्पादन को मार्च 2022 से प्रारंभ करने, एक्टिव टेपर्स का सर्वे करने, 100 प्रोडक्शन ग्रुप तैयार करने, टेपर्स को लाइसेंस उपलब्ध कराने, अधिक से अधिक ताड़ी उत्पादकों को नीरा उत्पादन में लगाने तथा अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य दायक नीरा पीने हेतु प्रेरित करने से संबंधित बैठक का आयोजन जिला पदाधिकारी गया श्री त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित किया गया। बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि एक्टिव टैपर्स के सर्वेक्षण के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी बनाने तथा पंचायत स्तर पर आवश्यक कर्मियों यथा सेविका, विकास मित्र, चौकीदार, जीविका कम्युनिटी मोबिलाइजर को लगाया जा सकता है। साथ ही इस समुदाय के प्रतिनिधियों को टैपर्स के चयन हेतु लगाया जा सकता है।  नगर पंचायत, नगर परिषद तथा नगर निगम को भी टेपर्स के सर्वेक्षण में लगाया जा सकता है। बैठक में डीपीएम जीविका द्वारा बताया गया कि जिले में मार्च के दूसरे सप्ताह से नीरा उत्पादन कराने के लिए तैयारी की जा रही है। 18 जनवरी से 20 जनवरी के बीच प्रखंड स्तर पर जीविका के 288 कर्मचारियों को दो दिवसीय ट्रेनिंग करवाया जा चुका है।  सभी कर्मचारियों को नीरा उत्पादक समूह में जोड़ने का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में 25 प्रोडक्शन ग्रुप संचालित हैं तथा वर्तमान में नए 75 प्रोडक्शन ग्रुप का चयन किया गया है। गया जिले में वर्तमान में लगभग 2000 ताड़ चढ़ने वाले समूहों को चिन्हित किया गया है। जिला पदाधिकारी ने पासी समुदाय तथा तार चढ़ने वाले समूह को सर्वेक्षण कराने में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नीरा उत्पादन करने वाले समूहों को पर्याप्त लवनी, पीएच मशीन, पीएच पेपर, रिफ्रैक्टो मीटर जो ग्लूकोज की मात्रा को दर्शाता है, गैस चूल्हा, बर्तन सेट इत्यादि सामग्रियों को उपलब्ध कराया जाएगा।  जिला पदाधिकारी ने सहायक आयुक्त उत्पाद को पर्याप्त संख्या में नीरा उत्पादन के लिए लाइसेंस निर्गत करने का निर्देश दिया साथ ही प्रचार प्रसार पर विशेष बल देने का निर्देश दिया ताकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के सभी लोग इस व्यवसाय को अच्छी तरह से समझ कर इसमें जुड़ सकें। जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस तथा जीविका के पदाधिकारी को निर्देश दिया कि  वे नीरा उत्पादन से जुड़े संगठनों एवं पासी समुदाय के लोगों का सर्वे कराने में तेजी लावे।  जिला पदाधिकारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराने प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से नीरा उत्पादन के प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त श्री सुमन कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी  शंभू नाथ झा, जिला कृषि पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता  अमृता ओशो, वरीय उप समाहर्ता सह प्रभारी पदाधिकारी जिला गोपनीय शाखा श्री शाहबाज खान, डीपीओ आईसीडीएस, डीपीएम जीविका, जिला कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

कोई टिप्पणी नहीं: